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गया। बिहार के गया में दो इंटर स्टेट कुख्यात हार्डकोर नक्सलि‍यों ने आर्म्स और 57 जिंदा कारतूस के साथ पुलिस के समक्ष सरेंडर किया है। दोनों नक्सली IED विस्फोटक लगा कर विस्फोट कर उड़ा देने समेत दर्जनों मामले में वांछित थे। यह जानकारी एसएसपी आशीष भारती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।

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एसएसपी ने बताया कि  सुरक्षाबलों की कार्रवाई से प्रभावित होकर दो नक्सलियों ने गया पुलिस व 205 कोबरा बटालियन, सीआरपीएफ 159 बटालियन व एसएसबी 32 बटालियन के समक्ष सरेंडर किया है। सरेंडर करने वाले दोनों कुख्यात नक्सलि‍यों की उम्र 18 वर्ष है। एसएसपी ने बताया कि नक्सलियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार स्पेशल ऑपरेशन चलाये जा रहे हैं। इसी क्रम में इंटर स्टेट कुख्यात हार्डकोर नक्सली प्रदीप सिंह भोक्ता उर्फ नीरज एवं दिनेश भुईया उर्फ उमेश उर्फ मिठ्ठु ने सरेंडर किया है। उन्होंने बताया कि सरेंडर करने वाले दोनों नक्सली बिहार और झारखंड में दर्जनों नक्सली कांडों में वांछित एक्युज्ड थे। झारखंड स्टेट में भी इन दोनों के विरुद्ध कई कांड दर्ज है। इनके द्वारा अपने साथियों के साथ मिलकर कई जघन्य कांडों को अंजाम दिया गया है।

एसएसपी ने बताया कि प्रदीप सिंह भोक्ता बड़े-बड़े नक्सली वारदात में शामिल रहा है। वर्ष 2019 में प्रदीप सिंह भोक्ता ने नक्सली संगठन के लुतुआ में नक्सली घटना को अंजाम दिया था, जिसमें सीआरपीएफ के सब इंस्पेक्टर रोशन सिंह शहीद हो गए थे, उन्हें आईडी ब्लास्ट कर उड़ा दिया गया था। इसके अलावा 2020 -21 और 22 में भी नक्सली घटना को अंजाम देने में शामिल रहा है।एसएसपी ने बताया कि सरेंडर पॉलिसी के तहत दोनों नक्सलियों को ढाई-ढाई लाख रुपये मिलेंगे। यह राशि प्रदीप व दिनेश के बैंक अकाउंट में एफडी के रूप में जमा होंगे। इश राशि का उपयोग वे तीन साल बाद कर सकेंगे।