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  • बिहार में प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया पर कस रहा शिकंजा

मोतिहारी। बिहार में प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के किलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पीएफआई टेरर केस में बिहार पुलिस ने एनआईए के वांटेड पीएफआइ के बिहार स्टेट सेकरेटरी सचिव रियाज मारूफ को पूर्वी चंपारण जिले के चकिया से अरेस्ट कर लिया है।

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बताया जाता है कि शनिवार की सुबह शहर के वार्ड 13 कुअवा निवासी पीएफआई का राज्य सचिव रियाज मारूफ मछली खरीदने के लिए बाजार आया हुआ था। वह जब मछली खरीदकर वापस लौट रहा था। गुप्त सूचना के आधार पर लोकल पुलिस ने उसे सुभाष चौक के निकट से अरेस्ट कर लिया। पीएफआई के स्टेट सेकरेटरी की तलाश एटीएस और एनआईए की टीमों को काफी दिनों से थी। रियाज मारूफ को अरेस्ट करने के बाद पुलिस उसे गुप्त स्थान पर रखकर पूछताछ कर रही है। वहीं, पुलिस की ओर से रियाज को अरेस्ट किये जाने की सूचना एनआईए और एटीएस को भी दे दी गई है। एनआईए की टीम ने कई बार रियाज मारूफ की अरेस्टिंग के लिए रेड की थी, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली थी।

बिहार में कर रहा था आतंकी संगठन का विस्तार
रेयाज मरूफ चकिया पुलिस स्टेशन एरिया के कुंअवा गांव का निवासी है। एनआईए की टीम उसकी अरेस्टिंग के लिए कई बार गांव में रेड कर चुकी है।  रेयाज मोतिहारी एवं आसपास के इलाके में पीएफआई के आतंकी संगठन का विस्तार में जुटा हुआ था। पटना के फुलवारीशरीफ टेरर ट्रेनिंग कैंप मामले में दो आरोपियों की अरेस्टिंग के बाद पूछताछ में उसका नाम सामने आया था।
चकिया पुलिस स्टेशन एरिया के कुंअवा गांव निवासी रियाज की गिरफ्तारी एनआईए की टीम कई बार गांव में रेड कर चुकी है। उसके साथियों एंव पीएफआई के अन्य सदस्यों को एटीएस, पुलिस एवं एनआईए की टीमें पहले ही अरेस्ट कर चुकी हैं। फुलवारीशरीफ से पूर्व में पकड़े गये अतहर एवं जलालुद्दीन से पूछताछ में रेयाज का नाम आया था। तब से बिहार पुलिस और एनआईए को उसकी तलाश थी। एसपी कांतेश कुमार मिश्र ने कहा है कि पीएफआई के संदिग्ध रेयाज मारूफ को कस्टडी में लिया गया है। 
फरार रियाज अक्सर आता था गांव
बताया जाता है कि बिहार में पीएफआई (PFI) पर शिकंजा कसे जाने को लेकर शुरू हुई रेड के बाद रियाज मारूफ भी फरार हो गया था।  फरारी के बावजूद रियाज अक्सर अपने घर पर रहता था, लेकिन कोई इसकी सूचना पुलिस को नहीं देता था। यहां तक कि फरारी के दौरान ही रियाज ने चुनाव कैम्पेनिंग कर चकिया नगर परिषद के वार्ड 13 से अपनी भाभी रजिया खातून को नगर पार्षद का चुनाव भी जितवाया था।

पीएफआई  को मजबूत करने की कोशिश में था रियाज
आरोप है कि फरारी के दौरान रियाज पीएफआई को लगातार मजबूत बनाने में जुटा रहा। उसने चकिया और मेहसी के अलावा आसपास के बहुत से युवाओं को संगठन में जोड़कर उन्हें देश विरोधी गतिविधियों के लिए तैयार किया।