बिहार विधान परिषद उपचुनाव: BJP का बड़ा दांव, मंगल पांडेय की खाली सीट से अरविंद शर्मा होंगे उम्मीदवार

बिहार विधान परिषद उपचुनाव में बीजेपी ने मंगल पांडेय की खाली हुई सीट पर सूर्य कुमार Sharma उर्फ अरविंद शर्मा को उम्मीदवार बनाया है। 40 साल से संगठन में सक्रिय शर्मा पर भाजपा ने बड़ा दांव खेला है।

बिहार विधान परिषद उपचुनाव: BJP का बड़ा दांव, मंगल पांडेय की खाली सीट से अरविंद शर्मा होंगे उम्मीदवार
सूर्य कुमार शर्मा उर्फ अरविंद शर्मा 9फाइल फोटो)।
  • चार दशक से संगठन के सिपाही रहे सूर्य कुमार शर्मा पर भाजपा ने जताया भरोसा
  •  सम्राट चौधरी ने कहा—समर्पित कार्यकर्ताओं के सम्मान का फैसला

पटना (Threesocieties.com Desk): बिहार की राजनीति में विधान परिषद उपचुनाव को लेकर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और सीवान विधायक मंगल पांडेय के इस्तीफे से खाली हुई विधान परिषद सीट पर अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने संगठन के पुराने, भरोसेमंद और समर्पित चेहरे सूर्य कुमार शर्मा उर्फ अरविंद शर्मा को चुनावी मैदान में उतारा है।

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इस घोषणा के साथ ही लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लग गया है। पहले इस सीट के लिए उपेंद्र कुशवाहा के बेटे और पूर्व मंत्री दीपक प्रकाश के नाम की चर्चा जोरों पर थी, लेकिन भाजपा ने अंततः संगठन के भीतर से ही एक अनुभवी और वफादार कार्यकर्ता पर भरोसा जताया।

संगठन के सिपाही को मिला इनाम
सूर्य कुमार शर्मा पिछले लगभग 40 वर्षों से भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता रहे हैं। उन्होंने संगठन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं और कई जिलों के प्रभारी के रूप में भी काम किया है। वर्तमान में वे बिहार बीजेपी के प्रदेश कार्यालय प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
सम्राट चौधरी के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद उन्हें यह अहम जिम्मेदारी सौंपी गई थी। शांत स्वभाव, मजबूत संगठन क्षमता और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय के कारण वे पार्टी के भरोसेमंद रणनीतिकार माने जाते हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह फैसला संगठन के समर्पित कार्यकर्ताओं को बड़ा संदेश देता है कि मेहनत और निष्ठा का सम्मान भाजपा में अब भी सर्वोपरि है।

CM सम्राट चौधरी ने दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पर सूर्य कुमार शर्मा की उम्मीदवारी पर शुभकामनाएं देते हुए इसे संगठन के समर्पित कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने लिखा कि यह निर्णय मेहनत, निष्ठा और संगठन के प्रति समर्पण का सम्मान है। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह और बढ़ गया है। राजनीतिक गलियारों में इसे संगठनात्मक मजबूती और कार्यकर्ता-आधारित राजनीति का बड़ा संकेत माना जा रहा है।

जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधने की रणनीति
बीजेपी ने सूर्य कुमार शर्मा को उम्मीदवार बनाकर एक तीर से कई निशाने साधने की कोशिश की है। सूर्य कुमार शर्मा सवर्ण समाज की भूमिहार जाति से आते हैं। ऐसे में पार्टी ने अपने पारंपरिक कोर वोट बैंक को मजबूत संदेश देने का प्रयास किया है।
साथ ही वे मूल रूप से पटना जिले के रहने वाले हैं, जिससे क्षेत्रीय स्तर पर भी कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भाजपा ने इस चयन के जरिए न केवल जातीय समीकरण साधा है, बल्कि संगठनात्मक संतुलन भी मजबूत किया है।

मंगल पांडेय की सीट क्यों हुई खाली?
यह सीट पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय की थी। वे सीवान से बीजेपी विधायक निर्वाचित हुए थे, जिसके बाद विधान परिषद की यह सीट खाली हो गई थी। अब इस रिक्त सीट पर उपचुनाव कराया जा रहा है। विधानसभा कोटे की इस सीट पर भाजपा का संख्या बल मजबूत होने के कारण सूर्य कुमार शर्मा की जीत लगभग तय मानी जा रही है। कई राजनीतिक विश्लेषक इसे निर्विरोध जीत की संभावना भी बता रहे हैं।

30 अप्रैल नामांकन की आखिरी तारीख
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, इस उपचुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 30 अप्रैल निर्धारित की गई है। भाजपा उम्मीदवार जल्द ही अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। अब सभी की नजर इस बात पर है कि विपक्ष इस सीट पर उम्मीदवार उतारता है या भाजपा के लिए यह चुनाव औपचारिकता भर साबित होगा। अब तक विपक्ष की ओर से कोई प्रत्याशी सामने नहीं आया है, जिससे मुकाबला एकतरफा दिख रहा है। विधानसभा के सदस्यों द्वारा होने वाले इस चुनाव में भाजपा का पलड़ा भारी है। 

चुनाव प्रक्रिया पर एक नजर
नामांकन की अंतिम तारीख: 30 अप्रैल
जांच: 2 मई
नाम वापसी: 4 मई
मतदान (जरूरत पड़ने पर): 12 मई
परिणाम: 12 मई को ही
इस सीट का कार्यकाल 6 मई 2030 तक है। यह सीट तब खाली हुई थी जब मंगल पांडेय ने 16 नवंबर 2025 को विधान परिषद की सदस्यता छोड़ी थी।