बिहार: पटना में इलिगल बालू माइनिंग के विवाद में पांच की मर्डर! देर रात दो गुटों में हुई फायरिंग नहीं मिली एक भी बॉडी

हार राजधानी पटना से सटे बिहटा के दियारा इलाके में बुधवार देर रात इलिगल बालू माइनिंग को लेकर दो गुटों के बीच भिड़ंत में जमकर फायरिंग हुई। इस घटना में पांच से ज्यादा लोगों के मारे जाने की खबर है।

बिहार: पटना में इलिगल बालू माइनिंग के विवाद में पांच की मर्डर! देर रात दो गुटों में हुई फायरिंग नहीं मिली एक भी बॉडी

पटना। बिहार राजधानी पटना से सटे बिहटा के दियारा इलाके में बुधवार देर रात इलिगल बालू माइनिंग को लेकर दो गुटों के बीच भिड़ंत में जमकर फायरिंग हुई। इस घटना में पांच से ज्यादा लोगों के मारे जाने की खबर है। कई लोगों के घायल होने की बात आ रही है। हालांकि अभी इसकी ऑफिसियल पुष्टि नहीं हो पाई है।कोई बॉडी भी नहीं मिली है। कई पुलिस स्टेशन की पुलिस मौके पर पहुंचकर छानबीन रही है। 

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बताया जाता है कि बिहटा के अमनाबाद में सोन नदी से बालू के इलिगल माइनिंग को लेकर दो गुटों के बीच रात 11 बजे से फायरिंग की शुरुआत हुई। वर्चस्व की लड़ाई में बेखौफ बालू माफिया दोनों ओर से ताबड़तोड़ फायरिंग करते रहे। ग्रामीणों का कहना है कि फायरिंग में पांच लोगों की मौत हुई है। गोली लगने से कई लोग घायल भी हुए हैं। घायलों का इलाज आसपास के हॉस्पिटल में पुलिस से छिपकर कराया जा रहा है। 
पटना के एसएसपी डॉ मानवजीत सिंह ढिल्लों ने बताया कि फिलहाल गोलीबारी में किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मौके पर गई लेकिन कोई बॉडी नहीं मिली। अन्य जगहों पर तलाशी जारी है। हालांकि, बिहटा थानाध्यक्ष ने कहा कि जब तक बॉडी नहीं मिल जाता, तब तक पुष्टि कैसे की जा सकती है। नदी और बालू में जांच-पड़ताल की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जिन्हें गोली लगी है उनमें  मनेर के तीन और भोजपुर के एक  हैं। मनेर के तीनों व्यापुर और गौरैया स्थान के रहने वाले हैं।  एक भोजपुर पुलिस स्टेशन के  रामपुर चांदी का रहने वाला विमलेश था।  विमलेश का बॉडी उसके घर पहुंचा है। मनेर के तीनों लोगों के परिजन भी विलाप कर रहे हैं। हालांकि अभी कोई मौत की पुष्टि नहीं कर रहा है। लोदीपुर और व्यापुर निवासी शत्रुघ्न राय, हरेंद्र राय और गोरेलाल यादव को गोली गोली लगी है। शत्रुघ्न गैंग का सरगना बताया जा रहा है।
बताया जाता है कि जहां यह घटना हुई है, वह काफी दुर्गम इलाका है। वहां जाने से पुलिस भी हिचकती है। यही कारण है कि रात 11 बजे से हो रही फायरिंग की घटना के बावजूद पुलिस गुरुवार सुबह पहुंची। घटनास्थल पर खून के धब्बे मिले हैं। गोलियों का डब्बा भी मिला है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां बालू माफिया के कारण दहशत का माहौल रहता है। कोई कुछ कहने की हिम्मत नहीं जुटा पाता।