पटना। बिहार में सरकारी राशि में गबन और भ्रष्टाचार के आरोप में निगरानी की स्पेशल कोर्ट ने एक्स IAS एसएम राजू की नियमित जमानत याचिका रद करते कर दी है। कोर्ट ने उन्हें 30 जनवरी तक के लिए बेउर जेल भेज दिया है।
यह भी पढ़ें:Wrestlers Protest : जांच के लिए सात सदस्यीय समिति का गठन, जांच तक संघ के कार्य से अलग रहेंगे बृजभूषण
और भी पढ़ें
- बेंगलुरु में पारिवारिक विवाद बना नरसंहार, कैब ड्राइवर ने पत्नी समेत 7 को मारा
- ऐश्वर्या-अभिषेक का दिखा रोमांटिक अंदाज, हाथों में हाथ डाल दीवाली पार्टी में पहुंचे
- JSSC-CGL पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, रद्दीकरण का आदेश निरस्त; 2000 अफसरों को राहत
- पटना में STF का बड़ा एनकाउंटर: पैक्स अध्यक्ष हत्याकांड के 3 आरोपी ढेर
सरकारी राशि में गबन के आरोप में मुकदमा
राजू ने 18 जनवरी को निगरानी कोर्ट में सरेंडर कर नियमित जमानत की मांग की थी। 17 जनवरी को इस मामले की सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। इस वजह से आरोपित को 20 जनवरी तक के लिए अंतरिम राहत दी गई थी। राजू पर महादलित विकास मिशन के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी के पद पर रहते हुए सरकारी राशि में गबन के आरोप में मुकदमा चल रहा था।
योजनाओं के नाम पर करोड़ों रुपये गबन
बिहार गवर्नमेंट ने 13 वर्ष पूर्व महादलित विकास मिशन का गठन किया था। मिशन ने 2010 से अपने कार्य प्रारंभ किए। इस मिशन के प्रमुख कार्य विकास मित्रों की नियुक्ति, सहायता काल केंद्रों की स्थापना, सामुदायिक भवन सह शेड का निर्माण, विशेष विद्यालय सह छात्रावास का निर्माण, दशरथ मांझी कौशल विकास योजना का संचालन, महादलित बस्तियों में रेडियो वितरण जैसे कार्य थे। आइएएस अफसर एसएम राजू को सरकार ने महादलित विकास मिशन का मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी नियुक्ति किया था। आरोप है कि महादलित विकास मिशन का मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी बनने के बाद एसएम राजू व अन्य आरोपियों ने मिलकर एक षड्यंत्र के तहत प्रशिक्षण लेने वालों का गलत आंकड़ा और खर्च दिखा 2010 से 2016 के बीच मिशन के अंतर्गत चल रही योजनाओं के नाम पर करोड़ों रुपये गबन कर लिये।
स्पेशल विजीलेंस कोर्ट ने जमानत याचिका किया रद
घोटाला उजागर होने के बाद मिशन की ओर से चीफ सेकरटेरी को पत्र लिखा गया। पत्र के आलोक में सरकार ने जांच का जिम्मा विजीलेंस को सौंपा। इसके बाद निगरानी ब्यूरो ने मामले की जांच शुरू की आरोपियों के खिलाफ निगरानी ने कांड संख्या 181/2017 दर्ज किया। आरोपियों पर आइपीसी की सेक्शन 406, 409, 420, 467, 478, 471, 477 (ए) एवं 120 (बी) लगाई गई।इस घोटाले में एसएम राजू के साथ केपी रमैया, रामाशीष पासवान, प्रभात कुमार, उमेश मांझी व अन्य अन्य को आरोपी बनाया गया। लंबे समय तक चली जांच के बाद विजीलेंस ने आरोपित के खिलाफ 25 अप्रैल 2019 को चार्जशीट दाखिल किया था। इसी मामले में राजू नियमित जमानत के लिए स्पेशल विजीलेंस कोर्ट गये थे। कोर्ट उनकी जमानत याचिका को रद करते हुए जेल भेज दिया गया।