धनबाद: वासेपुर कनेक्शन का बड़ा खुलासा: Prince Khan गैंग को नेताओं, अफसरों और डॉक्टरों का ‘सीक्रेट सपोर्ट’!
धनबाद में गैंगस्टर प्रिंस खान के नेटवर्क का चौंकाने वाला खुलासा। पुलिस जांच में सामने आया कि नेता, सरकारी अधिकारी, डॉक्टर और बिल्डर भी गैंग को दे रहे थे मदद। पूरे सिंडिकेट की अब गहन जांच जारी।
धनबाद( Threesocieties.com Desk): वासेपुर के कुख्यात भगोड़े गैंगस्टर प्रिंस खान के नेटवर्क को लेकर ऐसा खुलासा हुआ है, जिसने पुलिस और प्रशासन दोनों को हिला कर रख दिया है। पुलिस रिमांड के दौरान उसके करीबी गुर्गे सैयद सैफ अब्बास नकवी उर्फ शैफी उर्फ मेजर के बयान से यह साफ हुआ है कि यह गैंग सिर्फ अपराधियों तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका जाल राजनीति, प्रशासन, मेडिकल और रियल एस्टेट तक फैला हुआ था।
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नेता से लेकर अफसर तक—सब पर शक
मेजर ने पूछताछ में बताया कि प्रिंस खान को कई राजनीतिक नेताओं, सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों से अंदरूनी मदद मिलती थी। यह मदद सूचना लीक करने से लेकर कार्रवाई से बचाने तक फैली हुई थी। पुलिस अब इन सभी संभावित कड़ियों की पहचान में जुट गई है।
अंचल और रजिस्ट्री ऑफिस के कर्मचारी जांच के घेरे में
जांच में यह भी सामने आया है कि धनबाद के अंचल कार्यालय और रजिस्ट्री ऑफिस के कुछ कर्मचारी जमीन से जुड़े मामलों में प्रिंस खान की मदद करते थे। आरोप है कि ये लोग फाइलों में हेरफेर और गोपनीय जानकारी लीक कर गैंग को फायदा पहुंचाते थे।
कोविड काल में ‘फर्जी वैक्सीन सर्टिफिकेट’ का खेल
सबसे चौंकाने वाला खुलासा बैंकमोड़ इलाके के एक डॉक्टर को लेकर हुआ है। आरोप है कि कोविड-19 के दौरान इस डॉक्टर ने मात्र 10 रुपये लेकर प्रिंस खान को फर्जी वैक्सीन सर्टिफिकेट दे दिया था, जबकि उसने वैक्सीन ली ही नहीं थी। इस फर्जी दस्तावेज की मदद से वह कई जांचों से बच निकला।
हर महीने लाखों की रंगदारी
मेजर के बयान में यह भी खुलासा हुआ है कि शहर के कई बड़े बिल्डर हर महीने 2 से 3 लाख रुपये रंगदारी के रूप में प्रिंस खान को देते थे। इसके अलावा जमीन के कारोबारी हर डील पर मोटी रकम गैंग तक पहुंचाते थे। यह पूरा सिस्टम एक संगठित वसूली तंत्र के रूप में काम कर रहा था।
सामाजिक संगठनों की भूमिका भी संदिग्ध
मामले में कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं और मानवाधिकार संगठनों से जुड़े लोगों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। आरोप है कि ये लोग गैंग को संवेदनशील जानकारी और अन्य प्रकार की मदद मुहैया कराते थे।
बहुआयामी जांच में जुटी पुलिस
धनबाद पुलिस अब इस पूरे मामले को एक बड़े संगठित नेटवर्क के रूप में देख रही है। प्रशासनिक तंत्र, मेडिकल सिस्टम, रियल एस्टेट और सामाजिक संगठनों तक फैले इस कनेक्शन की गहन जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।






