यूपी: बलिया में मीटिंग में मिनिस्टर की मौजूदगी में ही बीजेपी एमएलए व एमपी भिड़े

लिया कलेक्ट्रेट सभागार में जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की मीटिंग के दौरान बैरिया एमएलए सुरेंद्र सिंह और बलिया एमपी वीरेंद्र सिंह मस्त में भिड़ंत हो गयी।

यूपी: बलिया में मीटिंग में मिनिस्टर की मौजूदगी में ही बीजेपी एमएलए व एमपी भिड़े
  • जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति (दिशा) की बैठक के दौरान एमपी  वीरेंद्र सिंह मस्त और एमएलए सुरेंद्र सिंह आपस में ही भिड़ गये
  •  बैठक में मंत्री आनंद शुक्ल भी थे मौजूद थे
  • गाली गलौच भी हुई, मामला और बिगड़ता देख पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग किया गया 
  • एमपी वीरेंद्र सिंह मस्त पर एमएलए सुरेंद्र सिंह ने शिवपुर में खेती की जमीन हड़पने का लगाया आरोप
  • दिशा की मीटिंग से नाराज होकर चले गये सुरेंद्र सिंह
  •  वीरेंद्र मस्त ने किया पलटवार

लखनऊ। बलिया कलेक्ट्रेट सभागार में जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की मीटिंग के दौरान बैरिया एमएलए सुरेंद्र सिंह और बलिया एमपी वीरेंद्र सिंह मस्त में भिड़ंत हो गयी।  एमएलए ने एमपी पर आरोप लगाया कि हंगामा उनके इशारे पर हुआ है। वहीं एमपी ने कहा कि उनको एमएलए से अपनी जिम्मेदारी के बारे में सीख नहीं चाहिए।

बताया जाता है कि बैठक के दौरान बलिया एमपी वीरेंद्र सिंह मस्त ने बीजेपी एमएलए सुरेंद्र सिंह को कुछ बोलने से रोका तो मामला बिगड़ गया। इसी के बाद सुरेंद्र सिंह ने तेज आवाज में बोलना शुरू किया तो एमपी समर्थक काफी लोग अंदर आ गये। बलिया कलेक्ट्रेट के सभागार में मीटिंग हाल के बाहर कुछ लोग गाली-गलौज करते दिखे। इसी हॉल में जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक होनी थी। डीएम और एसपी ने मीटिंग हॉल के बाहर माहौल बिगाड़ रहे लोगों को डपटते हुए शांत रहने की हिदायत दी।इससे माहौल और गर्म हो गया। मामला बिगड़ते देख बाहर मौजूद पुलिस को सूचना दी गई। अंदर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को किसी तरह अलग किया। इसी बीच राज्यमंत्री आनंद शुक्ल और एमएलए सुरेंद्र सिंह बैठक छोड़कर बाहर आ गये। एमपी ने किसी तरह बैठक की औपचारिकता पूरी की।
एमपी अपनी पसंद के लोगों को मीटिंग में बुलाते हैं: एमएलए
एमएलए सुरेंद्र सिंह ने बलिया एमपी वीरेंद्र सिंह मस्त पर  दिशा के मीटिंग के चेयरपर्सन होने के नाते लापरवाही का आरोप लगाया। एमएलए ने कहा कि दिशा की मीटिंग को लेकर मानक के अनुरूप लोगों को बैठक में शामिल नहीं किया जाता। एमपी अपने पसंद के लोगों को ही मीटिंग में शिरकत करने के लिए बुलाते है।

खेती की जमीन हड़पने का आरोप
एमएलए ने दिशा मीटिंग के अध्यक्ष बलिया एमपी वीरेंद्र सिंह मस्त पर आरोप लगाते हुए कहा कि सांसद ने शिवपुर में शिवबाबू का 25 बीघा खेत हड़प लिया है। वह इस विषय को दिशा की मीटिंग में उठाने ही वाले थे कि मीटिंग में बवाल कर पूरे मामले को विषयांतर कर दिया। एमएलए ने बाहर आने के बाद कहा कि सांसद चाहते थे कि उनके ही लोग बैठक में रहें। दिशा की बैठक के लिए एक सूची होती है। उस सूची के अनुसार ही लोगों को बैठने दिया जाना चाहिए। लेकिन वह जिसे चाहते हैं उसी को बैठाते हैं। उन्होंने कहा कि बैठक में बलिया एमपी  मनमानी कर रहे थे।

सुरेंद्र सिंह ने कहा कि हम लोगों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया है। इस तरह की मनमानी नहीं चलेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सांसद ने खुद और अपने बेटे और भाई एवं भतीजे के नाम पर बैरिया क्षेत्र के बाबु के शिवपुर गांव के विजय बहादुर सिंह की 18 एकड़ से ज्यादा भूमि धोखाधड़ी के जरिये हथिया ली है। उन्होंने आरोपों के संबंध में कोई साक्ष्य नहीं दिए।
बाहरी को नहीं अपने प्रतिनिधि को लेकर बैठक में शामिल हुए थे: एमपी
बलिया एमपी वीरेंद्र सिंह मस्त ने  मीडिया को बताया कि वह किसी बाहरी को नहीं अपने प्रतिनिधि को लेकर बैठक में शामिल हुए थे।उन्होंने यह भी साफ किया कि वह आज की दिशा मीटिंग की अध्यक्षता नहीं कर रहें थे और उन्हें यह बात गवारा नहीं कि सुरेंद्र सिंह उनको बताएं कि चेयरमैन होने के नाते उनको क्या करना होगा। मस्त ने कहा कि मीटिंग में विभागों की समीक्षा पेश करने के बाद विधायकों को अपनी राय रखने को कहा गया था।
मैं यूपी का सबसे शक्तिशाली सांसद- वीरेंद्र सिंह मस्त
एमपी वीरेंद्र सिंह मस्त ने एमएलए सुरेंद्र सिंह के इस बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उनका नाम लिए बगैर एक कार्यक्रम में कहा कि वह उत्तर प्रदेश के सबसे शक्तिशाली सांसद हैं। अगर वह खामोश है तो इसे उनकी कमजोरी न समझा जाए। उन्होंने सिंह पर परोक्ष कटाक्ष करते हुए कहा कि समाज में नफरत फैलाकर कोई समाज का भला नहीं कर पाता है। मैं नहीं बोलता हूं तो इसका मतलब यह हरगिज नहीं है कि मैं डरता हूं।

BJP एमएलए ने अपनी ही पार्टी के एमपी को बताया भूमाफिया, कहा- सांसद व डीएम की बुद्धि-शुद्धि के लिए करेंगे उपवास
बीजे सुरेंद्र सिंह ने अपनी पार्टी के एमपी वीरेंद्र सिंह मस्त पर भूमाफिया होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वह एमपी व डीएम की बुद्धि-शुद्धि के लिए 10 घंटे तक उपवास करेंगे। उन्होंने बलिया के डीएम एचपी शाही पर एमपी के दबाव में काम करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उपवास के दिन और डेट का जल्द ही ऐलान किया जायेगा। बैरिया एमएलए सुरेंद्र सिंह  मंगलवार रात अपने आवास पर संवाददाताओं से बातचीत करते हुए एमपी वीरेंद्र सिंह मस्त को 'भूमाफिया' करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि एमपी ने खुद और अपने बेटे व भाई एवं भतीजे के नाम पर बैरिया क्षेत्र के बाबु के शिवपुर गांव के विजय बहादुर सिंह की 18 एकड़ से ज्यादा भूमि धोखाधड़ी कर हथिया ली है।