महुआ मोइत्रा पर लटकी बर्खास्तगी की तलवार, एथिक्स पैनल ने की सांसदी खत्म करने की सिफारिश, पेश की 500 पेज की रिपोर्ट

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) एमपी महुआ मोइत्रा के खिलाफ लगे आरोपों की जांच कर रहे एथिक्स पैनल ने 500 पेज की अपनी रिपोर्ट पेश की है। इस रिपोर्ट में पैनल ने सिफारिश की है कि टीएमसी एमपी को तुरंत बर्खास्त कर देना चाहिए। 

महुआ मोइत्रा पर लटकी बर्खास्तगी की तलवार, एथिक्स पैनल ने की सांसदी खत्म करने की सिफारिश, पेश की 500 पेज की रिपोर्ट
महुआ मोइत्रा (फाइल फोटो)।

नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) एमपी महुआ मोइत्रा के खिलाफ लगे आरोपों की जांच कर रहे एथिक्स पैनल ने 500 पेज की अपनी रिपोर्ट पेश की है। इस रिपोर्ट में पैनल ने सिफारिश की है कि टीएमसी एमपी को तुरंत बर्खास्त कर देना चाहिए। 

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एथिक्स की रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि इंडियन गवर्नमेंट मनी ट्रेल के हिस्से के रूप में महुआ मोइत्रा और बिजनसमैन दर्शन हीरानंदानी के बीच कैश लेनदेन की कानूनी, संस्थागत और समयबद्ध जांच करे। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा अध्यक्ष को रिपोर्ट सौंपी जायेगी। चर्चा के बाद कार्रवाई की जायेगी। 
महुआ मोइत्रा के खिलाफ होगी सीबीआई जांच!


संसद में सवाल पूछनेके लिए रिश्वत (कैश फॉर क्वेरी केस) लेनेका आरोप झेल रहीं टीएमसी एमपी महुआ मोइत्रा मुश्किलें लगातार बढ़ रही है। बीजेपी एमपी निशिकांत दुबे ने एक्स पर जानकारी शेयर की है कि इस भ्रष्टाचार मामले की जांच के लिए लोकपाल की ओर से सीबीआई को निर्देश दिया गया है। निशिकांत दुबेनेट्वीट किया कि उनकी कंपवेन के आधार पर लोकपाल ने सीबीआई को महुआ मोइत्राके भ्रष्टाचार मामले की जांच करने का निर्देश दिया है, जो एक राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौती है। बीजेपी एमपी ने आरोप लगाया था कि टीएमसी एमपी महुआ मोइत्रा ने संसद में पीएम नरेंद्र मोदी और अडानी ग्रुप के खिलाफ सवाल पूछनेके लिए एक प्रतिद्वंद्वी बिजनसमैन से रिश्वत ली थी।
निशिकांत दुबे का आरोप है कि गौतम अदाणी की छवि खराब करने के लिए महुआ मोईत्रा ने जान-बूझकर ऐसे-ऐसे सवाल पूछे, जिसकी वजह से विवाद खड़ा हुआ। बीजेपी एमपी का दावा है कि बिजनसमैन हीरानंदानी के पास महुआ मोईत्रा का लॉग-इन आईडी भी था। इसलिए ऐसा यह शक बढ़ गया है कि सवाल भी हीरानंदानी की ओर से ही लिखे जा रहे थे, जिसका जवाब महुआ मोईत्रा संसद में मांगतीं थीं।
कार्रवाई के लिए 2005 का एक फैसला हो सकता है नजीर
कहा जा रहा है कि उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए 2005 के एक फैसले की नजीर दी जा सकती है। उस समय सवाल पूछने के बदले में पैसे लेने के आरोपी 11 सांसदों को निलंबित कर दिया गया। निलंबित किये गये सांसदों ने फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन कोर्ट ने भी इन्हें राहत देने से इंकार कर दिया। वर्ष 2007 में सुप्रीम कोर्ट ने सांसदों को अयोग्य ठहराने के फैसले को बरकरार रखा।  
गुरुवार को समिति के सामने पेश हो सकती है महुआ
वहीं कहा जा रहा है कि मोइत्रा के गुरुवार शाम चार बजे समिति के सामने पेश होने की उम्मीद है। पैनल एथिक्स पैनल की बैठक से पहले ऐसे संकेत थे कि पैनल महुआ मोइत्रा के खिलाफ आरोपों पर गंभीर रुख अपना सकता है। बीजेपी एमपी निशिकांत दुबे ने मोइत्रा के खिलाफ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से कंपलेन किया था। महुआ पर गिफ्ट के बदले बिजनसमैन दर्शन हीरानंदानी के इशारे पर अडानी ग्रुप को निशाना बनाने के लिए लोकसभा में सवाल पूछने का आरोप लगाया था।
विगत दो नवंबर 2023 को एथिक्स कमेटी ने महुआ मोईत्रा से कई सवाल-जवाब किये थे। इस पर महुआ ने आपत्ति जताई थी। महुआ मोईत्रा ने एथिक्स कमेटी की बैठक से बाहर आनेके बाद कहा था कि उनसे बेहद व्यक्तिगत सवाल पूछे गये। बाद में उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा, जिसमें कहा कि एथिक्स कमेटी की बैठक में उनके साथ ‘अनैतिक, अशोभनीय और पूर्वाग्रहपूर्ण’ व्यवहार हुआ। उनका चीरहरण किया गया। महुआ मोईत्रा ने कहा कि एथिक्स कमेटी के अध्यक्ष विनोद कुमार सोनकर ने ‘अशोभनीय व्यक्तिगत प्रश्न’ पूछे। हालांकि, विनोद कुमार सोनकर और अन्य बीजेपी सदस्यों ने महुआ के आरोपों को गलत करार दिया। कहा कि विपक्षी दलों के सदस्यों ने आरोपों से महुआ को बचाने के लिए ऐसा माहौल बना दिया।