धनबाद में जमीन फटी और निगल गई जिंदगी! तीन घर जमींदोज, एक ही परिवार के 3 लोग मलबे में दबे

धनबाद के कतरास स्थित सोनारडीह में जोरदार धमाके के बाद जमीन धंसने से तीन घर जमींदोज हो गए। एक ही परिवार के तीन लोगों के मलबे में दबने की आशंका, अवैध खनन पर उठे सवाल और राहत कार्य में देरी से ग्रामीणों का आक्रोश।

धनबाद में जमीन फटी और निगल गई जिंदगी! तीन घर जमींदोज, एक ही परिवार के 3 लोग मलबे में दबे
घटनास्थल पर बिखरा मलवा।

                        HighLights

  •  तेज धमाके के बाद तीन घर जमींदोज
  • एक ही परिवार के तीन लोगों के दबने की आशंका
  • अवैध खनन को बताया जा रहा हादसे की वजह
  • राहत कार्य में देरी से ग्रामीणों का विरोध, सड़क जाम
  • देर रात शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन

धनबाद (Threesocieties.com Desk): Dhanbad के कतरास क्षेत्र में मंगलवार शाम एक भयावह हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। बाघमारा प्रखंड के सोनारडीह ओपी क्षेत्र अंतर्गत टांडाबाड़ी बस्ती में अचानक जोरदार धमाके के बाद जमीन धंस गई और देखते ही देखते तीन घर जमींदोज हो गए। इस दर्दनाक घटना में एक ही परिवार के तीन लोगों के मलबे में दबने की आशंका जताई जा रही है। घटना का कारण अवैध रुप से कोयले का उत्खनन बताया जा रहा है। 

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क्या है पूरा मामला?

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शाम करीब 5:30 से 6 बजे के बीच जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद जमीन धंसने लगी और कुछ ही सेकंड में तीन घर पूरी तरह ध्वस्त हो गए। जिन घरों के जमींदोज होने की पुष्टि हुई है, उनमें मोनू उरांव, गणेश रजक और बैशाखी देवी का घर शामिल है। इस हादसे में सरिता देवी (35), गीता कुमारी (17) और मनु उरांव (70) के मलबे में दबे होने की आशंका है। धमाका इतना तेज था कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।

अवैध खनन बना हादसे की वजह?

स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि इलाके में लंबे समय से हो रहे अवैध खनन के कारण जमीन कमजोर हो चुकी थी, जिससे यह हादसा हुआ। मौके पर पहुंचे बाघमारा विधायक Shatrughan Mahato ने भी घटना के लिए अवैध खनन को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया।

बाघमारा विधायक Shatrughan Mahato ने कहा कि भटमुड़ना टंडा बाड़ी में हुए दुःखद भू-धँसान हादसे की सूचना मिलते ही मैं तत्काल घटनास्थल पर पहुंचा और स्थिति का जायजा लिया। इस दुर्घटना में घरों के जमींदोज होने एवं लोगों के दबे होने की आशंका अत्यंत पीड़ादायक है। मैंने संबंधित अधिकारियों—बीसीसीएल, जिला प्रशासन एवं पुलिस पदाधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि रेस्क्यू कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो और तेजी से राहत कार्य चलाया जाए।इस कठिन घड़ी में मैं पूरी संवेदनशीलता के साथ पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा हूँ। उनकी हर संभव सहायता और सुरक्षा सुनिश्चित करना मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

 राहत कार्य में देरी, ग्रामीणों में उबाल

घटना के करीब दो घंटे बाद तक राहत एवं बचाव कार्य शुरू नहीं होने से ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने सोनारडीह ओपी का घेराव किया। एनएच-32 फोरलेन सड़क को जाम कर दिया। प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते राहत कार्य शुरू होता तो मलबे में दबे लोगों की जान बचाई जा सकती थी।

मौके पर पहुंचे अधिकारी

घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी पुरुषोत्तम कुमार सिंह, सीओ गिरिजा नंद किस्कू समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। बीसीसीएल के जीएम सेफ्टी संजय कुमार सिंह और अन्य अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे।

अधिकारियों के अनुसार

कुछ लोगों के दबे होने की आशंका है, रेस्क्यू टीम पहुंच चुकी है।” “स्थिति तनावपूर्ण है, लेकिन नियंत्रण में है, जांच जारी है।”
देर रात शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन

रात करीब 9:15 बजे रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और 9:35 बजे जनरेटर की व्यवस्था के बाद राहत कार्य शुरू किया गया। अंधेरा और जमीन धंसने का खतरा राहत कार्य में बड़ी बाधा बना रहा।

दहशत और मातम का माहौल

इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। लोग अपने घर छोड़कर बाहर निकल आए हैं और हर तरफ चीख-पुकार और मातम पसरा हुआ है। पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। आरोप है कि इलाके में बड़े पैमाने पर अवैध खनन हो रहा है।