झारखंड पुलिस में ट्रांसफर शिकायतों पर अब फास्ट एक्शन, DGP तदाशा मिश्रा की अध्यक्षता में बनी नई समिति
झारखंड पुलिस मुख्यालय ने पुलिसकर्मियों के ट्रांसफर और पदस्थापन से जुड़ी शिकायतों के त्वरित एवं पारदर्शी निपटारे के लिए शिकायत कोषांग समिति का पुनर्गठन किया है। डीजीपी तदाशा मिश्रा की अध्यक्षता वाली इस समिति में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को शामिल किया गया है।
रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड पुलिस मुख्यालय ने राज्य में कार्यरत पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों के ट्रांसफर, पदस्थापन तथा उससे जुड़ी शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी निपटारे के लिए महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम उठाया है। पुलिस मुख्यालय ने शिकायत कोषांग समिति का पुनर्गठन करते हुए नया आदेश जारी किया है। 23 जून को जारी इस आदेश के तहत पूर्व में गठित समिति की संरचना में संशोधन किया गया है।
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पुलिस मुख्यालय के अनुसार, राज्यभर से आने वाले ट्रांसफर संबंधी आवेदनों, शिकायतों और प्रतिवेदनों की निष्पक्ष समीक्षा तथा समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इस समिति को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इससे पुलिसकर्मियों की लंबित शिकायतों के समाधान में तेजी आने की उम्मीद है।
DGP तदाशा मिश्र को मिली कमान
नवगठित शिकायत कोषांग समिति की अध्यक्षता पुलिस महानिदेशक (DGP) तदाशा मिश्रा करेंगी। समिति में पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों को सदस्य बनाया गया है, जिससे निर्णय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया जा सके।
समिति के सदस्य
डीजीपी तदाशा मिश्र – अध्यक्ष
एडीजी मनोज कौशिक – सदस्य
आईजी असीम विक्रांत मिंज – सदस्य
आईजी पंकज कम्बोज – सदस्य
ट्रांसफर मामलों के निपटारे में आएगी तेजी
पुलिस मुख्यालय के इस फैसले को पुलिस प्रशासन में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अक्सर ट्रांसफर और पदस्थापन से जुड़े मामलों में पुलिसकर्मियों द्वारा विभिन्न स्तरों पर आवेदन और शिकायतें की जाती हैं। नई समिति इन मामलों की सुनवाई कर त्वरित निर्णय सुनिश्चित करेगी।
पारदर्शी व्यवस्था पर जोर
सूत्रों के अनुसार, पुलिस मुख्यालय का उद्देश्य ट्रांसफर प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और शिकायत-मुक्त बनाना है। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की मौजूदगी से मामलों की निष्पक्ष समीक्षा होगी तथा शिकायतों के निपटारे में देरी की संभावना कम होगी।राज्य पुलिस मुख्यालय के इस फैसले को पुलिस बल के भीतर प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। आने वाले दिनों में समिति के माध्यम से ट्रांसफर और पदस्थापन से जुड़े मामलों की नियमित समीक्षा भी की जाएगी, जिससे पुलिसकर्मियों को राहत मिलने की उम्मीद है।






