पटना। जेडीयू के नेशनल प्रसिडेंट राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने उत्तर प्रदेश 2022 विधानसभा चुनाव में बीजेपी के साथ सीट शेयरिंग को लेकर बात नहीं बनने पर सेंट्रल मिनिस्टर आरसीपी सिंह पर निशाना साधा है। ललन सिंह ने सोमवार को कहा कि यूपी में कितनी ईमानदारी के साथ जदयू को बीजेपी का आफर था यह रामचंद्र बाबू (आरसीपी) को आकलन करना चाहिए। हमलोग तो बात में कहीं नहीं थे। बातचीत का जिम्मा उन्हें दिया गया था। आरसीपी ने जो कहा उस पर हमलोगों ने भरोसा किया।
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ललन सिंह ने कहा कि आरसीपी सिंह ने यह बताया था कि सीट शेयरिंग को लेकर सकारात्मक बातचीत हो रही है। यह भी कहा गया कि सीटों की सूची मांगी गई है। इसी आधार पर हमलोग इंतजार कर रहे थे। इसी बीच बीजेपी के नेशनल प्रसिडेंट जेपी नड्डा ने दिल्ली में यह बयान दिया कि यूपी में उनका गठबंधन अपना दल व संजय निषाद की पार्टी से है। हमारे लिए यह चौंकाने वाला था। इस पर आरसीपी सिंह को हम लोगों ने यह कहा कि कम से कम बीजेपी लीडरशीप की ओर से यह बयान तो आना चाहिए कि यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर जेडीयू से उनकी बात चल रही है। आरसीपी सिंह ने कहा कि वह ऐसा करा देते हैं। जब कोई सकारात्मक संदेश नहीं आया तो हमलोगों ने अपने दम पर यूपी में चुनाव लड़ने का मन बना लिया।
गठबंधन न होने को लेकर वे किसी को दोषी नहीं मानते
बीजेपी ने यूपी में साथ आने का ऑफर जदयू को आरसीपी सिंह के माध्यम से दिया था। आरसीपी सिंह को इसका आकलन करना चाहिए कि बीजेपी की ओर से मिला वह ऑफर कितना ईमानदारी से दिया गया था।उन्होंजने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा के साथ गठबंधन को लेकर हम लोगों ने 30 सीटों की सूची सौंपी थी। हालांकि, उसके बाद भी बीजेपी की ओर से कोई सकारात्मक उत्तर नहीं आया। ललन सिंह ने कहा कि भाजपा जेडीयू एक राजनीतिक दल है। यूपी में चुनाव लड़ना चाहता है। बीजेपी हमें भाव दे या न दे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। ललन सिंह ने बाद में जोड़ा कि गठबंधन न होने को लेकर वे किसी को दोषी नहीं मानते। आरसीपी सिंह यूपी में गठबंधन को लेकर बीजेपी से बात कर रहे थे। उन्होंंने ही हमें भाजपा की ओर से मिले ऑफर की जानकारी दी थी। पार्टी इसी भरोसे पर रह गई। बीजेपी ने कुछ सीटें ऑफर करने की बात कही थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बीजेपी पर निशाना साधते हुए ललन सिंह ने कहा कि कुछ समय पहले भाजपा ने अरुणांचल में जेडीयू के विधायकों को अपनी पार्टी में मिला लिया था। वह काम गठबंधन धर्म के अनुरूप नहीं था।