पलामू : अंधविश्वास का खूनी तांडव! डायन-बिसाही के आरोप में पलामू में एक ही परिवार के तीन की हत्या, दो गंभीर

झारखंड के पलामू जिले के पांकी में डायन-बिसाही के आरोप में एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या कर दी गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं। पुलिस की देरी पर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

पलामू : अंधविश्वास का खूनी तांडव! डायन-बिसाही के आरोप में पलामू में एक ही परिवार के तीन की हत्या, दो गंभीर
अंधविश्वास का खौफनाक रूप ।

पलामू (Threesocieties.com Desk)। झारखंड के पलामू जिले में अंधविश्वास ने एक बार फिर इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। पांकी थाना क्षेत्र के आसेहार पंचायत अंतर्गत कुसड़ी गांव की पुरानी बथान में डायन-बिसाही के आरोप में पति, पत्नी और नाबालिग बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस दिल दहला देने वाली वारदात से पूरे इलाके में सनसनी फैल गयी है।

यह भी पढ़ें: धनबाद मेयर पद के लिए संजीव अग्रवाल पर भाजपा का बड़ा दांव! गैरदलीय चुनाव में समर्थित प्रत्याशी उतारने की तैयारी

मृतकों की पहचान

विजय भुईया (45 वर्ष)

उनकी पत्नी कलिया देवी (40 वर्ष)

17 वर्षीय बेटा छोटू भुईया

के रूप में हुई है। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।

 डायन-बिसाही का आरोप बना मौत की वजह

ग्रामीणों के अनुसार, गांव के ही महेशी भुईया की हालिया मौत के बाद उनके पुत्र प्रमोद भुईया और रविन्द्र भुईया ने कुछ लोगों पर डायन-बिसाही कराने का आरोप लगाया था। यही आरोप धीरे-धीरे विवाद में बदला और फिर खूनी हिंसा में तब्दील हो गया।

दो लोग गंभीर रूप से घायल

हमले में ममता कुमारी (14 वर्ष) व  नीतू देवी (25 वर्ष, पुत्रवधू) गंभीर रूप से घायल हो गईं। दोनों को तत्काल पांकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।

 पुलिस की देरी से भड़का ग्रामीणों का गुस्सा

ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की सूचना मिलने के बावजूद पांकी थाना पुलिस करीब चार घंटे बाद घटनास्थल पर पहुंची। इस दौरान मौके पर केवल चौकीदार मौजूद था। पुलिस की इस देरी को लेकर गांव में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि समय पर पुलिस पहुंचती, तो शायद तीन जिंदगियां बचाई जा सकती थीं।

 अंधविश्वास बना जानलेवा

स्थानीय लोगों ने बताया कि इलाके में डायन-बिसाही और अंधविश्वास को लेकर पहले भी तनाव की स्थिति बनती रही है। अशिक्षा, सामाजिक जागरूकता की कमी और आपसी रंजिश अक्सर ऐसी घटनाओं को जन्म देती है। यह वारदात झारखंड में अब भी जड़ जमाए अंधविश्वास की भयावह तस्वीर पेश करती है।

 गांव में दहशत, सख्त कार्रवाई की मांग

घटना के बाद से कुसड़ी गांव में भय का माहौल है। कई परिवार अपने घरों में दुबके हुए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी, कड़ी से कड़ी सजा, इलाके में पुलिस गश्त बढ़ाने और अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है।

 जांच में जुटी पुलिस

फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और इस जघन्य हत्याकांड में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।