- होर्मुज पार कर ‘नंदा देवी’ भी आई
नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk): पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत की ऊर्जा आपूर्ति को लेकर एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। भारतीय झंडे वाला तेल टैंकर ‘जग लाडकी’ लगभग 80,886 मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर सुरक्षित पहुंच गया है।
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यह कार्गो संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से आयात किया गया था और इसे फुजैराह बंदरगाह से लादा गया था। ऐसे समय में जब मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ रहा है, यह खेप भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
विशाल टैंकर, भारी क्षमता
‘जग लाडकी’ एक विशाल कच्चा तेल टैंकर है जिसकी लंबाई करीब 274.19 मीटर और चौड़ाई 50.04 मीटर है। जहाज का डेडवेट टन भार लगभग 1,64,716 टन और सकल टन भार करीब 84,735 टन बताया गया है। इतनी बड़ी क्षमता वाला यह टैंकर भारत की प्रमुख रिफाइनरियों के लिए जरूरी कच्चे तेल की बड़ी आपूर्ति लेकर आया है, जिससे देश में ईंधन उत्पादन और ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने में मदद मिलेगी।
मुंद्रा पोर्ट की अहम भूमिका
गुजरात का मुंद्रा बंदरगाह देश के सबसे बड़े और अत्याधुनिक पोर्ट्स में गिना जाता है। यहां बड़े पैमाने पर कच्चे तेल और गैस की खेपें आती हैं, जिन्हें देश की अलग-अलग रिफाइनरियों तक भेजा जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसे बड़े जहाजों का सुरक्षित आगमन यह दर्शाता है कि भारत के बंदरगाह और लॉजिस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
होर्मुज पार कर भारत पहुंचा LPG टैंकर ‘नंदा देवी’

कच्चे तेल के साथ-साथ गैस की आपूर्ति भी जारी है। एलपीजी टैंकर ‘नंदा देवी’ भी मंगलवार को 46,500 मीट्रिक टन से अधिक LPG लेकर गुजरात के वाडिनार बंदरगाह पहुंच गया। यह जहाज युद्ध से प्रभावित स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार करके भारत पहुंचा है। अब एंकरेज क्षेत्र में शिप-टू-शिप (STS) ट्रांसफर के जरिए गैस को दूसरे जहाज में स्थानांतरित किया जायेगा।
दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी (DPA) के चेयरमैन सुशील कुमार सिंह ने जहाज के कैप्टन और क्रू से मुलाकात कर उनका धन्यवाद किया और हर संभव सहयोग का भरोसा दिया।
एक दिन की LPG जरूरत पूरी करने की क्षमता
विशेषज्ञों के अनुसार 46,500 मीट्रिक टन LPG की यह खेप देश की कुल आयात जरूरतों का लगभग एक दिन का हिस्सा पूरा कर सकती है। इससे पहले एलपीजी टैंकर ‘शिवालिक’ भी 46,000 मीट्रिक टन से अधिक गैस लेकर गुजरात पहुंचा था। इतनी गैस करीब 32.4 लाख घरेलू LPG सिलेंडरों के बराबर बताई गई थी।
ऑपरेशन संकल्प से सुरक्षित समुद्री रास्ते
भारत अपने व्यापारिक और ऊर्जा हितों की सुरक्षा के लिए “ऑपरेशन संकल्प” के तहत इस क्षेत्र में लगातार नौसैनिक निगरानी बनाए हुए है।इस अभियान का उद्देश्य महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों को सुरक्षित रखना और भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही DG Shipping जहाज मालिकों, भर्ती एजेंसियों और विदेशों में मौजूद भारतीय मिशनों के साथ समन्वय कर स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए राहत
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच इन जहाजों का सुरक्षित भारत पहुंचना इस बात का संकेत है कि भारत अपनी ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए हर स्तर पर रणनीतिक कदम उठा रहा है। कच्चे तेल और एलपीजी की लगातार आपूर्ति देश की अर्थव्यवस्था, उद्योग और घरेलू जरूरतों के लिए बेहद अहम मानी जाती है।
शिवालिक लेकर आया था 46 हजार मीट्रिक टन गैस
दो दिन पहले एलपीजी टैंकर शिवालिक गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर 46,000 मीट्रिक टन से ज्यादा एलपीजी लेकर पहुंचा था। इसमें इतनी गैस थी जो भारतीय घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम के लगभग 32.4 लाख स्टैंडर्ड घरेलू सिलेंडरों के बराबर थी।