Highlights:
- गम्हरिया थाने में घरेलू विवाद की शिकायत लेकर पहुंची थी महिला
- थाने के कमरे में महिला से दुष्कर्म करने का आरोप
- आरोपी सिपाही नीरज लकड़ा गिरफ्तार
- थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मी तत्काल प्रभाव से निलंबित
जमशेदपुर (Threesocieties.com Desk): झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले से पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाली एक बेहद गंभीर घटना सामने आई है। गम्हरिया थाना परिसर में घरेलू विवाद की शिकायत लेकर न्याय की गुहार लगाने पहुंची एक महिला के साथ दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस मामले में थाने में तैनात एक सिपाही को आरोपी बनाया गया है।
घटना सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी मनोज स्वर्गीयारी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गम्हरिया थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। वहीं, मुख्य आरोपी सिपाही नीरज लकड़ा को गिरफ्तार कर लिया गया है। एसडीपीओ अनुभव भारद्वाज के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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घरेलू विवाद की शिकायत लेकर थाने पहुंची थी महिला
जानकारी के अनुसार, पीड़िता गुरुवार को अपने पारिवारिक विवाद से परेशान होकर शिकायत दर्ज कराने गम्हरिया थाने पहुंची थी। वह अपनी समस्या का समाधान और पुलिस से मदद मांगने आई थी। आरोप है कि इसी दौरान थाने में तैनात आरक्षी नीरज लकड़ा ने मदद करने के बहाने महिला को थाने के एक कमरे में बुलाया। वहां उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया गया। घटना की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस महकमे में अफरा-तफरी मच गई। जिस थाने में महिला अपनी सुरक्षा और न्याय की उम्मीद लेकर पहुंची थी, उसी परिसर में इस तरह की घटना के आरोप ने पुलिस व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आरोपी सिपाही नीरज लकड़ा गिरफ्तार
मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सिपाही नीरज लकड़ा को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ पीड़िता के लिखित आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस की ओर से आरोपी के खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।
थानेदार समेत चार पुलिसकर्मी निलंबित
घटना के बाद एसपी मनोज स्वर्गीयारी ने कड़ा रुख अपनाया है। कर्तव्य में लापरवाही और मामले से संबंधित जिम्मेदारियों के निर्वहन में चूक के आरोप में चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबित पुलिसकर्मियों में शामिल हैं:
थाना प्रभारी संजय प्रसाद।
सब इंस्पेक्टर मनोज साहू।
अनिरुद्ध सिंह।
आरक्षी संतोष राय।
पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई को मामले की गंभीरता से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, निलंबन की कार्रवाई के साथ-साथ पूरे मामले की जांच भी जारी है।
एसडीपीओ के नेतृत्व में SIT गठित
मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए एसपी के निर्देश पर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। इसकी जिम्मेदारी सरायकेला एसडीपीओ अनुभव भारद्वाज को सौंपी गई है। एसडीपीओ अनुभव भारद्वाज पुलिस टीम के साथ गम्हरिया थाना पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच टीम ने संबंधित कमरे से साक्ष्य जुटाए और घटनास्थल वाले कमरे को सील कर दिया। जांच में घटनाक्रम, आरोपी की भूमिका और अन्य संबंधित पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
पीड़िता की मेडिकल जांच, प्राथमिकी दर्ज
पीड़िता के लिखित आवेदन के आधार पर पुलिस ने संबंधित कानूनी धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। इसके साथ ही पीड़िता की मेडिकल जांच कराई जा रही है। जांच एजेंसियां मामले से जुड़े साक्ष्यों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही हैं।
किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा : एसडीपीओ
एसडीपीओ अनुभव भारद्वाज ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए आरोपी के खिलाफ ठोस साक्ष्य जुटा रही है।
पुलिस महकमे में मचा हड़कंप, महिला सुरक्षा पर उठे सवाल
गम्हरिया थाने में हुई इस कथित घटना ने पुलिस की कार्यशैली और थाने में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। थाने को आम नागरिकों, खासकर महिलाओं के लिए सुरक्षा और न्याय का स्थान माना जाता है। ऐसे में शिकायत लेकर पहुंची महिला के साथ पुलिसकर्मी पर ही दुष्कर्म का आरोप लगना बेहद चिंताजनक है। फिलहाल मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी, चार पुलिसकर्मियों का निलंबन और SIT का गठन कर पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी है।