HighLights:
- IIT-ISM धनबाद के एक्वामरीन हॉस्टल में शनिवार सुबह हुई घटना
- बीटेक पेट्रोलियम इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष का छात्र था माने प्रतीक राजकुमा
- हॉस्टल की आठवीं मंजिल से गिरने के बाद अस्पताल ले जाया गया, डॉक्टरों ने मृत घोषित किया।
- महाराष्ट्र का रहने वाला था छात्र, परिजनों को संस्थान ने दी सूचना
धनबाद (Threesocieties.com Desk): IIT (ISM) धनबाद में शनिवार सुबह एक बेहद दुखद घटना सामने आई। संस्थान में बीटेक पेट्रोलियम इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष में पढ़ने वाले छात्र माने प्रतीक राजकुमार की मौत हो गई। छात्र एक्वामरीन हॉस्टल की आठवीं मंजिल से गिर गया था। घटना के बाद संस्थान परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
घटना शनिवार सुबह करीब 8:30 बजे की बताई जा रही है। जानकारी मिलते ही हॉस्टल वार्डन, सुरक्षा अधिकारी, डीन स्टूडेंट वेलफेयर और संस्थान के अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। छात्र को तत्काल इलाज के लिए असर्फी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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महाराष्ट्र का रहने वाला था छात्र
मृतक छात्र माने प्रतीक राजकुमार मूल रूप से महाराष्ट्र का रहने वाला था। वह IIT (ISM) धनबाद में बीटेक पेट्रोलियम इंजीनियरिंग के फाइनल ईयर में पढ़ाई कर रहा था और एक्वामरीन हॉस्टल में रहता था। घटना की जानकारी मिलने के बाद संस्थान की ओर से छात्र के परिजनों को सूचित कर दिया गया है। परिवार के सदस्यों के धनबाद पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है।
निजी कारणों से आत्महत्या की आशंका, पुलिस कर रही जांच
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, छात्र के दोस्तों और अन्य विद्यार्थियों से बातचीत में कुछ निजी और पारिवारिक परिस्थितियों की बात सामने आई है। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। धनबाद थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस छात्र के दोस्तों, हॉस्टल में रहने वाले अन्य विद्यार्थियों और संस्थान के अधिकारियों से जानकारी जुटा रही है। परिजनों के आने के बाद भी मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
IIT-ISM में पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी दुखद घटनाएं
IIT (ISM) धनबाद में पिछले कुछ वर्षों के दौरान छात्र और संस्थान के कर्मचारियों की आत्महत्या तथा संदिग्ध मौत की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इन घटनाओं ने समय-समय पर संस्थान के परिसर में विद्यार्थियों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रमुख घटनाएं इस प्रकार हैं:
सितंबर 2018: IIT-ISM में पीएचडी कर रहे छात्र रंजन राठी ने आत्महत्या कर ली थी। वह मैकेनिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी कर रहे थे और उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के रहने वाले थे। वह जैसपर हॉस्टल के डी ब्लॉक में रहते थे।
दिसंबर 2022: अंबर हॉस्टल में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के 2018 बैच के छात्र चेरूकुरी प्रवीण की मौत हो गई थी। वह हैदराबाद के रहने वाले थे।
जनवरी 2023: संस्थान में कार्यरत जूनियर तकनीशियन दीपक कुमार ने अपने क्वार्टर में आत्महत्या कर ली थी। वह इलेक्ट्रॉनिक विभाग में कार्यरत थे और बिहार के औरंगाबाद जिले के रहने वाले थे।
जुलाई 2024: IIT-ISM में तैनात सुरक्षा गार्ड राजू गिरी की आत्महत्या का मामला सामने आया था। वह बिहार के गया जिले के टिकारी के रहने वाले थे।
मार्च 2025: बीटेक छात्र तन्मय प्रजापति हॉस्टल के बाथरूम में मृत पाए गए थे। वह इंदौर के रहने वाले थे और इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के छात्र थे। उनके पास इंजेक्शन की निडिल मिलने की बात भी सामने आई थी। उस समय उनकी मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी।
विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी जरूरी है ध्यान
IIT जैसे प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में पढ़ाई, भविष्य, करियर और व्यक्तिगत जीवन से जुड़ा दबाव विद्यार्थियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसी घटनाएं विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, समय पर काउंसलिंग और संस्थानों में उपलब्ध सहायता व्यवस्था के महत्व को सामने लाती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, मानसिक तनाव या निजी परेशानियों से जूझ रहे विद्यार्थियों को समय रहते सहायता मिलना बेहद जरूरी है। परिवार, दोस्त, शिक्षक और संस्थान का सहयोग मुश्किल परिस्थितियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
फिलहाल IIT-ISM धनबाद में छात्र की मौत के मामले में पुलिस की जांच जारी है। घटना के पीछे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।