HighLights:
1 नवंबर को रवि पुष्य और सर्वार्थ सिद्धि योग
2 नवंबर को बुधादित्य और लक्ष्मी नारायण योग
3 नवंबर को बनेगा गजकेसरी राजयोग
4 नवंबर को ब्रह्म योग का संयोग
नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk): हिंदू धर्म में दीपावली का पर्व बेहद खास और महत्वपूर्ण माना जाता है। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई, अंधकार पर प्रकाश और अज्ञान पर ज्ञान की जीत का प्रतीक है। पांच दिनों तक चलने वाले दीपोत्सव की शुरुआत धनतेरस से होती है और इसका समापन भाई दूज के साथ होता है।
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दीपावली से पहले ही बाजारों में रौनक बढ़ने लगती है। लोग घरों की सजावट, सोने-चांदी के आभूषण, नए बर्तन, वाहन और इलेक्ट्रॉनिक सामान की खरीदारी करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शुभ मुहूर्त और विशेष योगों में खरीदारी करना मंगलकारी माना जाता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, नवंबर के शुरुआती दिनों में कई शुभ योग बन रहे हैं। इनमें 1 नवंबर का रवि पुष्य योग सबसे खास है। इसके अलावा सूर्य और बुध की युति से बुधादित्य योग, शुक्र और बुध के संयोग से लक्ष्मी नारायण योग तथा गुरु और चंद्रमा की युति से गजकेसरी राजयोग का निर्माण होगा।
आइए जानते हैं नवंबर 2026 में खरीदारी के लिए कौन-कौन से शुभ योग बन रहे हैं और कब है सोना-चांदी खरीदने का शुभ मुहूर्त।
1 नवंबर को बनेगा रवि पुष्य योग, खरीदारी के लिए बेहद खास दिन
नवंबर महीने की शुरुआत ही बेहद शुभ संयोग के साथ हो रही है। 1 नवंबर 2026, रविवार को रवि पुष्य योग का निर्माण होगा। ज्योतिष शास्त्र में रवि पुष्य योग को खरीदारी और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि इस योग में सोना-चांदी, आभूषण, वाहन, जमीन और मकान खरीदना शुभ होता है। इस दिन की गई खरीदारी को सुख-समृद्धि और आर्थिक उन्नति से जोड़कर देखा जाता है।
1 नवंबर 2026 के शुभ मुहूर्त:
रवि पुष्य योग: सुबह 06:33 बजे से 2 नवंबर सुबह 04:30 बजे तक।
सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 06:33 बजे से 2 नवंबर सुबह 04:30 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:42 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक।
गोधूलि मुहूर्त: शाम 05:36 बजे से 06:54 बजे तक।
1 नवंबर के चौघड़िया मुहूर्त
लाभ-अमृत चौघड़िया: सुबह 09:18 बजे से दोपहर 12:04 बजे तक।
शुभ चौघड़िया: दोपहर 01:27 बजे से 02:50 बजे तक।
शाम का शुभ-अमृत समय: शाम 05:42 बजे से रात 08:54 बजे तक।
2 नवंबर को बुधादित्य और लक्ष्मी नारायण योग
2 नवंबर 2026 को ज्योतिषीय दृष्टि से दो महत्वपूर्ण योग बनेंगे। सूर्य और बुध की युति से बुधादित्य योग तथा शुक्र और बुध के मिलन से लक्ष्मी नारायण योग का निर्माण होगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इन योगों को सुख-समृद्धि, धन और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। इस दिन बर्तन, वाहन, चांदी के सिक्के, मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा, कौड़ी, शंख, स्वस्तिक और मिट्टी के दीपक खरीदना शुभ माना जाता है।
3 नवंबर को बनेगा गजकेसरी राजयोग
3 नवंबर 2026 को देवगुरु बृहस्पति और चंद्रमा की युति से गजकेसरी राजयोग का निर्माण होगा। ज्योतिष शास्त्र में गजकेसरी योग को विशेष शुभ योगों में गिना जाता है। मान्यता है कि इस योग का संबंध मान-सम्मान, प्रतिष्ठा, बुद्धि, सुख-समृद्धि और आर्थिक उन्नति से होता है। इस दिन भी शुभ कार्यों और खरीदारी के लिए मुहूर्त का विचार किया जा सकता है।
4 नवंबर को बनेगा ब्रह्म योग
4 नवंबर 2026 को ब्रह्म योग का निर्माण होगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, ब्रह्म योग को शुभ कार्यों, पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियों के लिए अनुकूल माना जाता है। इस दिन नई शुरुआत, पूजा सामग्री और घर के लिए जरूरी वस्तुओं की खरीदारी करने की योजना बनाई जा सकती है।
5 नवंबर को मनाई जाएगी रमा एकादशी
5 नवंबर 2026 को कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की रमा एकादशी मनाई जाएगी। हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है। इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि रमा एकादशी का व्रत रखने से सुख-समृद्धि और पुण्य की प्राप्ति होती है।
6 नवंबर को धनतेरस, जानें खरीदारी का शुभ मुहूर्त
दीपावली से पहले धनतेरस का पर्व सबसे महत्वपूर्ण खरीदारी वाले दिनों में से एक माना जाता है। हर साल कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस मनाया जाता है। इस दिन सोना, चांदी, बर्तन, झाड़ू और लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा खरीदने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस पर खरीदारी करने से घर में सुख-समृद्धि और धन-धान्य का आगमन होता है।
धनतेरस 2026 की महत्वपूर्ण तिथियां और मुहूर्त:
त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 6 नवंबर सुबह 10:30 बजे।
त्रयोदशी तिथि समाप्त: 7 नवंबर सुबह 10:47 बजे।
धनतेरस पूजा मुहूर्त: शाम 06:19 बजे से रात 08:17 बजे तक।
खरीदारी का शुभ समय: 6 नवंबर सुबह 10:30 बजे के बाद।
धनतेरस और दीपावली पर भूलकर भी न खरीदें ये चीजें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस और दीपावली के अवसर पर कुछ वस्तुओं की खरीदारी से बचना चाहिए।
इनमें शामिल हैं:
लोहा और एल्युमिनियम की वस्तुएं।
प्लास्टिक का सामान।
कांच के बर्तन।
नकली सोना और आभूषण।
चाकू, कैंची जैसी नुकीली वस्तुएं।
हालांकि, ये धार्मिक और पारंपरिक मान्यताएं हैं। इनका वैज्ञानिक आधार प्रमाणित नहीं है।
8 नवंबर को मनाई जाएगी दीपावली, जानें लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में दीपावली का महापर्व 8 नवंबर को मनाया जाएगा। दीपावली की शाम मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व है।
मान्यता है कि दीपावली की रात विधि-विधान से लक्ष्मी-गणेश की पूजा करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है।
दीपावली 2026 के प्रमुख मुहूर्त:
अमावस्या तिथि प्रारंभ: 8 नवंबर सुबह 11:27 बजे।
अमावस्या तिथि समाप्त: 9 नवंबर दोपहर 12:31 बजे।
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: शाम 05:54 बजे से रात 07:50 बजे तक।
प्रदोष काल: शाम 05:31 बजे से रात 08:09 बजे तक।
वृषभ काल: शाम 05:54 बजे से रात 07:50 बजे तक।
नवंबर के शुभ मुहूर्त की तारीखें जरूर करें नोट
दीपावली से पहले नवंबर के शुरुआती दिनों में खरीदारी के कई शुभ अवसर मिल रहे हैं। 1 नवंबर का रवि पुष्य योग, 2 नवंबर का बुधादित्य और लक्ष्मी नारायण योग, 3 नवंबर का गजकेसरी राजयोग और 6 नवंबर का धनतेरस खरीदारी के लिहाज से खास माने जा रहे हैं। अगर आप सोना-चांदी, वाहन या घर के लिए कोई बड़ी खरीदारी करने की योजना बना रहे हैं, तो इन तिथियों और मुहूर्त को ध्यान में रख सकते हैं।
नोट: शुभ मुहूर्त और पंचांग की गणना स्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। खरीदारी और पूजा से पहले अपने स्थानीय पंचांग या ज्योतिषाचार्य से समय की पुष्टि अवश्य कर लें।