केरलम: ट्रैफिक जाम में थम रही थीं सांसें, तभी बस से उतरीं दो 'देवदूत' नर्सें; CPR देकर बचा ली शख्स की जान
केरलम के एर्नाकुलम में ट्रैफिक जाम के दौरान हार्ट अटैक से बेहोश हुए व्यक्ति की जान दो नर्सों ने CPR देकर बचा ली। चलती बस से उतरकर उनकी तत्परता और सूझबूझ ने इंसानियत की मिसाल पेश की।
HighLights:
- ट्रैफिक जाम के दौरान व्यक्ति को आया हार्ट अटैक और वह कार में ही बेहोश हो गया
- बस में सफर कर रही दो नर्सों ने तुरंत उतरकर मौके पर CPR देना शुरू किया
- अस्पताल पहुंचने तक लगातार CPR देने से मरीज की जान बच गई
- जांच में हृदय की धमनी में ब्लॉकेज मिला, जिसके बाद इमरजेंसी एंजियोप्लास्टी की गई
तिरुवनंतपुरम(Threesocieties.com Desk): इंसानियत और फर्ज के प्रति समर्पण की एक प्रेरणादायक मिसाल केरल के एर्नाकुलम जिले से सामने आई है। यहां ट्रैफिक जाम के बीच हार्ट अटैक से जूझ रहे एक व्यक्ति की जान दो नर्सों की तत्परता और सूझबूझ ने बचा ली। सड़क पर मौजूद लोगों के लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं था।
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घटना बुधवार सुबह एमसी रोड पर कलाडी पुल के पास हुई। जानकारी के अनुसार, ओक्कल के पास थन्नीपुझा इलाके में लॉटरी की दुकान चलाने वाले 43 वर्षीय सिनोज अपने वाहन से अस्पताल जा रहे थे। रास्ते में अचानक उनके सीने में तेज दर्द शुरू हुआ और कुछ ही देर में वे कार के अंदर बेहोश होकर गिर पड़े।
उसी दौरान ट्रैफिक जाम में फंसी एक KSRTC बस में यात्रा कर रहीं अंजलि बैजू और आर्द्रा राज की नजर सड़क पर मची हलचल पर पड़ी। जब उन्हें पता चला कि कार में बैठा व्यक्ति बेहोश हो गया है, तो दोनों बिना समय गंवाए बस से उतरकर मौके पर पहुंचीं।
चलती कार में शुरू किया CPR
अंजलि बैजू, जो LF Hospital में स्टाफ नर्स हैं, और बेंगलुरु में नर्सिंग की पढ़ाई कर रहीं आर्द्रा राज ने तुरंत कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) देना शुरू कर दिया। दोनों ने मरीज की हालत को समझते हुए लगातार CPR जारी रखा और अस्पताल पहुंचने तक उन्हें जीवनरक्षक सहायता देती रहीं। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर दिया गया CPR मरीज के बचने की सबसे बड़ी वजह बना। यदि कुछ मिनटों की भी देरी होती, तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
जांच में मिला हृदय की धमनी में ब्लॉकेज
अस्पताल में जांच के दौरान पता चला कि मरीज की कोरोनरी आर्टरी में गंभीर ब्लॉकेज था। इसके बाद डॉक्टरों ने तुरंत इमरजेंसी एंजियोप्लास्टी की और उनकी हालत को स्थिर किया। फिलहाल बेहतर इलाज के लिए उन्हें किसी बड़े मेडिकल सेंटर में शिफ्ट किए जाने की संभावना है।
स्थानीय लोगों ने भी निभाई अहम भूमिका
इस पूरे घटनाक्रम में स्थानीय लोगों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एक राहगीर ने जब यह जाना कि मरीज सीने में दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल जा रहे थे, तो उसने वाहन की स्टीयरिंग संभाल ली। वहीं अन्य लोगों ने ट्रैफिक के बीच रास्ता बनाने और एम्बुलेंस की व्यवस्था कराने में मदद की।
इंसानियत की मिसाल बनीं दोनों नर्सें
आज के दौर में जहां अक्सर लोग मुश्किल परिस्थितियों में तमाशबीन बने रहते हैं, वहीं इन दोनों नर्सों ने अपने पेशे और मानवता के प्रति जिम्मेदारी निभाते हुए यह साबित कर दिया कि सही समय पर लिया गया फैसला किसी की जिंदगी बचा सकता है। उनकी बहादुरी और संवेदनशीलता की हर तरफ सराहना हो रही है।
यह घटना सिर्फ एक जीवन बचाने की कहानी नहीं, बल्कि यह संदेश भी है कि आपात स्थिति में CPR जैसी प्राथमिक चिकित्सा की जानकारी किसी भी व्यक्ति के लिए जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर साबित हो सकती है।






