झारखंड: हेमंत कैबिनेट का मास्टरस्ट्रोक: J-TET नियमावली पास, क्षेत्रीय भाषाओं पर सस्पेंस; रांची को मिले दो मेगा फ्लाईओवर

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में झारखंड कैबिनेट ने J-TET नियमावली 2026 को मंजूरी दे दी। भोजपुरी, मगही और अंगिका को फिलहाल शामिल नहीं किया गया। रांची में 820 करोड़ रुपये की लागत से दो नए फ्लाईओवर बनेंगे। मारंग गोमके छात्रवृत्ति योजना का भी विस्तार किया गया।

झारखंड: हेमंत कैबिनेट का मास्टरस्ट्रोक: J-TET नियमावली पास, क्षेत्रीय भाषाओं पर सस्पेंस; रांची को मिले दो मेगा फ्लाईओवर
सीएम हेमंत सोरेन (फाइल फोटो)।
  • कैबिनेट ने दी J-TET 2026 को मंजूरी
  • भोजपुरी-मगही-अंगिका पर रोक
  • रांची में 820 करोड़ के दो फ्लाईओवर

रांची (Threesocieties.com Desk): मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को प्रोजेक्ट भवन, रांची में आयोजित झारखंड कैबिनेट की बैठक में 15 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस बैठक का सबसे बड़ा और चर्चित फैसला ‘शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली (J-TET) 2026’ को लेकर रहा, जिसे क्षेत्रीय भाषाओं को लेकर जारी विवाद के बीच स्वीकृति दे दी गई।

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सबसे खास बात यह रही कि भोजपुरी, मगही और अंगिका जैसी भाषाओं को फिलहाल नियमावली में शामिल नहीं किया गया। कांग्रेस कोटे के मंत्रियों ने इस पर पहले भी आपत्ति दर्ज कराई थी और इस बार भी मामला कैबिनेट में उठा।

J-TET 2026 को मिली मंजूरी, लेकिन क्षेत्रीय भाषाओं पर विवाद जारी
पिछली कैबिनेट बैठक में J-TET नियमावली को भोजपुरी, मगही और अंगिका को लेकर उठे विवाद के कारण स्थगित कर दिया गया था। कांग्रेस कोटे के मंत्री राधाकृष्ण किशोर और दीपिका पांडेय सिंह ने इन भाषाओं को क्षेत्रीय भाषा सूची में शामिल करने की मांग की थी।
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा था कि मगही और भोजपुरी जैसे बड़े वर्ग द्वारा बोली जाने वाली भाषाओं की अनदेखी हो रही है, जबकि ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने अंगिका और मैथिली को लेकर सवाल उठाया था।
हालांकि इस बार कैबिनेट ने इन भाषाओं को शामिल किए बिना ही नियमावली को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट किया कि भविष्य में अन्य भाषाओं को शामिल करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति बनाई जाएगी, जो सभी पहलुओं पर विचार कर अपनी रिपोर्ट देगी।

रांची को मिले दो बड़े फ्लाईओवर, ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत
राजधानी रांची की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए सरकार ने दो बड़े फ्लाईओवर निर्माण को हरी झंडी दे दी है।
1. अरगोड़ा से हरमू चौक फ्लाईओवर
अरगोड़ा चौक से हरमू स्थित डिबडीह पुल तक बनने वाले फ्लाईओवर पर 469.62 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसकी कुल लंबाई 3.804 किलोमीटर होगी।
2. करमटोली से साइंस सिटी फ्लाईओवर
करमटोली चौक से साइंस सिटी तक बनने वाले फ्लाईओवर (सर्विस पथ सहित) पर 351.14 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसकी कुल लंबाई 3.216 किलोमीटर होगी।
दोनों परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 820 करोड़ रुपये है। इन पुलों के बनने से राजधानी के व्यस्त इलाकों में ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इनका निर्माण झारखंड राज्य राजमार्ग प्राधिकार के माध्यम से किया जाएगा।

मारंग गोमके छात्रवृत्ति योजना का विस्तार, अब 50 छात्रों को मिलेगा लाभ
कैबिनेट ने विदेशों में उच्च शिक्षा के लिए संचालित मारंग गोमके छात्रवृत्ति योजना का विस्तार करते हुए अब 50 छात्रों को इसका लाभ देने का निर्णय लिया है। इसमें— अनुसूचित जनजाति (ST) – 20 छात्र, अनुसूचित जाति (SC) – 10 छात्र, पिछड़ा वर्ग (OBC) – 14 छात्र व अल्पसंख्यक वर्ग – 6 छात्र हों‍गे। चयनित विद्यार्थियों को विदेश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और संस्थानों में एक वर्षीय मास्टर्स कोर्स सहित उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी।

शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में भी बड़े फैसले
कैबिनेट ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत राज्य स्कूल मानक प्राधिकरण के गठन को भी मंजूरी दी। इसके तहत JCRT को विकसित कर स्कूलों के लिए गुणवत्ता और सुरक्षा के मानक तय किए जाएंगे। इसके अलावा— स्वास्थ्य विभाग को Google LLC के साथ AI Innovation एवं Adoption के लिए MoU की मंजूरी दी गयी है। राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, पलामू में Innovation Center और 4 Center of Excellence के लिए 22.97 करोड़ रुपये की स्वीकृति

 कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण फैसले

गढ़वा जिले के बंशीधर नगर का नाम बदलकर अब आधिकारिक रूप से बंशीधर नगर उंटारी किया जाएगा

मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना और मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के तहत पथ एवं पुल निर्माण को मंजूरी

राष्ट्रीय लोक अदालत 2024 से जुड़े पेंशन मामलों को स्वीकृति

कई कर्मियों की सेवा नियमित करने और पेंशन गणना से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी

राजनीतिक संदेश भी साफ
J-TET नियमावली में क्षेत्रीय भाषाओं को लेकर लिए गए फैसले ने साफ संकेत दिया है कि सरकार फिलहाल प्रशासनिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाना चाहती है, जबकि भाषाई विवाद पर अंतिम निर्णय समिति की रिपोर्ट के बाद होगा। इस फैसले से शिक्षा, राजनीति और क्षेत्रीय पहचान—तीनों मोर्चों पर नई बहस शुरू होना तय माना जा रहा है। झारखंड कैबिनेट की यह बैठक आने वाले दिनों में राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टियों से काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।