झारखंड ट्रेजरी घोटाला: 10 करोड़ का मनी ट्रेल बेनकाब, 1.8 करोड़ FD फ्रीज; 2 पुलिसकर्मी समेत 4 गिरफ्तार
झारखंड के बोकारो ट्रेजरी घोटाले में CID ने 10 करोड़ रुपये के मनी ट्रेल का खुलासा किया है। 1.8 करोड़ रुपये की FD फ्रीज की गई है और 2 पुलिसकर्मियों समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। वेतन निकासी घोटाले में कई जिलों तक जांच पहुंच गई है।
- बोकारो ट्रेजरी घोटाले में करोड़ों की लूट
- CID ने खोला बड़ा राज
रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड में सामने आए बहुचर्चित ट्रेजरी घोटाले ने पुलिस महकमे और सरकारी वित्तीय व्यवस्था की नींव तक हिला दी है। अपराध अनुसंधान विभाग (CID) की विशेष जांच टीम (SIT) ने बोकारो ट्रेजरी से करोड़ों रुपये की अवैध वेतन निकासी मामले में बड़ा खुलासा करते हुए 10 करोड़ रुपये के मनी ट्रेल का पता लगाया है। जांच के दौरान 1 करोड़ 93 लाख रुपये और 18 लाख रुपये की दो फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को फ्रीज किया गया है।
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इस मामले में अब तक एक अकाउंटेंट, दो पुलिसकर्मी और एक सिपाही समेत कुल 4 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। CID की कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि सरकारी वेतन वितरण प्रणाली के भीतर लंबे समय से संगठित तरीके से करोड़ों रुपये की हेराफेरी की जा रही थी।
2 पुलिसकर्मी समेत 4 गिरफ्तार
CID ने बोकारो पुलिस विभाग के अकाउंटेंट कौशल कुमार पांडे, एएसआई अशोक कुमार भंडारी, होमगार्ड जवान सतीश कुमार और सिपाही काजल मंडल को गिरफ्तार किया है। काजल मंडल की गिरफ्तारी गुरुवार को हुई। वह एसपी बोकारो कार्यालय की लेखा शाखा में प्रतिनियुक्त था। उसकी निशानदेही पर उसके घर से 8.75 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। CID के अनुसार, काजल मंडल मुख्य आरोपी कौशल कुमार पांडे का करीबी सहयोगी था और उसके खाते में अवैध निकासी की रकम ट्रांसफर की गई थी।
10 करोड़ के मनी ट्रेल का खुलासा
जांच में सामने आया कि ट्रेजरी के वेतन वितरण खाते से कई फर्जी या संदिग्ध खातों में 6 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की गई। इन खातों में राम नरेश सिंह, उपेंद्र सिंह, एस कुमार सहित कई अन्य नाम शामिल हैं। CID ने जांच में पाया कि यह नेटवर्क सिर्फ बोकारो तक सीमित नहीं था, बल्कि हजारीबाग और पश्चिम सिंहभूम (चाईबासा) तक फैला हुआ था। हजारीबाग में पुलिस विभाग की लेखा शाखा से पिछले 8 वर्षों में दो बैंक खातों के जरिए 15.41 करोड़ रुपये के गबन का मामला सामने आया था। वहां भी कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
आलीशान मकान और जमीन के कागजात जब्त
ASI अशोक कुमार भंडारी के घर पर छापेमारी के दौरान अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए। इनमें शामिल हैं: बोकारो के तेलीडीह में 4.08 डिसमिल जमीन, उसी जमीन पर बना तीन मंजिला आलीशान मकान व 4.98 डिसमिल की एक और जमीन। CID का मानना है कि ये संपत्तियां अवैध कमाई से बनाई गई हैं।
ऐसे हुआ करोड़ों का वेतन घोटाला
जांच में जो तरीका सामने आया, उसने सभी को चौंका दिया। पुलिसकर्मियों के वेतन निर्माण के लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल का उपयोग होता है। इसमें किसी भी बदलाव—जैसे जन्मतिथि सुधारना या बैंक खाता बदलना—के लिए संबंधित DDO (आहरण एवं वितरण अधिकारी) के मोबाइल पर OTP आता है। लेखापालों ने इसी सिस्टम का दुरुपयोग किया।
घोटाले का तरीका:
1. रिटायर्ड कर्मियों की जन्मतिथि बदली गई
सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों की उम्र रिकॉर्ड में 2 से 4 साल कम कर दी गई, ताकि वे अभी भी नौकरी में दिखें।
2. बैंक खाते बदले गए
असल कर्मचारी के खाते की जगह रिश्तेदारों और करीबियों के खाते जोड़ दिए गए।
3. वेतन और पेंशन दोनों
एक तरफ रिटायर्ड कर्मी पेंशन लेते रहे, दूसरी ओर उनके नाम पर वेतन की राशि फर्जी खातों में जाती रही।
इस तरह करोड़ों रुपये सरकारी खजाने से निकाल लिए गए।
डीएसपी के OTP से खुला घोटाले का रास्ता
SIT की जांच में यह भी सामने आया कि कई DDO अधिकारी बार-बार OTP बताने की झंझट से बचने के लिए अपना मोबाइल और मास्टर लॉग-इन एक्सेस लेखापालों को दे देते थे। यही लापरवाही घोटाले की सबसे बड़ी वजह बनी। अब SIT इस बात की भी जांच कर रही है कि यह सिर्फ लापरवाही थी या अधिकारियों की भी मिलीभगत थी।
चाईबासा में भी सामने आया 27 लाख का गबन
26 अप्रैल को पश्चिम सिंहभूम जिला ट्रेजरी से 27 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया। इसमें एक पुलिस कांस्टेबल के खिलाफ FIR दर्ज की गई। मुख्य आरोपी कांस्टेबल-अकाउंटेंट देवनारायण मुर्मू सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। जांच में ओडिशा के मयूरभंज और पूर्वी सिंहभूम के पोटका तक लिंक मिले।
वित्त मंत्री ने दिए सभी ट्रेजरी के ऑडिट के आदेश
लगातार सामने आ रहे ट्रेजरी घोटालों को देखते हुए राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने सभी जिला ट्रेजरियों का व्यापक ऑडिट कराने का आदेश दिया है। सरकार अब पूरे राज्य में वेतन वितरण प्रणाली की जांच कर रही है ताकि ऐसे संगठित वित्तीय अपराधों पर रोक लगाई जा सके।
CID की SIT कर रही पूरे नेटवर्क की जांच
CID ने बोकारो, हजारीबाग और चाईबासा में दर्ज मामलों को टेकओवर कर रांची स्थित CID थाने में FIR दर्ज कर ली है। अब सभी गिरफ्तार आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी ताकि पूरे नेटवर्क, अन्य सहयोगियों और संभावित बड़े अधिकारियों की भूमिका का खुलासा हो सके। झारखंड का यह ट्रेजरी घोटाला आने वाले दिनों में और बड़े नामों को बेनकाब कर सकता है।






