Jharkhand Politics: भाजपा ने जिला अध्यक्षों की सूची जारी की, संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम
Jharkhand Politics: भाजपा ने झारखंड में जिला अध्यक्षों के नामों की घोषणा कर दी है। केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी के बाद 27 जिलों में संगठन को मजबूत करने के लिए पुराने और नए चेहरों को जिम्मेदारी दी गई।
रांची। झारखंड भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा फैसला लेते हुए प्रदेश के जिला अध्यक्षों के नामों की घोषणा कर दी है। लंबे समय से प्रतीक्षित इस सूची के जारी होते ही प्रदेश में संगठनात्मक गतिविधियों में नई तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह फैसला केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी के बाद लिया गया है।
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केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी के बाद हुई घोषणा
भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने पहले ही सभी जिलों के लिए जिला अध्यक्ष पद के नामों को अंतिम रूप दे दिया था। इसके बाद ये नाम प्रदेश संगठन को भेजे गए, जहां जिलों में नामांकन की प्रक्रिया पूरी कराई गई। शुक्रवार को औपचारिक रूप से सभी जिलों में नए जिलाध्यक्षों के नामों की घोषणा कर दी गई।
27 जिलों में संगठनात्मक संतुलन पर जोर
प्रदेश भाजपा के कुल 27 संगठनात्मक जिलों में कई स्थानों पर पुराने जिला अध्यक्षों को दोबारा जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि कुछ जिलों में नए चेहरों को मौका दिया गया है। पार्टी नेतृत्व ने अनुभव, संगठनात्मक पकड़ और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है।
पर्यवेक्षकों की निगरानी में हुई प्रक्रिया
जिला अध्यक्षों के चयन को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रदेश भाजपा की ओर से पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई थी। पर्यवेक्षकों ने जिलों में जाकर नामांकन प्रक्रिया कराई और पूरी चयन प्रक्रिया की निगरानी की।
तीन महीने तक चला मंथन
सूत्रों के मुताबिक, जिला अध्यक्षों के चयन को लेकर लगभग तीन महीने तक मंथन चलता रहा। इस दौरान हर जिले से तीन-तीन नामों की सूची तैयार कर केंद्रीय नेतृत्व को भेजी गई थी। केंद्रीय नेतृत्व ने इन नामों पर विचार-विमर्श के बाद प्रत्येक जिले के लिए एक नाम को अंतिम रूप दिया।
चुनावी तैयारियों में अहम भूमिका
प्रदेश भाजपा नेतृत्व का मानना है कि नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति से जमीनी स्तर पर संगठन और अधिक मजबूत होगा। आने वाले चुनावी और राजनीतिक कार्यक्रमों को देखते हुए जिलाध्यक्षों की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है। पार्टी अब मंडल और बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने की दिशा में तेजी से काम करेगी।






