Jharkhand: सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने का आरोप, योगेंद्र साव और अंबा प्रसाद पर FIR दर्ज

हजारीबाग डीसी नैंसी सहाय के निर्देश पर एक्स मिनिस्टर योगेंद्र साव द्वारा 50 डिसमिल सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर किये गये बाउंड्रीवाल निर्माण को बुधवार को ध्वस्त कर दिया गया। सीओ शशि भूषण सिंह के नेतृत्व में सभी अवैध बाउंड्रीवाल निर्माण को ध्वस्त कर हटा दिया गया।

Jharkhand: सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने का आरोप, योगेंद्र साव और अंबा प्रसाद पर FIR दर्ज
अवैध कब्जा पर चला बुलडोजर।
  • EX मिनिस्टर योगेंद्र साव का जमीन पर था अवैध कब्जा
  • जिला प्रशासन ने चलाया बुलडोजर

हजारीबाग। डीसी नैंसी सहाय के निर्देश पर एक्स मिनिस्टर योगेंद्र साव द्वारा 50 डिसमिल सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर किये गये बाउंड्रीवाल निर्माण को बुधवार को ध्वस्त कर दिया गया। सीओ शशि भूषण सिंह के नेतृत्व में सभी अवैध बाउंड्रीवाल निर्माण को ध्वस्त कर हटा दिया गया।

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योगेंद्र व अंबा के खिलाफ मामला दर्ज
जमीन के चारों ओर कॉरकेट सीट से घेरा किया गया था, उसे भी हटा दिया गया। झारखंड के एक्स मिनिस्टर योगेंद्र साव, बड़कागांव एमएलए अंबा प्रसाद पर खास महल जमीन पर कब्जा किये जाने के आरोप में बड़ा बाजार पुलिस स्टेशन हजारीबाग में FIR दर्ज किया गया है। सदर सीओ शशि भूषण सिंह के आवेदन पर यह मामला दर्ज हुआ है। सीओ शशि भूषण सिंह नेबताया कि हजारीबाग टाउन एरिया हुरहुरू थाना संख्या 157 भवन पट्टा होल्डिंग संख्या 302, प्लॉट संख्या 872, 1235, 873, 1336 और 893, 1335, कुल रकवा 50 डिसमिल खासमहल की जमीन है। जमीन पर अवैध रूप से बाउंड्रीवाल निर्माण करनेकी सूचना पर 11 नवंबर को एक्स मिनिस्टर योगेंद्र साव को नोटिस किया गया था। अवैध निर्माण कार्य को रोक दिया गया था। 22 नवंबर को सदर अंचल में इस संबंध में पक्ष रखने को कहा गया था। इसी बीच छठ पूजा अवकाश के दौरान उन्होंने 50 डिसमिल जमीन पर अवैध रूप से बाउंड्रीवाल निर्माण करा लिया। जिला प्रशासन द्वारा सूचना व अवैध निर्माण कार्यरोकनेके निर्देश का उल्लंघन कर अवैध कब्जा किया गया। इसी के तहत मामला दर्ज कराया गया है।
योगेंद्र साव का जमीन पर था अवैध कब्जा, प्रशासन ने चलाया बुलडोजर
बड़कागांव एमएलए अंबा प्रसाद के पिता एक्स मिनिस्टर योगेंद्र साव ने द्वारा कब्जा किये गये खासमहल की 50 डिसमिल जमीन को जिला प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर मुक्त करा लिया है।जिला प्रशासन की टीम सुबह दलबल के साथ उस जमीन पर पहुंची है और बलपूर्वक अवैध रूप को हटा दिया। सदर प्रखंड के हुरहुरु स्थित खासमहल की सरकारी जमीन पर रोक के बावजूद चारदीवारी खड़ी कर दी गई थी। खास महल की जमीन पर मालिकाना हक को लेकर 11 नवंबर को विवाद हुआ था। जांच के बाद सीओ ने तत्काल सभी प्रकार के निर्माण पर रोक लगा दी थी। रोक के बाद जमीन से संबंधित कागजातों की जांच के लिए 22 नवंबर की तिथि सीओ के कोर्ट में निर्धारित की गई, परंतु सुनवाई से पूर्व ही सरकारी आदेश की धज्जियां उड़ाते हुए बाउंड्रीवाल का निर्माण कर दिया गया।
यह है मामला
हुरहुरु स्थित जमीन की प्रकृति खास महल है। यह मौजा कैन्टोनमेन्ट, थाना नंबर 157, भवन पट्टा, होल्डिंग संख्या 302, प्लॉट संख्या 872,1235, 873,1336 एवं 893,1337 है। इसका रकबा 25 डिसमिल, 15 डिसमिल और 10 डिसमिल है जो कुल 50 डिसमिल होता है। इसी 50 डिसमिल के आधा हिस्सा में बाउंड्रीवाल निर्माण का कार्य किया जा रहा था। जांच के बाद 11 नवंबर को निर्माण कार्य बंद करा दिया गया था। कुल 50 डिसमिल जमीन को लेकर योगेंद्र साव के साथ-साथ लीजधारक एहसान अंसारी को नोटिस भेजा गया। नोटिस में बाउंड्रीवाल की जा रही जमीन को खासमहल की जमीन बताते हुए उसे सरकारी बताया गया था। जमीन के एक हिस्से में एक जर्जर भवन है। इस पर लघु सिंचाई प्रमंडल (गोदाम) हजारीबाग का बोर्ड लगा हुआ है। इसलिए कार्यपालक अभियंता को भी नोटिस जारी किया गया।विभाग का कहना था कि लीजधारी की मौत हो गई। इससे पूर्व वर्ष 2008 में लीज की अवधि भी खत्म हो गई थी। ऐसे में यह जमीन सरकार की है।
कहा जा रहा है कि उक्त जमीन को एक्स मिनिस्टर योगेंद्र साव ने पावर ऑफ अटार्नी के माध्यम से ले ली। मामला जब विवाद में आया तो एसी ने सदर सीओ को पत्र लिखकर जांच रिपोर्ट देने को कहा था। एसी ने कहा कि यह भूमि खास महल लीज की भूमि है। जमीन लीजधारी मो. एहसान, पिता स्व. मो. सामुएल के नाम से दिनांक 31 मार्च 2008 तक था। जांच में यह भी प्रतिवेदित किया गया कि वर्तमान समय में लीज भूमि पर लीजधारी या उनके वंशज निवास नहीं करते हैं। लीज की अवधि समाप्त हो गयी है। लीज नवीकरण नहीं होनेकी स्थिति में यह भूखंड सरकार की संपत्ति घोषित की गयी है। इसी जमीन को योगेंद्र साव पावर ऑफ अटॉर्नी के माध्यम से जमीन लेने का दावा कर रहे हैं। यह भूमि विवाद सामने आया है। एसी विद्या भूषण कुमार ने सदर सीओ से पूरे मामले की जांच कराया है। जांच रिपोर्ट में यह जमीन का लीज नवीकरण समाप्त किया है। जमीन रिज्यूम कर ली गयी है।