डबल डाउन बार कांड के बाद जमशेदपुर में हाई अलर्ट, 6 थाना क्षेत्रों में धारा 163 लागू; तड़के 3 बजे हुआ पोस्टमार्टम

जमशेदपुर के चर्चित डबल डाउन बार हत्याकांड के बाद प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए छह थाना क्षेत्रों में धारा 163 लागू कर दी है। वहीं, मृतक हिमांशु सिंह का पोस्टमार्टम परिजनों की गैर-मौजूदगी में तड़के 3 बजे कराए जाने से नया विवाद खड़ा हो गया है। जानिए पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट।

डबल डाउन बार कांड के बाद जमशेदपुर में हाई अलर्ट, 6 थाना क्षेत्रों में धारा 163 लागू; तड़के 3 बजे हुआ पोस्टमार्टम
6 थाना क्षेत्रों में धारा 163।

       HighLights:

  • डबल डाउन बार कांड के बाद जमशेदपुर के 6 थाना क्षेत्रों में बीएनएसएस की धारा 163 लागू
  • धरना-प्रदर्शन, जुलूस, पुतला दहन और सड़क जाम पर प्रतिबंध
  • सार्वजनिक स्थानों पर हथियार और पांच से अधिक लोगों के जुटने पर रोक
  • हिमांशु सिंह का पोस्टमार्टम मंगलवार तड़के करीब 3 बजे कराया गया
  • पोस्टमार्टम के दौरान मृतक के परिजन मौजूद नहीं थे, जिससे विवाद गहरा गया
  • मामले में अब तक दो आरोपित गिरफ्तार, थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मी निलंबित
  • विधि-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाए

रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड के औद्योगिक शहर जमशेदपुर में बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन (डीडी) बार एंड रेस्टोरेंट के बाहर हुए चर्चित हत्याकांड ने पूरे शहर का माहौल तनावपूर्ण बना दिया है। घटना के बाद प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाते हुए छह थाना क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। वहीं, मृतक हिमांशु सिंह का परिजनों की गैर-मौजूदगी में तड़के तीन बजे पोस्टमार्टम कराए जाने से नया विवाद खड़ा हो गया है।

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छह थाना क्षेत्रों में लागू हुई धारा 163

धालभूम अनुमंडल दंडाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार बिष्टुपुर, साकची, सोनारी, कदमा, मानगो और एमजीएम थाना क्षेत्र में तत्काल प्रभाव से धारा 163 लागू कर दी गई है। यह आदेश 1 जुलाई से अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन के अनुसार, डबल डाउन बार की घटना के बाद कई स्थानों पर धरना-प्रदर्शन, सड़क जाम और जनसभा की संभावनाएं सामने आई थीं। ऐसी स्थिति में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।

धरना, जुलूस और पुतला दहन पर रोक

निषेधाज्ञा के तहत बिना अनुमति किसी भी प्रकार के धरना-प्रदर्शन, जुलूस, घेराव, पुतला दहन, सड़क जाम और विरोध कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जा सकेंगे। साथ ही बिना प्रशासनिक अनुमति के लाउडस्पीकर या ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों पर लाठी-डंडा, तीर-धनुष, गड़ासा, भाला या अन्य घातक हथियार लेकर चलने पर भी रोक लगा दी गई है। पांच या उससे अधिक लोगों के एक स्थान पर एकत्र होने पर भी प्रतिबंध रहेगा। हालांकि यह आदेश ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों, दंडाधिकारियों, चिकित्साकर्मियों और मान्यता प्राप्त मीडियाकर्मियों पर लागू नहीं होगा।

तड़के 3 बजे कराया गया हिमांशु सिंह का पोस्टमार्टम

डबल डाउन बार के बाहर हुए हमले में गंभीर रूप से घायल हिमांशु सिंह की सोमवार देर शाम इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद मंगलवार तड़के करीब तीन बजे एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उनके शव का पोस्टमार्टम कराया गया।जानकारी के अनुसार, टाटा मुख्य अस्पताल से शव को पुलिस सुरक्षा के बीच करीब 2:30 बजे पोस्टमार्टम हाउस लाया गया और उपायुक्त के निर्देश पर देर रात ही पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई गई।

परिजनों की गैर-मौजूदगी पर उठे सवाल

पोस्टमार्टम के समय मृतक के परिजन मौजूद नहीं थे। परिवार का आरोप है कि उन्हें पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू होने से पहले पर्याप्त सूचना नहीं दी गई। उनका कहना है कि परिवार के किसी सदस्य की मौजूदगी के बिना इतनी महत्वपूर्ण कानूनी प्रक्रिया पूरी कर देना उनकी भावनाओं को आहत करने वाला है। इस घटनाक्रम के बाद शहर में प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

कानून-व्यवस्था का हवाला देकर लिया गया फैसला

प्रशासन का कहना है कि शहर की संवेदनशील स्थिति और संभावित तनाव को देखते हुए रात में ही पोस्टमार्टम कराना आवश्यक था। अधिकारियों के अनुसार पूरी प्रक्रिया कानूनी प्रावधानों और सक्षम अधिकारियों की निगरानी में पूरी कराई गई है।

शहर में भारी आक्रोश, पुलिस पर कार्रवाई

हिमांशु सिंह की मौत के बाद पूरे जमशेदपुर में आक्रोश का माहौल है। मृतक के परिजनों ने पहले मांग की थी कि मुख्य आरोपित की गिरफ्तारी या एनकाउंटर से पहले शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया जाएगा। इस मामले में पुलिस अब तक दो आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं, कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। इसके अलावा जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को भी उनके पद से हटा दिया गया है।

प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती

डबल डाउन बार हत्याकांड अब केवल एक आपराधिक घटना नहीं रह गई है, बल्कि यह जमशेदपुर की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक क्षमता की बड़ी परीक्षा बन गई है। आने वाले दिनों में पुलिस जांच, आरोपितों की गिरफ्तारी और प्रशासनिक कार्रवाई पर पूरे राज्य की नजर बनी रहेगी।