गिरिडीह। झारखंड के गिरडीह जिले में क्रिमिनलों में कौफ माने जाने वाले पुलिस इंस्पेक्टर सह टाउन पुलिस स्टेशन के ऑफिसर इंचार्ज रामनारयण चौधरी ने मानवता का परिचय दिया है। सूरत से काम कर घर लौट रहे दिहाड़ी मजदूरों को गिरिडीह बस स्टैंड से रात में बस नहीं मिलने पर इंस्पेक्टर ने अपनी ओर से उनलोगों के लिए ठहरने से लेकर खाने तक की व्यवस्था कर दरियादिली दिखाई।
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नगर थाना प्रभारी गिरिडीह के द्वारा मजदूरों को किया गया मदद।
— GIRIDIH POLICE (@GIRIDIHPOLICE) January 21, 2023
सूरत से मजदूरी कर लौट रहे मजदूरों को रात में बस नहीं मिलने के कारण ठहरने की व्यवस्था खाने का सामग्री एवं कंबल प्रदान किया गया।@JharkhandPolice @homkar_amol @DigHazaribagh pic.twitter.com/zy0iqnD02z
पुलिस इंस्पेक्टर ने नाइट पेट्रोलिंग के दौरान बस स्टैंड में मजदूरों को ठंड में परेशान देखकर उनसे खड़े रहने के संबंध में पूछताछ की। मजदूरों ने उन्हें रात में बस नहीं मिलने की परेशानी से अवगत कराया। इंस्पेक्टर ने ठंढ़ से बचाव के लिए सभी को एक-एक कंबल दिया। इसके बाद सभी को बक्सीडीह रोड में एक होटल में रात को ठहराया व खाने की व्यवस्था दी।
सुबह में सभी मजदूर बस से अपने घर के लिए बस पड़ाव से रवाना हो गए। सभी मजदूर हजारीबग जिले के कटकमसांडी के रहने वाले थे। इसमें दो महिला व आठ पुरुष सदस्य थे। वे सभी सूरत से ट्रेन से मधुपुर पहुंचे थे। वहां से रात की ट्रेन से गिरिडीह पहुंचकर बस के लिए बस स्टैंड पहुंचे थे।