- झारखंड के गैंगस्टरों पर विदेश में शिकंजा
- मलेशिया में बैठे गैंगस्टर राहुल सिंह के खिलाफ जारी होगा रेड कॉर्नर नोटिस
- रामगढ़ का राहुल दुबे भी बाहर से संचालित कर रहा गैंग
रांची (Threesocieties.com Desk)। झारखंड से विदेश भागकर संगठित अपराध चला रहे कुख्यात गैंगस्टरों को भारत वापस लाने की दिशा में बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के निदेशक ने प्रत्यर्पण संधि (Extradition Treaty) के तहत फरार अपराधियों को भारत लाने के लिए झारखंड पुलिस को औपचारिक पत्र लिखा है। इसके बाद राज्य पुलिस और सीआईडी ने कार्रवाई तेज कर दी है।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार, झारखंड के तीन कुख्यात अपराधी विदेश में बैठकर राज्य में आपराधिक गिरोह का संचालन कर रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख नाम धनबाद के वासेपुर निवासी गैंगस्टर प्रिंस खान का है, जो फिलहाल दुबई से झारखंड में आपराधिक नेटवर्क चला रहा है। प्रिंस खान के खिलाफ पहले से ही इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी है।वहीं, लातेहार जिले के चंदवा निवासी गैंगस्टर राहुल सिंह वर्तमान में मलेशिया में छिपा हुआ है। उसके खिलाफ पहले से ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी है, लेकिन अब झारखंड पुलिस ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इसके अलावा, रामगढ़ जिले का कुख्यात अपराधी राहुल दुबे भी विदेश से गिरोह का संचालन कर रहा है। पुलिस को सूचना मिली है कि वह नेपाल में बैठकर झारखंड में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा है। हालांकि फिलहाल उसके खिलाफ कोई इंटरपोल नोटिस जारी नहीं हुआ है, लेकिन एजेंसियां उसकी गतिविधियों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
सीआईडी मुख्यालय ने धनबाद SSP को लिखा पत्र
सीबीआई के निर्देश के बाद सीआईडी मुख्यालय ने धनबाद के एसएसपी को पत्र लिखकर विदेश में बैठे अपराधियों से जुड़े मामलों की विस्तृत रिपोर्ट और कानूनी दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है, ताकि प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को मजबूती दी जा सके।
इंटरपोल की जानकारी के बाद भी अटका प्रत्यर्पण प्रस्ताव
सीबीआई निदेशक ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि इंटरपोल द्वारा वांटेड अपराधियों की लोकेशन और गतिविधियों की जानकारी मिलने के बावजूद कई मामलों में प्रत्यर्पण प्रस्ताव समय पर नहीं भेजे जा रहे हैं, जिससे कार्रवाई में देरी हो रही है। बताया गया कि 16 और 17 अक्टूबर 2025 को CBI द्वारा प्रत्यर्पण नीति और चुनौतियों को लेकर एक राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया था, जिसका उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री ने किया था। सम्मेलन में स्पष्ट किया गया था कि-
रेड कॉर्नर नोटिस से अपराधी की गिरफ्तारी का रास्ता खुलता है
ब्लू कॉर्नर नोटिस से अपराधी की गतिविधियों पर निगरानी रखी जाती है
NIA/NCB और विदेशी एजेंसियों के समन्वय से प्रत्यर्पण प्रक्रिया तेज की जा सकती है
अब सीबीआई के सख्त रुख के बाद झारखंड पुलिस ने विदेश में बैठे अपराधियों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी पूरी कर ली है।