धनबाद: गणगौर उत्सव की धूम झरिया में, भव्य शोभायात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से गूंजेगा शहर

झरिया के श्री रानी सती मंदिर में 21 मार्च को धूमधाम से मनाया जाएगा गणगौर उत्सव। पूजा, सिंधारा, मेहंदी, भजन-कीर्तन और भव्य शोभायात्रा के साथ श्रद्धालुओं से सहभागिता की अपील।

धनबाद: गणगौर उत्सव की धूम झरिया में, भव्य शोभायात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से गूंजेगा शहर
श्रद्धालुओं से सहभागिता की अपील।

धनबाद (Threesocieties.com Desk) : धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक गणगौर उत्सव इस वर्ष झरिया में पूरे हर्षोल्लास और भव्यता के साथ मनाया जाएगा। झरिया स्थित श्री रानी सती मंदिर में शनिवार, 21 मार्च 2026 को इस विशेष पर्व के अवसर पर दिनभर विविध धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा।

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मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ने की संभावना है। आयोजकों के अनुसार, यह उत्सव न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का भी माध्यम है।

सुबह पूजा से शुरुआत, दिनभर रहेगा भक्तिमय माहौल

कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 7 बजे गणगौर पूजा से होगी, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं और श्रद्धालु भाग लेंगी। इसके बाद दादीजी का पारंपरिक सिंधारा उत्सव आयोजित किया जाएगा, जो विशेष रूप से महिलाओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहता है। दोपहर 2:30 बजे से चूड़ा, मेहंदी एवं भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान मंदिर परिसर पूरी तरह भक्ति और उल्लास के रंग में रंग जाएगा।

भव्य शोभायात्रा बनेगी मुख्य आकर्षण

शाम 4 बजे ईसर-गणगौर माता की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो झरिया के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए आनंद भवन तक पहुंचेगी। इस दौरान श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होकर पूरे शहर को उत्सवमय बना देंगे। आनंद भवन पहुंचने के बाद विधि-विधान के साथ गणगौर माता का विसर्जन किया जाएगा, जो इस उत्सव का अंतिम और अत्यंत महत्वपूर्ण चरण होता है।

आयोजकों की अपील: बढ़-चढ़कर लें हिस्सा

श्री रानी सती मंदिर समिति के अध्यक्ष द्वारका प्रसाद गोयनका ने नगरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इस आयोजन को सफल बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमारी समृद्ध परंपरा और संस्कृति का प्रतीक है, जिसे सभी को मिलकर मनाना चाहिए।

इस आयोजन का संचालन श्री रानी सती सेवा समिति, झरिया द्वारा किया जा रहा है। समिति के सदस्यों ने भी श्रद्धालुओं से समय पर पहुंचकर कार्यक्रम में भाग लेने और इस उत्सव को यादगार बनाने का आग्रह किया है।

संस्कृति और परंपरा का जीवंत प्रतीक

गणगौर उत्सव विशेष रूप से महिलाओं का प्रमुख पर्व माना जाता है, जिसमें सुहाग, समृद्धि और खुशहाली की कामना की जाती है। झरिया में इसका आयोजन हर वर्ष भव्य रूप से किया जाता है, जो शहर की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत बनाता है। इस बार भी उम्मीद है कि यह उत्सव शहर में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करेगा।