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  • एक-दूसरे से लिपटे मिले दो युवकों के शव
    अमन को बचाने उतरा अरमान भी झील में डूबा
    ‘डेथ जोन’ बनी तोपचांची झील

धनबाद (Threesocieties.com Desk): धनबाद के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल तोपचांची झील में शुक्रवार को ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया। झील में डूब रहे युवक को बचाने के लिए इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए कूदे एक युवक की भी जान चली गई। घंटों की मशक्कत के बाद जब दोनों के शव झील से बाहर निकाले गए, तो वे एक-दूसरे से लिपटे हुए थे। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।

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मृतकों की पहचान झरिया कोयरी बांध निवासी कोयला व्यवसायी संदीप झुनझुनवाला के 22 वर्षीय पुत्र अमन झुनझुनवाला और गोविंदपुर थाना क्षेत्र के गांव बस्ती निवासी अरमान आलम के रूप में हुई है।

दोस्तों संग घूमने पहुंचा था अमन

जानकारी के अनुसार अमन अपने दोस्तों रुद्र कुमार साव और प्रियांशु कुमार के साथ घूमने के लिए तोपचांची झील पहुंचा था। लीची बागान में खाना खाने के बाद अमन झील में नहाने के लिए उतरा। इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा।अमन को बचाने के लिए उसके दोस्तों ने शोर मचाया। वहां मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले अरमान आलम ने बिना अपनी जान की परवाह किए झील में छलांग लगा दी।

इंसानियत दिखाने वाला अरमान भी नहीं बच सका

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अरमान ने अमन को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन झील की गहराई और तलहटी में मौजूद नरम कीचड़ के कारण दोनों पानी में समा गए। घटना की सूचना मिलते ही तोपचांची पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से खोज अभियान शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद दोनों युवकों के शव झील से बाहर निकाले गए। लोग उस समय भावुक हो उठे, जब दोनों के शव एक-दूसरे से लिपटे हुए मिले। अरमान को शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज अस्पताल और अमन को असर्फी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।

‘डेथ जोन’ बन चुकी है तोपचांची झील

ब्रिटिश काल में वर्ष 1915-1924 के बीच बनी 559 हेक्टेयर में फैली तोपचांची झील कभी अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जानी जाती थी, लेकिन अब यह लगातार हादसों के कारण ‘डेथ जोन’ बनती जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि माडा प्रशासन सिर्फ प्रवेश शुल्क वसूलने में व्यस्त है, जबकि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह नदारद है।

हादसों का लंबा इतिहास

2026: अमन और अरमान की मौत

झील में डूबते युवक को बचाने के दौरान दोनों युवकों की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया।

2023: इमरान समेत तीन की मौत

तोपचांची निवासी इमरान का शव झील से बरामद हुआ था। उसी दौरान एक ही परिवार के दो बच्चों की भी डूबने से मौत हुई थी।

2021: 16 वर्षीय रोहित की मौत

रोहित कुमार की मौत के बाद शव निकालने में प्रशासन को 26 घंटे लग गए थे।

2020: साजिद खान हादसे का शिकार

नहाने के दौरान गहराई में चले जाने से साजिद खान की मौत हुई थी।

2018 और 2017 में भी कई हादसे

सरायढेला के युवकों और पिकनिक मनाने आए छात्रों की डूबने से मौत हुई थी।

झील में छिपा है ‘स्लो डेथ ट्रैप’

स्थानीय लोगों और तकनीकी जानकारों के अनुसार झील से गाद निकालने के बाद उसकी तलहटी काफी खतरनाक हो चुकी है। कई जगहों पर नरम कीचड़ और अचानक गहरी ढलान बन गई है। विशेषकर पुल के पास का इलाका सबसे अधिक जानलेवा माना जा रहा है, जहां किनारे से कुछ कदम आगे बढ़ते ही 15 से 20 फीट गहराई शुरू हो जाती है।

सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल

स्थानीय लोगों का आरोप है कि:

झील के पास कोई लाइफ गार्ड नहीं है
मोटर चालित बचाव नौका की व्यवस्था नहीं
चेतावनी बोर्ड पर्याप्त नहीं
पर्यटकों को लाइफ जैकेट उपलब्ध नहीं कराई जाती
आपातकालीन रेस्क्यू सिस्टम पूरी तरह फेल है

लोगों का कहना है कि यदि स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित कर लाइफ गार्ड के रूप में नियुक्त किया जाए, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।

प्रशासन से उठी बड़ी मांग

इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि:

झील क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था तत्काल बढ़ाई जाए
खतरनाक इलाकों को प्रतिबंधित घोषित किया जाए
स्थायी गोताखोर टीम तैनात हो
मोटरबोट और लाइफ जैकेट की व्यवस्था की जाए
चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग लगाई जाए

तोपचांची झील की यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा इंतजामों की पोल खोलने वाली त्रासदी बन गई है।