झारखंड में कोयला माफिया बेलगाम, रोजाना 5000 टन अवैध कोयले की ढुलाई: बाबूलाल मरांडी

झारखंड में अवैध कोयला तस्करी को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि धनबाद-रानीगंज क्षेत्र से प्रतिदिन 5000 टन से अधिक चोरी का कोयला बिहार और यूपी भेजा जा रहा है, जिससे राज्य को अरबों का नुकसान हो रहा है।

झारखंड में कोयला माफिया बेलगाम, रोजाना 5000 टन अवैध कोयले की ढुलाई: बाबूलाल मरांडी
बाबूलाल मरांडी (फाइल फोटो)।

रांची।(Threesocieties.com Desk )। झारखंड में अवैध कोयला कारोबार को लेकर एक बार फिर सियासत गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमा से सटे क्षेत्रों में कोयला माफिया पूरी तरह बेलगाम हो चुके हैं और प्रतिदिन 5000 टन से अधिक अवैध कोयले की ढुलाई खुलेआम की जा रही है।

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बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से दावा किया कि पश्चिम बंगाल के रानीगंज और झारखंड के धनबाद स्थित अवैध खदानों से चोरी का कोयला जीटी रोड के रास्ते बिहार और उत्तर प्रदेश की मंडियों तक पहुंचाया जा रहा है। सैकड़ों ट्रकों के जरिए यह काला कारोबार हर दिन चल रहा है, लेकिन स्थानीय प्रशासन आंख मूंदे बैठा है।

फर्जी चालान और डिस्को पेपर के सहारे फल-फूल रहा अवैध कारोबार

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि कोयला तस्करी का यह पूरा नेटवर्क फर्जी चालान और डिस्को पेपर के सहारे संचालित किया जा रहा है। इन दस्तावेजों के जरिए अवैध कोयले को वैध दिखाकर अंतरराज्यीय स्तर पर सप्लाई किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस संगठित तस्करी के कारण झारखंड सरकार को हर महीने अरबों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। मरांडी ने यह भी आरोप लगाया कि पांडेय और सिंह गिरोह पुलिस व राज्य सरकार के संरक्षण में इस अवैध धंधे को अंजाम दे रहे हैं।

ईमानदार अधिकारी पर कार्रवाई, माफिया को मिला खुला मैदान

बाबूलाल मरांडी ने गिरिडीह के तत्कालीन एसपी दीपक शर्मा का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान जीटी रोड पर सक्रिय कोयला तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की थी। एक वर्ष में 58 कोयला लदे ट्रकों को जब्त किया गया था, जिससे माफिया में हड़कंप मच गया था।लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध कारोबार में बाधा बनने के कारण उक्त पुलिस अधिकारी का तबादला करा दिया गया। उनके स्थानांतरण के बाद से क्षेत्र में पुलिसिया कार्रवाई लगभग नगण्य हो गई और कोयला माफिया फिर से सक्रिय हो गये।

झारखंड पुलिस से त्वरित कार्रवाई की मांग

नेता प्रतिपक्ष ने झारखंड पुलिस से अपील की है कि वह इस गंभीर मामले का स्वतः संज्ञान ले और दोषियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई करे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई और मामला केंद्रीय जांच एजेंसियों तक पहुंचा, तो इसमें शामिल माफिया, पुलिस के जिम्मेदार अधिकारी और सत्ताधारी दल से जुड़े लोग इसे राजनीतिक साजिश बताकर बचने की कोशिश करेंगे

।मरांडी ने कहा कि बाद में ऐसी दलीलों का कोई असर नहीं पड़ेगा और राज्य की छवि देशभर में धूमिल होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का मामला नहीं, बल्कि झारखंड की अर्थव्यवस्था और कानून-व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।इस पूरे मामले में राज्य सरकार की चुप्पी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। विपक्ष का कहना है कि यदि प्रतिदिन हजारों टन कोयले की ढुलाई हो रही है, तो यह बिना प्रशासनिक मिलीभगत के संभव नहीं है। अब देखना होगा कि बाबूलाल मरांडी के इन गंभीर आरोपों के बाद सरकार और पुलिस प्रशासन क्या कदम उठाते हैं।