कोयला व खान सचिव से मिले चतरा सांसद कालीचरण सिंह ,सेरेनदाग में रेलवे लाइन दोबारा सर्वे की मांग

चतरा के टंडवा स्थित सेरेनदाग में रेलवे साइडिंग निर्माण और भूमि अधिग्रहण विवाद पर सांसद कालीचरण सिंह ने केंद्र सरकार से पुनः सर्वेक्षण और उच्चस्तरीय जांच की मांग की। ग्रामीणों में बढ़ी उम्मीद।

कोयला व खान सचिव से मिले चतरा सांसद कालीचरण सिंह ,सेरेनदाग में रेलवे लाइन दोबारा सर्वे की मांग
कोयला और खान सचिव से मिले एमपी कालीचरण सिंह।
  • चतरा में जमीन अधिग्रहण विवाद पहुंचा दिल्ली दरबार
  • सांसद कालीचरण सिंह की पहल से बढ़ी उम्मीद

चतरा (Threesocieties.com Desk): आम्रपाली कोल परियोजना के तहत ग्राम सेरेनदाग में प्रस्तावित रेलवे साइडिंग/लूप लाइन और भूमि अधिग्रहण को लेकर चल रहा विवाद अब केंद्र सरकार के उच्च स्तर तक पहुंच गया है। चतरा लोकसभा क्षेत्र के सांसद कालीचरण सिंह ने इस मामले को गंभीरता से उठाते हुए कोयला सचिव और खान सचिव से मुलाकात कर पुनः सर्वेक्षण और निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस दौरान हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल भी उनके साथ मौजूद रहे।

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सांसद की इस पहल से सेरेनदाग समेत आसपास के ग्रामीणों में उम्मीद जगी है कि लंबे समय से लंबित इस संवेदनशील मुद्दे का जल्द समाधान निकल सकता है।

297 एकड़ भूमि अधिग्रहण पर उठे सवाल

सांसद कालीचरण सिंह ने अपने पत्र में बताया कि टंडवा प्रखंड के सेरेनदाग गांव में करीब 297 एकड़ भूमि को CBA एक्ट 1957 के तहत अधिग्रहण की प्रक्रिया में शामिल किया गया है। लेकिन CMPDI (Central Mine Planning & Design Institute) की रिपोर्ट के अनुसार इस जमीन में कोयले की उपलब्धता नहीं है और यहां खनन की कोई व्यवहारिक संभावना भी नहीं पाई गई है। ऐसे में ग्रामीणों ने इस अधिग्रहण को अनावश्यक बताया है।

गांव के बीच से गुजर रही प्रस्तावित रेलवे लाइन

विवाद का सबसे बड़ा कारण प्रस्तावित रेलवे साइडिंग का वर्तमान नक्शा है। ग्रामीणों का आरोप है कि रेलवे लाइन का रूट सीधे गांव के बीच से गुजर रहा है, जिससे बड़ी संख्या में लोगों की जमीन अधिग्रहण की जद में आ रही है। इससे बड़े पैमाने पर विस्थापन की आशंका पैदा हो गई है और लोगों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है।

ग्राम सभा में अनियमितताओं का आरोप

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि ग्राम सभा की प्रक्रिया में अनियमितताएं हुईं है। बिना पूरी कानूनी प्रक्रिया अपनाए NOC लेने की कोशिश की गई है। स्थानीय लोगों की सहमति को नजरअंदाज किया गया है। इस संबंध में ग्रामीणों द्वारा पहले ही संबंधित अधिकारियों को शिकायत दी जा चुकी है।

विकास के खिलाफ नहीं, लेकिन अन्याय बर्दाश्त नहीं

सांसद कालीचरण सिंह ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं। वे रेलवे साइडिंग निर्माण के लिए आवश्यक जमीन देने को तैयार हैं, लेकिन अनावश्यक भूमि अधिग्रहण, गलत नक्शा व  पारदर्शिता की कमी जैसे कारणों से उन्हें सामाजिक और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

सांसद की प्रमुख मांगें

सांसद ने केंद्र सरकार से निम्न मांगें की हैं:

पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच
CBA एक्ट के तहत अधिग्रहित अनावश्यक भूमि की समीक्षा और मुक्त करना
रेलवे साइडिंग/लूप लाइन के लिए पुनः सर्वेक्षण
भविष्य की सभी प्रक्रियाओं को पारदर्शी और कानूनी तरीके से लागू करना

ग्रामीणों में जगी नई उम्मीद

सांसद कालीचरण सिंह की लगातार सक्रियता और पहल से क्षेत्र के लोगों में भरोसा बढ़ा है कि अब उनकी आवाज दिल्ली तक पहुंच चुकी है। सेरेनदाग के ग्रामीणों ने सांसद के इस प्रयास के लिए आभार जताया है और उम्मीद जताई है कि जल्द ही उन्हें न्याय मिलेगा और अनावश्यक भूमि अधिग्रहण से राहत मिलेगी।