पटना। दिवंगत सेंट्रल मिनिस्टर रामविलास के निधन के बाद उनका परिवार और पार्टी दोनों की एकजुटता खत्म हो गई। रामविलास के छोटे भाई  पशुपति कुमार पारस और पुत्र चिराग पासवान के बीच लगातार दूरियां बढ़ती गईं। दोनों ने अलग-अलग पार्टियां बना ली लेकिन अब परिवार में कड़वाहट कुछ कम हुई है। चर्चा है कि जल्द ही सबकुछ ठीक हो जायेगा।

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जमुई एमपी चिराग पासवान मंगलवार को बिहार गवर्नमेंट के खिलाफ पटना में रोड पर प्रदर्शन कर रहे थे, उसी वक्त उनके छोटे भाई समस्तीपुर एमपी प्रिंस राज अपनी बड़ी मां (रामविलास पासवान की पहली पत्नी) का आशीर्वाद लेने खगडि़या के शहरबन्नी पहुंचे थे। रामविलास पासवान की पहली पत्नी राकुमारी देवी यही पर रहती हैं।

प्रिंस ने बड़ी मां के हाथों से खाया दाल-रोट और सब्जी

समस्तीपुर एमपी लगभग दो घंटे तक शहरबन्नी में रुके। उन्होंने अपनी बड़ी मां राजकुमारी देवी के पांव छुकर आशीर्वाद लिया। बड़ी मां ने अपने हाथों से दाल-रोटी और सब्जी खिलाया। इस दौरान फैमिली के अन्य मेंबर के बारे में जानकारी ली। जब प्रिंस राज वहां से रवाना होने लगे तो बड़ी मां ने कहा, बेटा गांव आते रहियो, हम्मर आशीर्वाद सब दिन तोहरा सब भाई के साथ छै। शाम लगभग तीन बजे प्रिंोस राज शहरबन्नी से समस्तीपुर के लिए रवाना हो गये।

तरह-तरह की हो रहीं चर्चाएं

प्रिंस राज के अचानक शहरबन्नी गांव पहुंचने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है रामविलास पासवान का भाइयों और परिवार के अन्य सदस्यों के प्रति प्रेम रहा है। लेकिन उनके निधन के बाद ही परिवार और पार्टी दोनों बिखर गई। ऐसे में प्रिंस राज का शहरबन्नी पहुंचने के अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं। हालांकि इस बारे में कोई कुछ भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है।