धनबाद रिंग रोड मुआवजा घोटाला केस में एसीबी का बड़ा एक्शन, JPSC के परीक्षा नियंत्रक समेत 17 गिरफ्तार

धनबाद रिंग रोड जमीन मुआवजा घोटाले में ACB की बड़ी कार्रवाई। JPSC के परीक्षा नियंत्रक समेत 17 गिरफ्तार, 300 करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

धनबाद रिंग रोड मुआवजा घोटाला केस में एसीबी का बड़ा एक्शन, JPSC के परीक्षा नियंत्रक समेत 17 गिरफ्तार
सदर अस्पताल में गिरफ्तार आरोपितों की जांच।
  • झारखंड का सबसे बड़ा जमीन मुआवजा घोटाला बेनकाब
  •  300 करोड़ की लूट का खुलासा

धनबाद | Dhanbad Ring Road Scam: झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने धनबाद रिंग रोड भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाले में JPSC के वर्तमान परीक्षा नियंत्रक विशाल कुमार समेत कुल 17 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई गुरुवार देर रात से शुक्रवार सुबह तक चली, जिसके लिए ACB ने लगभग 10 विशेष टीमों का गठन किया था।

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एसीबी की टीम ने सभी गिरफ्तार आरोपियों को मेडिकल जांच करा कोर्ट में पेश किया। आरोपियों को न्यायालय में पेशी के बाद जेल भेज दिया गया। यह मामला धनबाद रिंग रोड निर्माण के लिए किए गए भूमि अधिग्रहण से जुड़ा है, जहां रैयतों को दिए जाने वाले मुआवजे में करीब 300 करोड़ रुपये की भारी गड़बड़ी सामने आई है। जांच में खुलासा हुआ है कि तत्कालीन अधिकारियों, भू-राजस्व कर्मियों और बिचौलियों के गठजोड़ ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे वास्तविक लाभुकों की जगह अन्य लोगों के नाम पर भुगतान कर सरकारी राशि का बंदरबांट किया।

 कैसे हुआ घोटाला?

ACB की जांच के अनुसार, झरिया पुनर्वास एवं विकास प्राधिकार (JRDA) के अंतर्गत रिंग रोड परियोजना के दौरान:

  • फर्जी कागजात तैयार किए गए

  • सरकारी पद का दुरुपयोग हुआ

  • अशिक्षित, कमजोर और अनुसूचित जनजाति वर्ग के रैयतों की मुआवजा राशि का छलपूर्वक गबन किया गया

  • नियमों और प्रक्रियाओं को दरकिनार कर सुनियोजित षड्यंत्र रचा गया

किन-किन शहरों में छापेमारी?

ACB की टीमों ने रांची, धनबाद और देवघर के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर आरोपितों को हिरासत में लिया। गिरफ्तार सभी आरोपितों की मेडिकल जांच धनबाद सदर अस्पताल में कराई गई।

गिरफ्तार आरोपितों की सूची

इस बहुचर्चित मामले में कुल 31 लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिनमें से अब तक 17 की गिरफ्तारी हो चुकी है। गिरफ्तार आरोपितों में शामिल हैं:

  • उदयकांत पाठक (तत्कालीन भू-अर्जन पदाधिकारी)

  • मिथिलेश कुमार

  • सोमेश्वर शर्मा

  • अनुपमा कुमारी

  • शंकर प्रसाद दुबे

  • आलोक बरियार उर्फ जैकी लाल

  • सुशील प्रसाद

  • विशाल कुमार (पूर्व अंचल अधिकारी, धनबाद एवं वर्तमान JPSC परीक्षा नियंत्रक)

  • रविंद्र कुमार

  • कुमारी रत्नाकर उर्फ रत्नाकर कुमारी

  • दिलीप गोप

  • बप्पी राय चौधरी उर्फ गोपी राय चौधरी

  • रामकृपाल गोस्वामी

  • अशोक कुमार महतो

  • उमेश महतो

  • अनिल कुमार उर्फ अनिल कुमार सिंह

  • काली प्रसाद सिंह

इसके अलावा अधिवक्ता सुशील कुमार की गिरफ्तारी हुई है।

अब तक की कानूनी स्थिति

  • इस मामले में जिले में कुल 5 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं

  • निगरानी कांड संख्या 32/16 के तहत जांच चल रही है

  • दो आरोपियों की मौत हो चुकी है

  • एक आरोपी साधु शरण पाठक जमानत पर बाहर है

  • सखी चंद्र महतो फिलहाल जेल में बंद है

भू-अर्जन से संबंधित इस मामले में जिले में कुल पांच आपराधिक मुकदमे दर्ज किए गए थे। निगरानी विभाग ने कांड संख्या 32/16 के तहत यह कार्रवाई की है। इस मामले में दो आरोपियों की पहले ही मौत हो चुकी है। एक आरोपी साधु शरण पाठक जमानत पर मुक्त है, जबकि सखी चंद्र महतो फिलहाल जेल में बंद है। निगरानी जांच में यह बात सामने आई है कि तत्कालीन अधिकारियों और दलालों के गठजोड़ ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर वास्तविक लाभुकों के बजाय अन्य लोगों के नाम पर मुआवजा भुगतान कराया और सरकारी राशि का गबन किया। आरोप है कि इस पूरे प्रकरण में नियमों को दरकिनार कर व्यापक अनियमितताएं की गईं।

आगे क्या?

फिलहाल सभी गिरफ्तार आरोपितों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया चल रही है। ACB अधिकारियों के मुताबिक, जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं। यह कार्रवाई झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा संदेश मानी जा रही है।