उत्तराखंड :चमोली में ग्लेशियर टूटने से भारी तबाही, 150 लोगों के लापता होने की आशंका, अभी तक मिले तीन बॉडी

उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर टूटने व  एवलांच से भारी तबाही हुई है।150 लागों के लापता होने की आशंका है। एनडीआरएफ ने अभी तक तीन बॉडी बरामद किये हैं। एनडीआरएफ व आर्मी का युद्ध स्तर पर राहत व बचाव कार्य में लगी है।

उत्तराखंड :चमोली में ग्लेशियर टूटने से भारी तबाही, 150 लोगों के लापता होने की आशंका, अभी तक मिले तीन बॉडी
  •  युद्धस्तर पर राहत व बचाव कार्य जारी
  • तबाह हुआ ऋषिगंगा हाइड्रो पावर प्रोजेक्‍ट, 150 लोगों के लापता होने की आशंका

ऋषिकेश।चमोली में ग्लेशियर टूटने व  एवलांच से भारी तबाही हुई है।150 लागों के लापता होने की आशंका है। एनडीआरएफ ने अभी तक तीन बॉडी बरामद किये हैं। एनडीआरएफ व आर्मी का युद्ध स्तर पर राहत व बचाव कार्य में लगी है।

ऋषिगंगा हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट पूरी तरह से तबाह हो गया है। धौलीगंगा पर बने हाइड्रो प्रोजेक्ट का बांध टूट गया। इससे गंगा और उसकी सहायक नदियों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। इसे देखते हुए राज्य में चमोली से लेकर हरिद्वार तक रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। पानी कर्णप्रयाग तक पहुंच गया है।  जिस समय यह हादसा हुआ, तब दोनों प्रोजेक्ट पर बड़ी संख्या में मजदूर कार्य कर रहे थे। इस हादसे में लगभग 150 लोगों के लापता होने की आशंका है। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत लगातार इस घटनाक्रम पर निगरानी रखे हुए हैं। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत जोशीमठ पहुंच गए हैं। उन्होंने यहां घटनास्थल का मुआयना किया और पूरी जानकारी ली।

पीएम मोदी, व शाह ने सीएम से की बात

पीएम नरेंद्र मोदी व होम मिनिस्टर अमित शाह ने उत्तराखंड के सीएम से बात की है। सीएम के हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।  पीएम मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा, उत्तराखंड में आपात स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं। देश उत्तराखंड के साथ खड़ा है और राष्ट्र सभी की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करता है। वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार बात की जा रही है ।एनडीआरएफ की तैनाती, बचाव कार्य और राहत कार्यों की लगातार जानकारी ली जा रही है। होम मिनिस्टर अमित शाह ने ट्वीट किया, 'इस संबंध में सीएम त्रिवेंद्र रावत से बात की गई है। डीजी आइटीबीपी और डीजी एनडीआरएफ से भी बात की गई है। सभी संबंधित अफरसर लोगों को सुरक्षित करने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं। एनडीआरएफ बचाव कार्य के लिए निकल गई है। देवभूमि को हर संभव मदद दी जायेगी। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ट्वीट करते हुए लिखा, चमोली जिले से एक आपदा का समाचार मिला है। जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और आपदा प्रबंधन को इस आपदा से निपटने की आदेश दे दिए हैं। किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। सरकार सभी जरूरी कदम उठा रही है।

 हेल्पलाइन नंबर जारी

चीफ सेकरेटरी ओम प्रकाश ने बताया कि एनडीआरएफ भी प्रभावित इलाकों के लिए रवाना हो चुकी है। पानी का बहाव अब थोड़ा कम हुआ है। इस कारण निचले इलाकों में रहने वालों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। वहीं, इस आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ और उत्तराखंड पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। +911352410197, +9118001804375, +919456596190। इन नंबरों पर फोन कर मदद ली जा सकती है।

उल्लेखनीय है कि रविवार सुबह एवलांच के बाद चमोली जिले के अंर्तगत ऋषिगंगा नदी पर रैणी गांव में निर्माणाधीन 24 मेगावाट के हाइड्रो प्रोजेक्ट का बैराज टूट गया। इसके बाद मलबे और पानी का तेज बहाव धौलीगंगा की ओर बढ़ा। नतीजतन रैणी से लगभग 10 किमी दूर तपोवन में धौलीगंगा नदी पर निर्माणाधीन 520 मेगावाट की विद्युत परियोजना का बैराज भी टूट गया। इसके बाद हालात बिगड़ गये। दोनों प्रोजेक्ट पर काम कर रहे बड़ी संख्या में मजदूरों के बहने की आशंका है।

 टिहरी बांध में टरबाइनों का संचालन बंद

चमोली में बांध टूटने के बाद टीएचडीसी के टिहरी बांध में भी टरबाइनों का संचालन बंद कर दिया गया है। टिहरी बांध से इन दिनों 200 क्यूमेक्स पानी भागीरथी नदी में छोड़ा जा रहा था, लेकिन अब एडीसी प्रशासन ने भागीरथी में पानी छोड़ना बंद कर दिया है। इस संबंध में टीएचडीसी प्रशासन ने नेशनल ग्रिड को भी अवगत करा दिया है। अब कुछ समय तक टिहरी बांध से बिजली उत्पादन नहीं हो पायेगा।

 नदी किनारे रहने वालों के लिए अलर्ट जारी

 चमोली में बांध टूटने से नदी में जल स्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए टिहरी प्रशासन ने कीर्तिनगर, देवप्रयाग में नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए अलर्ट जारी किया है। देवप्रयाग संगम पर भी लोगों की आवाजाही बंद कर दी गई है। वहीं, नदी किनारे जितनी भी बस्तियां हैं सभी में लोगों को ऊंचाई वाले इलाकों में जाने के लिए कहा गया है। प्रशासन नदी किनारे खनन पट्टों पर कार्य कर रहे लोगों को भी हटा रहा है।चमोली में बांध टूटने की घटना के बाद पैदा हुए हालात को देखते हुए पौड़ी जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ गया है। डीएम धीराज सिंह ने बताया कि धारी देवी के पास बने बांध से पानी छोड़ने के आदेश जारी कर दिए हैं। श्रीनगर में नदी वाले इलाकों में रहे लोगों को हटाने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

चमोली से लेकर हरिद्वार तक अलर्ट

चमोली में हिमखंड टूटने के बाद ऋषिगंगा और फिर धौलीगंगा पर बने हाइड्रो प्रोजेक्ट का बांध टूट गया। इससे से गंगा और उसकी सहायक नदियों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। इसके साथ ही वहां काम कर रहे कई मजदूरों के बहने की आशंका है। राज्य में चमोली से लेकर हरिद्वार तक अलर्ट जारी कर दिया गया है।ऋषिकेश कोडियाला इको टूरिज्म जोन में जल पुलिस और एसडीआरएफ को अलर्ट कर दिया गया है। जल पुलिस के साथ आपदा प्रबंधन दल राफ्टिंग स्थलों पर पहुंच गया है। यहां राफ्टिंग बंद करा दी गई है। इसके साथ ही घाटों के किनारे रह रहे बेसहारा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। टिहरी में भी प्रशासन ने कीर्तिनगर, देवप्रयाग में नदी किनारे अलर्ट जारी किया है। देवप्रयाग संगम पर भी लोगों की आवाजाही बंद कर दी गई है। वहीं, नदी किनारे जितनी भी बस्तियां हैं सभी में लोगों को ऊंचाई वाले इलाकों में जाने के लिए कहा गया है। खनन पट्टों पर कार्य कर रहे लोगों को भी हटाया जा रहा है।हरिद्वार में भी इसे देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है।