प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के  माफिया अतीक अहमद और उसके छोटे भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ की मर्डर  करने वाले तीनों शूटर अरुण मौर्य, सन्नी सिंह और लवलेश तिवारी को 14 दिन की ज्यूडिशियल में जेल भेज दिया गया है। अगली सुनवाई 29 अप्रैल को होगी। अतीक और पुलिस ने रविवार को तीनों को कोर्ट में पेश किया, इसके बाद उन्हें 14 दिन की जेल भेज दिया गया है। पुलिस नेतीनों की कोर्ट से रिमांड मांगी थी। हालांकि रिमांड पर सुनवाई नहीं हो सकी।

ADVERTISEMENT

यह भी पढ़ें:Uttar Pradesh : Atique Ahmed व अशरफ की बॉडी असद की कब्र के पास दफनाये गये,दोनों नाबालिग बेटे कब्रिस्तान पहुंचे

तीनों हमलावर शनिवार की रात बाइक से आयेऔर अंधाधुंध गोलियां बरसाकर अतीक अहमद और अशरफ की मर्डर कर दी थी। अतीक और अशरफ की मर्डर करनेवाले तीनों आरोपी लवलेश तिवारी (बांदा), मोहित उर्फ सनी (हमीरपुर) और अरुण मौर्य (कासगंज) के खिलाफ रविवार की सुबह शाहगंज में मर्डर की रिपोर्ट लिखाई गई। तीनों आरोपियों के खिलाफ आइपीसी की सेक्शन 302 (हत्या) और 307 (हत्या के प्रयास) के अलावा आयुध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के पास से रात में ही घटना में प्रयुक्त आर्म्स को बरामद कर लिया था।
अतीक और अशरफ हत्याकांड की जांच के लिए न्यायिक जांच आयोग गठित
उत्तर प्रदेश गवर्नमेंट ने गैंगस्टर से लीडर बने एक्स एमपी अतीक अहमद और उसके भाई तथा एक्स एमएलए खालिद अजीम उर्फ अशरफ की प्रयागराज में पुलिस कस्टडी में हुई मर्डर की जांच के लिए तीन सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन किया है। आधिकारिकजानकारी के अनुसार इलाहाबाद हाइ कोर्ट के रिटायर जस्टिस अरविन्द कुमार त्रिपाठी द्वितीय की अध्यक्षता में एक्स डीजीपी सुबेश कुमार सिंह और रिटायर जनपद न्यायाधीश बृजेश कुमार सोनी को बतौर सदस्य आयोग में किया गया है। तीन सदस्यीय आयोग को मामले की जांच के बाद दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी। होम डिपार्टमेंट ने जांच आयोग अधिनियम, 1952 के तहत आयोग का गठन किया है। माफिया अतीक अहमद और अशरफ की मर्डर करने वाले तीनों का क्रिमिनल बैकग्राउंड है। मीडियाकर्मी बनकर घटनास्थल पर पहुंचे सनी हमीरपुर, अरुण उर्फ कालिया कासगंज और लवलेश तिवारी बांदा जिले का रहने वाला है। इन तीनों हमलावरों की माली हालत अच्छी नहीं है। ऐसे में सवाल उठता है कि इनके पास टर्की मेड महंगी जिगाला पिस्टल कहां से आ गयी। यह पिस्टल इंडिया में बैन है।
सनी सिंह के खिलाफ पहले से दर्ज है 15 केस
 सनी सिंह हमीरपुर जिले के कुरारा कस्बे का रहने वाला है। वो कुरारा पुलिस थाने का हिस्ट्रीशीटर है। इसकी हिस्ट्रीशीट नंबर 281ए है। उसके खिलाफ लगभग 15 केस दर्ज हैं। उसके भाई पिंटू ने बताया कि वो बीते 10 साल से अपने घर नहीं आया है। सनी के पिता जगत सिंह और मां की मौत हो चुकी है। सनी के तीन भाई थे, जिनमें से एक की मौत हो चुकी है और दूसरा भाई पिंटू घर पर रहता है।चाय की दुकान चलाता है। भाई ने बताया कि वह ऐसे ही घूमता-फिरता रहता था। फालतू के काम करता रहता था। हम उससे अलग रहते हैं।वो बचपन में ही घर से भाग गया था।

अतीक और अशरफ को लगीं थी तीन-तीन गोलियां
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि अतीक और अशरफ को तीन-तीन गोलियां लगी हैं। दोनों के बॉडी में एक एक गोली फंसी मिली। एक गोली अतीक के सिर में, एक कंधे पर और एक सीने में लगी है। पेट में व नाक पर कई छर्रे लगे हैं। इसी तरह अशरफ के सिर में एक, कंधे पर एक और पेट में एक गोली लगी है।
पुलिस कस्टडी में गोली मारकर कर दी गयी माफिया अतीक अहमद और अशरफ की मर्डर
उमेश पाल मर्डर केस में पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिये गये माफियाअतीक अहमद और उसके छोटे भाई एक्स एमएलए खालिद अजीम उर्फ अशरफ की 15 अप्रैल को रात लगभग साढ़े 10 बजे पुलिस कस्टडी में गोली मार कर मर्डर कर दी गयी थी। दोनों मेडिकल टेस्ट के लिए कॉल्विन हॉस्पिटल लाया गया था। पुलिस कस्टडी में माफिया ब्रदर्स कॉल्विन हॉस्पिटल के बाहर पत्रकारों से बात कर रहे थे। एक पत्रकार ने पूछा- आज जनाजे में आप लोग नहीं गये। उस बारे में कुछ कहना है? इस पर अतीक बोला- नहीं ले गए तो नहीं गये। इसी समय अशरफ ने बोलना शुरू किया- 'मेन बात ये है कि गुड्डु मुस्लिम...' इसी बीच एक युवक पीछे से आता है और तुर्किये मेड जिगाना पिस्टल से अतीक की कनपटी पर फायर कर देता है। अगले एक सेकेंड से भी कम समय में दो और फायर होते हैं, जो अशरफ की पसलियों में धंस जाते हैं। मौके पर ही अतीक व अशरफ की मौत हो गयी। अफरा-तफरी के बीच सभी मीडियाकर्मी और पुलिसकर्मी पीछे हट जाते हैं। इसके बाद तीन हमलावर अगले 16 सेकेंड में 18 राउंड फायर करते हैं। फिर हाथ उठाकर धार्मिक नारे लगाते हुए तीनों हमलावरों लवलेश तिवारी (बांदा), मोहित उर्फ सनी (हमीरपुर) और अरुण मौर्य (कासगंज) सरेंडर कर दिये। पुलिस आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त तुर्किये मेड जिगाना पिस्टल को बरामद ली।