बिहार में ‘सम्राट युग’ की शुरुआत: Samrat Choudhary बने 24वें CM, 2 डिप्टी CM के साथ NDA की नई सरकार
बिहार में बड़ा सत्ता परिवर्तन, सम्राट चौधरी ने 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। Vijay Kumar Chaudhary और Bijendra Prasad Yadav बने डिप्टी सीएम। जानिए शपथ ग्रहण से लेकर नई सरकार की पूरी कहानी।
- 20 साल बाद बदली सत्ता, बिहार को मिला नया चेहरा
पटना( Threesocieties.com Desk): बिहार की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक बदलाव दर्ज हुआ। Samrat Choudhary ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर राज्य के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में कमान संभाल ली। करीब दो दशक लंबे Nitish Kumar युग के बाद अब बिहार में “सम्राट सरकार” की शुरुआत हो चुकी है।
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शपथ ग्रहण समारोह: NDA शक्ति का प्रदर्शन
पटना के लोकभवन में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल Syed Ata Hasnain ने सम्राट चौधरी को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर NDA के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे, जिनमें J. P. Nadda, Chirag Paswan समेत कई प्रमुख चेहरे शामिल थे।
आज श्री @samrat4bjp जी ने बिहार के माननीय मुख्यमंत्री के रूप में निष्पक्षता, समर्पण और जनसेवा के संकल्प के साथ शपथ ग्रहण किया।
— BJP Bihar (@BJP4Bihar) April 15, 2026
इस अवसर पर माननीय पूर्व मुख्यमंत्री श्री @NitishKumar जी, माननीय राष्ट्रिय अध्यक्ष श्री @NitinNabin जी माननीय पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व स्वास्थ्य मंत्री… pic.twitter.com/EyX6ZJm9n7
दो डिप्टी CM के साथ नई टीम
नई सरकार में संतुलन बनाने के लिए दो डिप्टी मुख्यमंत्री बनाए गए: Vijay Kumar Chaudhary व Bijendra Prasad Yadav। दोनों नेताओं को प्रशासनिक अनुभव के आधार पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
शपथ से पहले मंदिर पहुंचे सम्राट
शपथ ग्रहण से पहले सम्राट चौधरी ने पटना के पंचरूपी हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद लिया। इसके बाद वे सीधे समारोह स्थल पहुंचे।
सम्राट चौधरी का पहला बयान
शपथ से पहले सम्राट चौधरी ने कहा: “मैंने Nitish Kumar से बहुत कुछ सीखा है।” “समृद्ध बिहार के सपने को आगे बढ़ाया जाएगा।” उन्होंने करीब 30 साल के अपने राजनीतिक अनुभव का जिक्र करते हुए विकास पर फोकस करने की बात कही।
राजनीतिक संदेश: BJP का पहला CM
यह पहला मौका है जब भारतीय जनता पार्टी का कोई नेता बिहार में मुख्यमंत्री बना है।
करीब 47 साल के लंबे इंतजार के बाद बीजेपी को यह अवसर मिला है।
कौन हैं डिप्टी CM?:
Bijendra Prasad Yadav
सुपौल से लगातार 9 बार विधायक
जेपी आंदोलन से राजनीति की शुरुआत
1990 में पहली बार विधायक बने
Vijay Kumar Chaudhary
Nitish Kumar के करीबी माने जाते हैं
बिहार विधानसभा अध्यक्ष रह चुके
कई विभागों का अनुभव
‘नीतीश युग’ का अंत, ‘सम्राट युग’ की शुरुआत
बिहार की राजनीति में यह बदलाव सिर्फ चेहरा बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी सत्ता संरचना के बदलाव का संकेत है। जहां एक ओर Nitish Kumar ने 20 साल तक राज्य की राजनीति को दिशा दी, वहीं अब सम्राट चौधरी के सामने उस विरासत को आगे बढ़ाने की चुनौती है।
आगे क्या?
सूत्रों के मुताबिक मंत्रिमंडल का विस्तार बंगाल चुनाव के बाद किया जाएगा। सरकार का फोकस विकास, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर पर रहेगा।
सबसे ज्यादा नीतीश तो सिर्फ पांच दिन सीएम रहे थे सतीश प्रसाद सिंह
सम्राट चौधरी बिहार के 24वें सीएम बूने हैं। यह पहली बार है जब बिहार में बीजेपी का मुख्यमंत्री चुना गया है।47 साल के लंबे इंतजार के बाद आज यह दिन आया है। दो दशक से ज्यादा का नीतीश युग 14 अप्रैल को खत्म हो चुका है। वो प्रदेश के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सीएम रहे। अब आज 15 अप्रैल से सम्राट युग शुरू हो गया है। जनता ने नीतीश कुमार के नेतृत्व में 20 साल का लंबा विकास का सफर भी देखा। एक बार ऐसा भी समय आया, जब किसी को बिहार का सीएम पद महज कुछ ही दिनों में छोड़ना पड़ा। नीतीश खुद पहली बार महज 7 दिन के मुख्यमंत्री ही रहे थे।
सीएम पद पर सबसे ज्यादा नीतीश तो सबसे कम कार्यकाल सतीश प्रसाद सिंह का
नीतीश कुमार सबसे ज्यादा समय तक मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बने रहे। 2000 में जब पहली बार वह सीएम बने तो मात्र सात दिनों में इस्तीफा देना पड़ा। लेकिन 2005 में जो वापसी की, उसके बाद वहीं टिक गए। गठबंधन बदलते रहे लेकिन मुख्यमंत्री का नाम वही रहा-नीतीश कुमार। पहली बार उन्होंने 3 मार्च, 2000 को शपथ ली और 10 मार्च, 2000 को इस्तीफा दे दिया। लेकिन वो सबसे कम कार्यकाल वाले मुख्यमंत्री नहीं हैं।
क्रम मुख्यमंत्री कार्यकाल
1 श्रीकृष्ण सिंह 1952-1961
2 दीपनारायण सिंह (कार्यवाहक) 1 फरवरी, 1961 - 18 फरवरी 1961
3 विनोदानन्द झा 18 फरवरी, 1961- 1 अक्टूबर 1963
4 कृष्ण वल्लभ सहाय 2 अक्टूबर 1963- 5 मार्च 1967
5 महामाया प्रसाद सिन्हा 5 मार्च 1967- 28 जनवरी, 1968
6 सतीश प्रसाद सिंह (कार्यवाहक) 28 जनवरी 1968- 1 फरवरी 1968 (5 दिन)
7 बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल 1 फरवरी 1968- 22 मार्च 1968
8 भोला पासवान शास्त्री 22 मार्च 1968 -29 जून 1968
9. सरदार हरिहर सिंह 26 फरवरी 1969- 22 जून 1969
10. भोला पासवान शास्त्री 22 जून 1969 - 4 जुलाई 1969
11. दरोगा प्रसाद राय 16 फरवरी 1970- 22 दिसंबर 1970
12. कर्पूरी ठाकुर 22 दिसंबर 1970- 2 जून 1971
13. भोला पासवान शास्त्री 2 जून 1971- 9 जनवरी 1972
14. केदार पांडेय 19 मार्च 1972- 2 जुलाई 1973
15. अब्दुल गफूर 2 जुलाई 1973- 11 अप्रैल 1975
16. डॉक्टर जगन्नाथ मिश्र 11 जुलाई 1975- 30 अप्रैल 1977
17. कर्पूरी ठाकुर 24 जून 1977- 21 अप्रैल 1979
18. राम सुन्दर दास 21 अप्रैल 1979-17 फरवरी 1980
19. डॉक्टर जगन्नाथ मिश्र 8 जून 1980-14 अगस्त 1983
20. चंद्रशेखर सिंह 14 अगस्त, 1983- 12 मार्च 1985
21. बिंंदेश्वरी दुबे 12 मार्च 1985- 13 फरवरी 1988
22. भागवत झा आजाद 14 फरवरी 1988- 10 मार्च 1989
23. सत्येंद्र नारायण सिंंह 11 मार्च 1989- 6 दिसंबर 1989
24. डॉक्टर जगन्नाथ मिश्र 6 दिसंंबर 1989- 10 मार्च 1990
25. लालू प्रसाद यादव 10 मार्च 1990 से 25 जुलाई 1997
26. राबड़ी देवी 25 जुलाई 1997- 2 मार्च 2000
27. नीतीश कुमार 3 मार्च 2000 से 10 मार्च 2000
28. राबड़ी देवी 11 मार्च 2000 से 6 मार्च 2005
29. नीतीश कुमार 24 नवंबर 2005- 25 नवंबर और 2010 26 नवंबर 2010-19 मई 2014
30. जीतन राम मांझी 20 मई 2014 से 22 फरवरी 2015
31. नीतीश कुमार 2 2 फरवरी 2015 से 14 अप्रैल 2026
सतीश प्रसाद सिंह ने 28 जनवरी, 1968 को उन्होंने कार्यवाहक मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। एक फरवरी, 1968 को उन्होंने इस्तीफा दे दिया था और उनकी जगह सीएम कुर्सी पर बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल बैठे थे। बिहार के पहले मुख्यमंत्री कौन बिहार में आजादी से पहले मुख्यमंत्री का पद नहीं था। श्रीकृष्ण सिंह 1937 से 1952 तक बिहार के प्रीमियर रहे थे। 1952 में जब बिहार में पहली बार मुख्यमंत्री का चयन हुआ तो जनता ने एक बार फिर उन्हीं पर भरोसा जताया। श्रीकृष्ण सिंह 1952 से 1961 तक मुख्यमंत्री रहे थे। 31 जनवरी, 1961 को सीएम रहते ही उनका निधन हुआ।






