तमिलनाडु फ्लोर टेस्ट में विजय का जलवा, 144 वोट से पास हुई TVK सरकार; AIADMK में बड़ी टूट

तमिलनाडु विधानसभा में सी. जोसेफ विजय की TVK सरकार ने 144 विधायकों के समर्थन से फ्लोर टेस्ट जीत लिया। AIADMK के 25 बागी विधायकों की क्रॉस-वोटिंग से सियासी हलचल तेज हो गई। DMK ने वॉकआउट किया जबकि विजय ने हॉर्स ट्रेडिंग के आरोपों को खारिज किया।

तमिलनाडु फ्लोर टेस्ट में विजय का जलवा, 144 वोट से पास हुई TVK सरकार; AIADMK में बड़ी टूट
तमिलनाडु में विजय की ‘ब्लॉकबस्टर’ जीत।
  • विधानसभा में भी सुपरस्टार बने विजय
  • AIADMK बगावत ने बदल दिया पूरा खेल
  •  AIADMK के 25 विधायकों ने किया क्रॉस-वोटिंग
  • DMK के वॉकआउट के बीच विजय सरकार पास

चेन्नई (Threesocieties.com Desk): तमिलनाडु की राजनीति में बुधवार को बड़ा सियासी ड्रामा देखने को मिला, जब अभिनेता से मुख्यमंत्री बने सी. जोसेफ विजय की तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) सरकार ने विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया। 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में विजय सरकार को 144 विधायकों का समर्थन मिला, जबकि विरोध में केवल 22 वोट पड़े। पांच विधायक अनुपस्थित रहे।

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फ्लोर टेस्ट के दौरान सबसे बड़ा राजनीतिक झटका AIADMK में देखने को मिला, जहां पार्टी के करीब 25 बागी विधायकों ने अपनी ही पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर विजय सरकार के समर्थन में वोट कर दिया। इस क्रॉस-वोटिंग ने तमिलनाडु की राजनीति में भूचाल ला दिया है।

DMK ने किया वॉकआउट, सदन में हाई-वोल्टेज ड्रामा

विश्वास मत प्रस्ताव पेश होते ही मुख्य विपक्षी पार्टी DMK ने सरकार पर हॉर्स ट्रेडिंग और राजनीतिक सौदेबाजी के आरोप लगाए। विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि TVK सरकार “उधार के सहयोगियों” और AIADMK में टूट के सहारे सत्ता में बनी हुई है। तीखी बहस के बाद DMK ने सदन से वॉकआउट कर दिया और मतदान प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया। इसके चलते सदन में राजनीतिक तनाव और बढ़ गया।

AIADMK में खुलकर सामने आई बगावत

फ्लोर टेस्ट के दौरान AIADMK दो गुटों में बंटी नजर आई। पार्टी प्रमुख एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) ने विजय सरकार का विरोध किया और विधायकों को सरकार के खिलाफ वोट करने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद वरिष्ठ नेता एस.पी. वेलुमणि और सी.वी. षणमुगम के नेतृत्व वाले बागी गुट ने TVK सरकार के समर्थन में मतदान कर दिया।

बताया जा रहा है कि AIADMK के 47 विधायकों में से करीब 30 विधायक इस गुट के संपर्क में थे और उनमें से 25 ने खुलकर विजय के पक्ष में वोट दिया। इस घटनाक्रम के बाद AIADMK में बड़ी टूट की अटकलें तेज हो गई हैं। पलानीस्वामी गुट ने बागी विधायकों पर दलबदल कानून के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी है।

कांग्रेस और वाम दलों का मिला साथ

TVK सरकार को पहले से कांग्रेस, CPI, CPI(M), VCK और IUML का समर्थन हासिल था। इन दलों के समर्थन के बाद विजय के पास बहुमत के लिए जरूरी आंकड़ा पहले ही पहुंच चुका था।

हालांकि मद्रास हाईकोर्ट द्वारा TVK के एक विधायक को मतदान से रोक दिए जाने के बाद सरकार के बहुमत पर सवाल उठने लगे थे। लेकिन AIADMK में हुई क्रॉस-वोटिंग ने विजय सरकार को और मजबूत कर दिया।

बीजेपी और PMK ने बनाई दूरी

फ्लोर टेस्ट के दौरान बीजेपी ने अपने एकमात्र विधायक के साथ तटस्थ रुख अपनाया। वहीं अंबुमणि रामदास की PMK ने भी मतदान से दूरी बनाई।

हालांकि टीटीवी दिनाकरन की AMMK से निष्कासित विधायक एस. कामराज ने सरकार के समर्थन में मतदान कर राजनीतिक समीकरण बदल दिए।

‘हॉर्स ट्रेडिंग नहीं, घोड़े की रफ्तार से काम’

विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री विजय ने सदन में कहा कि उनकी सरकार “हॉर्स ट्रेडिंग नहीं बल्कि घोड़े की रफ्तार से विकास कार्य” कर रही है।

विजय ने कहा कि उनकी सरकार तमिलनाडु के विकास, रोजगार और निवेश पर फोकस करेगी और विपक्ष केवल राजनीतिक आरोप लगाने में व्यस्त है।

विधानसभा में भी सुपरस्टार साबित हुए विजय

हालिया विधानसभा चुनाव में TVK 107 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। चुनावी जीत के बाद अब विजय ने फ्लोर टेस्ट में भी बड़ी सफलता हासिल कर यह साबित कर दिया कि उनका राजनीतिक करिश्मा सिर्फ चुनावी मंच तक सीमित नहीं है।

तमिलनाडु की राजनीति में इस फ्लोर टेस्ट के बाद नए समीकरण बनने तय माने जा रहे हैं। खासतौर पर AIADMK में बढ़ती बगावत और DMK की आक्रामक रणनीति आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति को और गर्मा सकती है।