SAIL ने रचा नया इतिहास: ₹4334 करोड़ PBT, बोकारो स्टील प्लांट ने कमाए ₹1415 करोड़, रिकॉर्ड मुनाफे से बढ़ी चमक

SAIL ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹4334 करोड़ का कर पूर्व लाभ दर्ज कर शानदार प्रदर्शन किया है। बोकारो स्टील प्लांट ने ₹1415 करोड़ का मुनाफा कमाकर प्रमुख लाभकारी संयंत्रों में जगह बनाई। कंपनी की परिचालन आय ₹1.10 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची।

SAIL ने रचा नया इतिहास: ₹4334 करोड़ PBT, बोकारो स्टील प्लांट ने कमाए ₹1415 करोड़, रिकॉर्ड मुनाफे से बढ़ी चमक
बोकारो प्लांट चमका।
  • ₹1.10 लाख करोड़ की आय के साथ SAIL ने बनाया रिकॉर्ड
  •  बोकारो इस्पात संयंत्र को मिली नई ऊर्जा

बोकारो (Threesocieties.com Desk): सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज इस्पात कंपनी Steel Authority of India Limited (SAIL) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में शानदार आर्थिक प्रदर्शन करते हुए रिकॉर्ड मुनाफा दर्ज किया है। नई दिल्ली में शुक्रवार को आयोजित निदेशक मंडल की बैठक में जारी वित्तीय परिणामों के अनुसार कंपनी का कर पूर्व लाभ (PBT) बढ़कर ₹4334 करोड़ पहुंच गया, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष में यह ₹3009 करोड़ था।

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इसी तरह कंपनी का कर पश्चात लाभ (PAT) भी बढ़कर ₹3233 करोड़ हो गया, जो पिछले वर्ष ₹2148 करोड़ था। कंपनी के इस प्रदर्शन को वैश्विक मंदी और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बीच भारतीय इस्पात उद्योग के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

बोकारो स्टील प्लांट ने दिखाया दम

सेल के प्रमुख एकीकृत इस्पात संयंत्रों में Bokaro Steel Plant का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। वित्तीय वर्ष 2025-26 में संयंत्र ने ₹1415.15 करोड़ का लाभ अर्जित किया। यह संयंत्र सेल के सबसे अधिक मुनाफा कमाने वाले प्रमुख प्लांटों में शामिल रहा। बोकारो इस्पात संयंत्र के बेहतर प्रदर्शन से कर्मचारियों और अधिकारियों में उत्साह का माहौल है। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत वित्तीय स्थिति के कारण अब संयंत्र के विस्तार, तकनीकी उन्नयन और नई परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकेगा।

परिचालन आय ने बनाया नया रिकॉर्ड

कंपनी की परिचालन आय बढ़कर ₹1,10,810 करोड़ पहुंच गई, जो पिछले वित्तीय वर्ष में ₹1,02,478 करोड़ थी। इसे कंपनी के इतिहास की सबसे अधिक आय माना जा रहा है। वहीं EBITDA यानी ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन पूर्व लाभ ₹13,146 करोड़ दर्ज किया गया। इससे स्पष्ट है कि कंपनी ने संसाधनों के बेहतर उपयोग और परिचालन दक्षता के जरिए अपनी आर्थिक स्थिति को और मजबूत किया है।

जनवरी-मार्च तिमाही में भी शानदार प्रदर्शन

जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही में भी SAIL का प्रदर्शन मजबूत बना रहा। इस दौरान कंपनी का कर पूर्व लाभ ₹2324 करोड़ रहा, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह ₹1564 करोड़ था। तिमाही के दौरान शुद्ध लाभ बढ़कर ₹1680 करोड़ पहुंच गया। कंपनी प्रबंधन का कहना है कि उत्पादन क्षमता में सुधार, लागत नियंत्रण और ऊर्जा उपयोग में दक्षता के कारण लाभप्रदता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।

उत्पादन और बिक्री दोनों में बढ़ोतरी

बीते वित्तीय वर्ष में कंपनी ने कच्चे इस्पात का उत्पादन 19.43 मिलियन टन तक पहुंचाया, जो पिछले वर्ष 19.17 मिलियन टन था। वहीं बिक्री मात्रा में 11.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह बढ़कर 19.93 मिलियन टन पहुंच गई। कंपनी का कहना है कि बाजार विस्तार, बेहतर सप्लाई मैनेजमेंट और भंडारण व्यवस्था में सुधार के कारण बिक्री को गति मिली।

कर्ज में भारी कमी, निवेश का रास्ता आसान

SAIL ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अपने कुल कर्ज में ₹8148 करोड़ की कमी दर्ज की है। इससे कंपनी की आर्थिक स्थिति और मजबूत हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि कर्ज घटने से अब नई परियोजनाओं, संयंत्र विस्तार और तकनीकी सुधार योजनाओं में निवेश करना आसान होगा। बोकारो इस्पात संयंत्र के आधुनिकीकरण की योजनाओं को भी इससे नई गति मिलने की उम्मीद है।

आधुनिक तकनीक और विशेष इस्पात पर रहेगा फोकस

कंपनी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक Amarendu Prakash Panda ने कहा कि आने वाले समय में कंपनी मूल्यवर्धित और विशेष इस्पात उत्पादों के उत्पादन पर अधिक ध्यान देगी। उन्होंने कहा कि बेहतर बिक्री, लागत नियंत्रण और ऊर्जा दक्षता के कारण कंपनी की लाभप्रदता में सुधार हुआ है। साथ ही उन्होंने कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।

किस प्लांट को हुआ कितना मुनाफा

भिलाई स्टील प्लांट — ₹2832.15 करोड़
राउरकेला स्टील प्लांट — ₹1608.68 करोड़
बोकारो स्टील प्लांट — ₹1415.15 करोड़
IISCO स्टील प्लांट — ₹962.22 करोड़
दुर्गापुर स्टील प्लांट — ₹475.06 करोड़

घाटे में रहने वाले प्लांट

Alloy Steel Plant — ₹2.67 करोड़ घाटा
Salem Steel Plant — ₹217.69 करोड़ घाटा
Visvesvaraya Iron and Steel Plant — ₹108.63 करोड़ घाटा

बोकारो के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह उपलब्धि?

बोकारो इस्पात संयंत्र की मजबूत वित्तीय उपलब्धि को शहर की अर्थव्यवस्था और रोजगार से भी जोड़कर देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि संयंत्र के विस्तार और आधुनिकीकरण की योजनाएं तेजी से लागू होती हैं तो स्थानीय स्तर पर रोजगार, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। कर्मचारियों के बीच भी यह चर्चा है कि कंपनी की मजबूत आर्थिक स्थिति भविष्य में नई तकनीक आधारित इकाइयों और उत्पादन क्षमता विस्तार के लिए रास्ता साफ करेगी।