सीआईएसएफ में बड़ा फेरबदल: 68 अधिकारियों का ट्रांसफर, 24 इंस्पेक्टर बने असिस्टेंट कमांडेंट

सीआईएसएफ ने 68 अधिकारियों का ट्रांसफर और 24 इंस्पेक्टरों को प्रमोशन देकर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। जानें पूरी लिस्ट और इसका असर।

सीआईएसएफ में बड़ा फेरबदल: 68 अधिकारियों का ट्रांसफर, 24 इंस्पेक्टर बने असिस्टेंट कमांडेंट
सुरक्षा सिस्टम होगा और मजबूत।

रांची (Threesocieties.com Desk): केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने प्रशासनिक पारदर्शिता और कार्यकुशलता को बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यालय द्वारा जारी आदेश में कुल 68 अधिकारियों का तबादला किया गया है, जबकि 24 इंस्पेक्टरों को पदोन्नति देकर सहायक कमांडेंट बनाया गया है। इस बड़े फेरबदल को संगठन के अंदर सुधार और बेहतर सुरक्षा प्रबंधन के रूप में देखा जा रहा है।

क्यों किया गया यह बड़ा फेरबदल?

सीआईएसएफ का यह निर्णय संगठन में पारदर्शिता बढ़ाने, जिम्मेदारी तय करने और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। यह बदलाव देश के प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठानों, एयरपोर्ट्स और मेट्रो नेटवर्क की सुरक्षा को और मजबूत करेगा।

किस-किस अधिकारी का हुआ तबादला?

प्रमुख तबादलों में शामिल हैं:

रंजन कुमार दास गुप्ता को एसएमपीए कोलकाता से बीएसएल बोकारो

जितेन्द्र जटोलिया को रिजर्व बटालियन रांची से हैदराबाद एयरपोर्ट

शोहिल रफत को डीएसटीपीएस दुर्गापुर से दिल्ली मेट्रो

सुरेश चौधरी को एचईसी रांची से आरएचपी पिपरी

देवाशीष राय को इंदौर एयरपोर्ट से दुर्गापुर इस्पात संयंत्र

कृष्ण कुमार को नासिक से एसएसजी नोएडा

सुभाष चंद्र गुप्ता को मुंबई एयरपोर्ट से प्रयागराज इकाई

इसके अलावा कई अन्य अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

किसे मिला प्रमोशन का तोहफा?

इस आदेश में 24 इंस्पेक्टरों को सहायक कमांडेंट के पद पर पदोन्नत किया गया है। प्रमुख नाम:

सुप्रिया रक्षित – एफबीपी फरक्का से इस्को बर्नपुर इस्पात संयंत्र

संजीत कुमार – भिलाई इस्पात संयंत्र से रिजर्व बटालियन भिलाई

कामिनी तिवारी – दुर्गापुर इस्पात संयंत्र से रिजर्व बटालियन रांची

अजोय सिंघा राय – कोलकाता एयरपोर्ट से कोलकाता मुख्यालय

क्या होगा इसका असर?

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बड़े प्रशासनिक बदलाव से: रक्षा व्यवस्था और अधिक चुस्त-दुरुस्त होगी, कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी

अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी b  संवेदनशील संस्थानों की सुरक्षा और मजबूत होगी।