रांची में बड़ा नक्सल ऑपरेशन: TSPC का खूंखार सब जोनल कमांडर विरम राम गिरफ्तार, 25+ वारदातों का खुलासा
रांची पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। TSPC के सब जोनल कमांडर विरम राम को गिरफ्तार कर लिया गया है, जो 15 साल से सक्रिय था और 25 से अधिक नक्सली घटनाओं में शामिल रहा है।
रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड में नक्सल गतिविधियों के खिलाफ जारी अभियान के तहत रांची पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन TSPC (तृतीय प्रस्तुति समिति) के सब जोनल कमांडर विरम राम उर्फ अरविंद जी को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह गिरफ्तारी लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र से की गई, जहां वह छिपकर रह रहा था।
गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन को गुप्त सूचना मिली थी कि बुढ़मू थाना क्षेत्र में ईंट भट्ठों पर फायरिंग करने वाला कुख्यात उग्रवादी विरम राम चंदवा के धोबी टोला में मौजूद है। सूचना के आधार पर ग्रामीण एसपी के निर्देश और डीएसपी खलारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने स्थानीय बल के साथ इलाके की घेराबंदी की। खुद को घिरता देख आरोपी भागने लगा, लेकिन पुलिस टीम ने पीछा कर उसे दबोच लिया।
पूछताछ में कबूला जुर्म
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में विरम राम ने कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। उसने बुढ़मू क्षेत्र में ईंट भट्ठों पर फायरिंग समेत कई नक्सली घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
हथियार और उपकरण बरामद
पुलिस ने उसकी निशानदेही पर बुढ़मू के छापर गांव स्थित एक अर्धनिर्मित मकान से भारी मात्रा में सामान बरामद किया है, जिनमें शामिल हैं:
9 एमएम पिस्टल
1 मैग्जीन
7 जिंदा गोलियां
2 राउटर
1 एंड्रॉइड मोबाइल फोन
15 साल से सक्रिय, कई इलाकों में था नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, विरम राम पिछले 15 वर्षों से TSPC संगठन से जुड़ा था। वह बुढ़मू, ठाकुरगांव, खलारी, कांके और मैक्लुस्कीगंज क्षेत्रों में सब जोनल कमांडर के रूप में सक्रिय था। वह जमीन कारोबारियों, ठेकेदारों और कोयला व्यवसायियों को धमकी देकर रंगदारी वसूलता था। लेवी नहीं देने पर आगजनी और फायरिंग जैसी घटनाओं को अंजाम देता था।
लंबा आपराधिक इतिहास
विरम राम के खिलाफ रांची और लातेहार के विभिन्न थानों में 25 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें रंगदारी, आर्म्स एक्ट और सीएलए एक्ट के तहत गंभीर केस शामिल हैं।
पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विरम राम लंबे समय से वांछित था और उसकी गिरफ्तारी सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई थी। इस ऑपरेशन को झारखंड पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। पुलिस अब उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य उग्रवादियों और सहयोगियों की तलाश में जुट गई है।






