महाराष्ट्र: VIP कार्ड से लेकर 200 करोड़ के साम्राज्य तक! ढोंगी बाबा अशोक खरात का काला खेल

महाराष्ट्र के ढोंगी बाबा अशोक खरात केस ने तूल पकड़ा। बेटी की शादी के कार्ड में एकनाथ शिंदे समेत कई VIP नाम, 130 फर्जी खातों से 62 करोड़ का लेन-देन और 200 करोड़ की संपत्ति का खुलासा। मामला अब सियासी रंग ले चुका है।

महाराष्ट्र: VIP कार्ड से लेकर 200 करोड़ के साम्राज्य तक! ढोंगी बाबा अशोक खरात का काला खेल
ढोंगी बाबा अशोक खरात (फाइल फोटो)।
  • एकनाथ शिंदे समेत बड़े नेताओं के नाम से मचा सियासी भूचाल

नई दिल्ली/नासिक(Threesocieties.com Desk): महाराष्ट्र में ढोंगी बाबा अशोक खरात उर्फ कैप्टन बाबा का मामला अब सिर्फ अपराध तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। यौन शोषण, ठगी और ब्लैकमेलिंग के आरोपों में घिरे खरात के काले साम्राज्य की परतें लगातार खुलती जा रही हैं।

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VIP कनेक्शन से मचा बवाल

अशोक खरात की बेटी की शादी का कार्ड अब विवाद का सबसे बड़ा कारण बन गया है। इस कार्ड में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, कैबिनेट मंत्री चंद्रकांत पाटिल, आशीष शेलार और नीलम गोरहे जैसे कई बड़े नेताओं के नाम ‘चीफ गेस्ट’ के रूप में छपे थे। इस खुलासे के बाद शरद पवार गुट की एनसीपी (एसपी) ने सभी नेताओं की भूमिका की जांच की मांग कर दी है। खरात की बेटी की शादी 10 जनवरी, 2026 को हुई थी।

12 लाख आय, लेकिन 200 करोड़ की संपत्ति!

जांच एजेंसियों को सबसे बड़ा झटका तब लगा जब पता चला कि अशोक खरात  ने आयकर विभाग को सिर्फ 12 लाख रुपये की आय दिखाई, जबकि उसकी कुल संपत्ति 200 करोड़ रुपये से ज्यादा आंकी जा रही है। टैक्स चोरी के इस मामले में उसे 10 साल तक की सजा हो सकती है।

130 फर्जी खातों से 62 करोड़ का खेल

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि महाराष्ट्र की दो सहकारी समितियों में 130 से ज्यादा खाते खोले गए। अलग-अलग नामों से इन खातों का संचालन किया गया है। पिछले कुछ वर्षों में 62.74 करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन हुआ है। पुलिस के अनुसार, ये पैसा कथित ‘आस्था’ और ‘उपचार’ के नाम पर लोगों से वसूला जाता था।

सोर्सेज के अनुसार, एक खाता महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रूपाली चाकरणकर की बहन के नाम पर खोला गया था। खरात से संबंधों के चलते रूपाली अब अपने पद से इस्तीफा दे चुकी हैं। ये विवरण अहिल्यानगर जिले में पुलिस द्वारा खरात, उनकी पत्नी कल्पना और तीन अन्य के खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी के मामले की जांच के दौरान सामने आए। यह मामला खरात दंपती से संबंधित है। इन पर शिरडी में चार एकड़ जमीन के मालिक को 5.52 करोड़ रुपये का ऋण देकर उस पर कब्जा करने की कोशिश करने का आरोप है।

शिरडी पुलिस ने इस मामले में दो बिचौलियों को गिरफ्तार किया है। जबकि कल्पना और एक अन्य व्यक्ति की तलाश कर रही है। अहिल्यानगर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सोमनाथ घरगे ने बताया कि कल्पना को देश से भागने से रोकने के लिए पुलिस ने उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है। उन्होंने बताया कि नामित हवाई अड्डों, बंदरगाहों और जमीनी सीमाओं पर तैनात आव्रजन अधिकारियों को इस मामले की जानकारी दे दी गई है।

घरगे ने बताया कि शिरडी में दर्ज धोखाधड़ी के मामले की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि खरात ने अहिल्यानगर जिले में दो सहकारी ऋण समितियों (ऋण, बचत और बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने वाली वित्तीय संस्थाएं) में अलग-अलग लोगों के नाम पर 130 से अधिक खाते खोले थे। एसपी के अनुसार, इन सभी खातों में पिछले कुछ वर्षों में भारी मात्रा में लेन-देन हुआ है। एक ऋण समिति में 60 करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन हुआ है और दूसरी में पुलिस को अब तक 2.74 करोड़ रुपये से अधिक के लेन-देन मिले हैं। घरगे ने बताया कि सभी खातों खातों का संचालन कर रहा था और परामर्श के लिए आने वाले लोगों से प्राप्त धन जमा कर रहा था। दूसरे अधिकारी ने बताया कि इस मामले की जांच में अब ईडी के भी शामिल होने की संभावना है।

 डराने के लिए 20 फुट का ‘सांप’

अशोक खरात के ऑफिस से एक 20 फुट लंबा रिमोट कंट्रोल वाला सांप बरामद हुआ है। पुलिस का दावा है कि वह इसका इस्तेमाल लोगों को डराने और अंधविश्वास फैलाने के लिए करता था।

यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग और 10 FIR

अशोक खरात के खिलाफ अब तक:

10 एफआईआर दर्ज
8 मामले यौन उत्पीड़न के
2 मामले धोखाधड़ी के

आरोप है कि वह महिलाओं को नशीला पदार्थ देकर दुष्कर्म करता था। SIT इस पूरे मामले की जांच कर रही है।

परिवार भी जांच के घेरे में
अशोक खरात बेटे को SIT ने हिरासत में ले लिया है। खरात की पत्नी कल्पना फरार है। खरात की पत्नी के लिए लुकआउट नोटिस जारी किया गया है। खतार के कई सहयोगियों की तलाश जारी है।
राजनीति में घमासान

मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है एनसीपी (एसपी) ने नेताओं के कनेक्शन की जांच की मांग की है। मंत्री अदिति तटकरे ने कहा—तस्वीरों से निष्कर्ष न निकालें। अंधविश्वास कानून को सख्त करने की भी मांग उठी है।
‘कैप्टन बाबा’ का काला सच

अशोक खरात कभी नेवी में था, लेकिन बाद में खुद को ज्योतिषी और तांत्रिक बताकर:

VIP और नेताओं तक पहुंच बनाई
महंगे ‘उपाय’ और ‘तंत्र’ के नाम पर करोड़ों कमाए
50 से ज्यादा संपत्तियां खड़ी कर लीं
आगे क्या?
SIT जांच जारी
ED की एंट्री संभव
राजनीतिक कनेक्शन की जांच तेज

इस पूरे मामले ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि आस्था की आड़ में फल-फूल रहे ऐसे ढोंगी बाबाओं पर कब लगाम लगेगी?

18 मार्च को हुई अशोक खरात  की गिरफ्तारी
अशोक खरात को कई महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप में 18 मार्च, 2026 को गिरफ्तार किया गया। उस पर यह भी आरोप है कि वह कथित तौर से नशीली दवाएं भी बेचता था। नासिक में महिलाओं के यौन शोषण और धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार अशोक खरात को कोर्ट ने 14 अप्रैल तक ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया है। इसके साथ ही गुरुवार को भी दूसरे मामले में फिर से कोर्ट में पेश किया गया।

राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी खरात से संबंधित मामले की जांच कर रही है। उसके खिलाफ कम से कम 10 एफआइआर दर्ज की गई है। उस पर आठ महिलाओं के यौन उत्पीड़न और दो से धोखाधड़ी करने का आरोप है। दुष्कर्म के इस आरोपित को आठ अप्रैल तक एसआइटी की हिरासत में रखा गया है।कैप्टन पर 150 महिलाओं का उत्पीड़न करने सहित कई गंभीर आरोप हैं। एसआइटी को फोन पर उसके खिलाफ 100 से अधिक शिकायतें मिली हैं।एसआइटी की एक टीम यहां कर्मयोगी नगर स्थित खरात के घर पहुंची और उसके बेटे हर्षवर्धन को हिरासत में ले लिया।

कैसा रहा कैप्टन बाबा का बचपन?
कैप्टन बाबा की कहानी ज्योतिषी या अंक शास्त्र से नहीं बल्कि एक नेवी कैप्टन से शुरु हुई है। अशोक खरात ने एक कप्तान के रूप में कई देशों की यात्रा की और इस दौरान उसने ज्योतिषी और अंकशास्त्र के साथ-साथ काला जादू और फेस रीडिंग में भी महारत हासिल की।महाराष्ट्र के नासिक जिले में पले-बढ़े कैप्टन बाबा ने 10वीं में फेल होने के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। एक दिन खरात के पिता ने उसे किसी व्यक्ति को चार हजार रुपये देने के लिए भेजा। लेकिन उस दिन के बाद से वह लौटा नहीं। वह घर छोड़कर जा चुका था। इसके कुछ समय बाद ही उसने नेवी ज्वाइन कर ली और जल्द ही कैप्टन का पद भी हासिल किया।

कुछ रिपोर्ट्स की माने तो उसने सिर्फ चार साल तक ही नेवी में सर्विस की और फिर साल 1990 के दशक में वापस नासिक आकर ज्योतिषी का काम शुरू कर दिया। ज्योतिषी के काम में खरात को खूब पैसा और प्रसिद्धी मिली और साल 2000 के दशक में उसने ओकास प्रॉपर्टी नामक एक रियल एस्टेट सलाहकार फर्म की स्थापना की। जिससे उसने करोड़ों रुपये कमाए।कैप्टन बाबा न केवल लोगों का भविष्य बताता बल्कि उन्हें टोनों-टोटकों से लेकर श्राप मुक्ति का समाधान भी बताता। वह खुद को ज्योतिषी और तांत्रिक के साथ-साथ लोगों को यह भी बताता कि उसमें दैवीय शक्तियां हैं। वह आमतौर पर शूट पहनता और कई मौकों पर शानदार कुर्ता। उसने अपने रईस क्लाइंटों के लिए महंगी कारें भी ली हुई थीं। उससे मुलाकात या अप्वाइंटमेंट के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता। नासिक बाबा से मुलाकात की फीस 10 हजार रुपये हुआ करती थी। साल 2010 में उसने श्री शिवनिका मंदिर ट्रस्ट की स्थापना की और सिन्नर तालुका में ईशानेश्वर मंदिर का निर्माण करवाया।

सियासी हेरफेर में भी अपना दबदबा कायम किया
समय के साथ-साथ खरात से सरकारी कर्मचारी भी प्रभावित होने लगे। उसने सरकारी कर्मचारियों की नियुक्ति, ट्रांसफर करवाने से लेकर सियासी हेरफेर में भी अपना दबदबा कायम किया। अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति की रंजना महाराष्ट्र पगार-गवांडे ने बताया कि सरकारी अधिकारी उनसे मिलने के लिए नियमित रूप से कतार में खड़े रहते थे और अक्सर तबादलों के लिए रिक्वेस्ट करते। खरात को महाराष्ट्र मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, अमित शाह, रूपाली चकांकर, मिलिंद नार्वेकर और हेमंत गोडसे सहित विभिन्न दलों के नेताओं के साथ तस्वीरों में भी देखा गया है। खरात लंबे समय से भक्त रहीं रूपाली चकांकर ने उसकी गिरफ्तारी के दो दिन बाद राज्य महिला आयोग के प्रमुख पद से और बाद में एनसीपी की महिला शाखा से इस्तीफा दे दिया। वह उनके मंदिर ट्रस्ट की सदस्य हैं और खरात को अपना 'गुरु' मानती हैं।

अशोक खरातके असिस्टेंट नीरज जाधव ने कैसा रचा खेल?
अशोक खरात के अवैध रैकेट का भंडाफोड़ उसके फॉर्मर ऑफिस असिस्टेंट नीरज जाधव ने किया। नीरज ने साल 2019 में खरात के लिए आठ हजार रुपये की सैलरी में काम करना शुरू किया था। कुछ समय बाद उसे कैप्टन बाबा के अवैध कामों पर शक होने लगा। जिसके बाद एक दोस्त की मदद से उसने ऑफिस में एक हिडन कैमरा लगा दिया। रिपोर्ट के अनुसार, उसने बाबा को ब्लैकमेल भी किया। नीरज जाधव ने पुलिस का बताया कि साल 2023 में वह अपनी गर्भवती पत्नी को बाबा के पास लेकर आया था ताकि बच्चा स्वस्थ हो। लेकिन एक अनुष्ठान के बहाने बाबा ने उसकी पत्नी से छेड़छाड़ की। जिसके बाद जाधव खरात की गतिविधियों पर नजर रखने लगे।उसने यह भी आरोप लगाया कि खरात 100 रुपये प्रति किलो के भाव से इमली के बीज खरीदते है और उन्हें पॉलिश करके अपने भक्तों को दस हजार से लेकर एक लाख रुपये प्रति मुट्ठी के भाव से बेचता है। साल 2025 की शुरुआत में जाधव को नौकरी से निकाल दिया गया।

 असिस्टेंट ने किया ब्लैकमेल
29 दिसंबर, 2025 को खरात ने दो लोगों के खिलाफ पांच करोड़ की वसूली को लेकर शिकायत दर्ज कराई। उसने आरोप लगाया कि ये लोग उसे एआई द्वारा बनाई गई आपत्तिजनक तस्वीरों का इस्तेमाल कर ब्लैकमेल कर रहे हैं।इसके बाद 18 फरवरी को 24 वर्षीय एक महिला ने जाधव के खिलाफ अश्लील तस्वीरें शेयर करने को लेकर एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस को संदेह है कि जाधव के पास मौजूद फुटेज की जानकारी होने के कारण खरात ने ऐसा करने के लिए उकसाया होगा। पुलिस ने फुटेज की जांच की और मामले की गंभीरता से पड़ताल की। वरिष्ठ अधिकारी सदानंद डेट की देखरेख में एक एसआईटी का गठन किया गया। 17 मार्च को, फुटेज के माध्यम से पहचानी गई एक महिला द्वारा पहली यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई गई। खरात को अगले दिन गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने कहा कि उन्होंने 55 महिलाओं से जुड़े 100 से अधिक क्लिप बरामद किए हैं।