तेहरान में इजरायली एयरस्ट्राइक: 5 फ्यूल डिपो तबाह, धमाकों के बाद ‘काली बारिश’ और एसिड रेन का खतरा
तेहरान में इजरायल की एयरस्ट्राइक से पांच फ्यूल डिपो में भीषण धमाके हुए। हमले के बाद काले धुएं और जहरीली गैसों से एसिड रेन की चेतावनी जारी हुई, जबकि ईरान-इजरायल युद्ध का असर लेबनान समेत पूरे मध्य-पूर्व में दिखाई दे रहा है।
- तेहरान में फ्यूल डिपो में भीषण धमाके
तेहरान/तेल अवीव (Threesocieties.com Desk): मध्य-पूर्व में जारी युद्ध के बीच इजरायल ने ईरान की राजधानी तेहरान में बड़े पैमाने पर एयरस्ट्राइक की है। इजरायली वायुसेना ने शहर और उसके आसपास स्थित पांच फ्यूल स्टोरेज डिपो को निशाना बनाया। हमलों के बाद कई भीषण धमाके हुए और पूरे इलाके में काले धुएं के गुबार छा गये।
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इजरायल की सेना ने इस ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए कहा कि हमला ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने के उद्देश्य से किया गया। वहीं ईरान ने भी धमाकों और आग लगने की बात स्वीकार की है, हालांकि उसका दावा है कि देश के मुख्य फ्यूल रिजर्व सुरक्षित हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक इन धमाकों में चार लोगों की मौत हुई है, जिनमें दो तेल टैंकर ड्राइवर शामिल बताये जा रहे हैं।
धमाकों के बाद आसमान में धुआं, जहरीली हवा से एसिड रेन का खतरा
हमले के बाद तेल भंडारण टैंकों में लगी आग से भारी मात्रा में धुआं और जहरीली गैसें वातावरण में फैल गईं। ईरानी रेड क्रिसेंट ने चेतावनी दी है कि हवा में हाइड्रोकार्बन, सल्फर और नाइट्रोजन ऑक्साइड की मात्रा बढ़ने से तेहरान में एसिड रेन की संभावना बन गई है।स्थानीय लोगों ने बताया कि कई इलाकों में हवा में तेज फ्यूल की गंध महसूस की जा रही है। आपातकालीन सेवाओं को तुरंत सक्रिय कर दिया गया और प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को घरों में रहने की सलाह दी गयी।
तेल रिसाव से सड़कों पर ‘आग की नदी’ जैसे हालात
हमले के बाद कई जगहों पर तेल टैंक फट गए और बड़ी मात्रा में फ्यूल सड़कों और नालियों में बहने लगा। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि सड़कों के किनारे बहता तेल आग पकड़ने के बाद “आग की नदी” जैसा दृश्य पैदा कर रहा था। फायर ब्रिगेड और इमरजेंसी टीमें पूरी रात आग बुझाने में जुटी रहीं। अधिकारियों के अनुसार जिन पांच जगहों पर हमला हुआ, उनमें चार फ्यूल स्टोरेज डिपो और एक पेट्रोलियम ट्रांसपोर्ट सेंटर शामिल है। हालांकि कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया है।
जंग का असर: घर छोड़ने को मजबूर लोग
इजरायल-ईरान संघर्ष के कारण पूरे क्षेत्र में भय और अस्थिरता का माहौल है। लगातार हो रहे हमलों के चलते कई शहरों में लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हो गये हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक इस युद्ध में 1700 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। कई शहरों में पानी और बिजली की सप्लाई भी प्रभावित हुई है।
लेबनान में भी बढ़ा तनाव, लोग सड़कों पर रहने को मजबूर
इजरायल की सेना लेबनान में ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह के खिलाफ भी कार्रवाई कर रही है। लेबनान की राजधानी बेरूत में कई इमारतें हमलों में क्षतिग्रस्त हो गई हैं। हमलों के बाद बड़ी संख्या में लोग बेघर हो गए हैं और महिलाएं-बच्चे सड़कों या अस्थायी शरण स्थलों में रात गुजारने को मजबूर हैं। कई स्वयंसेवी संगठन कम्युनिटी किचन के जरिए लोगों को भोजन उपलब्ध करा रहे हैं।
अमेरिका-इजराइल बनाम ईरान: जंग लगातार तेज
मध्य-पूर्व में बढ़ते इस संघर्ष में अमेरिका भी इजरायल के समर्थन में सक्रिय दिखाई दे रहा है। वहीं ईरान भी मिसाइल और ड्रोन हमलों के जरिए जवाब दे रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक बीते दिनों ईरान ने जॉर्डन में तैनात अमेरिका के THAAD मिसाइल डिफेंस सिस्टम के रडार को निशाना बनाया, जिससे उसे बड़ा सैन्य नुकसान हुआ। इसी बीच अमेरिका ने इजरायल को लगभग 151.8 मिलियन डॉलर के हथियार देने की घोषणा भी की है।
युद्ध के बीच भारत में रुका ईरानी युद्धपोत
इसी तनावपूर्ण माहौल के बीच ईरान का युद्धपोत IRIS लावन तकनीकी खराबी के कारण भारत के कोच्चि बंदरगाह पर रुका हुआ है। जहाज के 183 क्रू मेंबर फिलहाल भारतीय नौसेना की सुविधाओं में ठहरे हुए हैं।
युद्ध से जुड़े प्रमुख अपडेट्स
तेहरान में पांच फ्यूल डिपो पर इजरायल का हमला
धमाकों में चार लोगों की मौत
जहरीली गैसों से एसिड रेन की चेतावनी
जॉर्डन में अमेरिकी THAAD रडार सिस्टम पर ईरानी हमला
युद्ध में अब तक 1700 से ज्यादा मौतें
कई शहरों में पानी और बिजली की सप्लाई प्रभावित
ईरान ने जॉर्डन के एयरबेस को भी किया तबाह
ईरान ने रविवार को क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ाते हुए यूएई पर 16 बैलिस्टिक मिसाइलें और 117 ड्रोन दागे । इसके साथ ही जॉर्डन के एक प्रमुख एयरबेस को भी निशाना बनाया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि यह हमला उसके जारी सैन्य अभियान ऑपरेशन ऑनेस्ट प्रॉमिस 4 का हिस्सा है। आईआरजीसी के अनुसार, ताजा हमलों में तेल अवीव और बेएरशेवा जैसे इजरायली शहरों के साथ‑साथ जॉर्डन के अल‑अज्राक एयरबेस को लक्ष्य बनाया गया। ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि यह अभियान मिसाइलों की नई पीढ़ी से अंजाम दिया गया।






