हरियाणा के चर्चित 661 करोड़ के बैंक स्कैम में IAS पंकज अग्रवाल गिरफ्तार
661 करोड़ रुपये के IDFC First Bank और AU Small Finance Bank घोटाले में CBI ने हरियाणा के वरिष्ठ IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। धनबाद में रहने वाले उनके परिवार ने गिरफ्तारी को साजिश बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
HighLights
- IDFC First Bank और AU Small Finance Bank घोटाले में कार्रवाई
- हरियाणा सरकार में प्रधान सचिव पद पर तैनात IAS पंकज अग्रवाल गिरफ्तार
- पंचकूला की विशेष अदालत ने दो दिन की CBI रिमांड मंजूर की
- धनबाद के महुदा स्थित परिवार ने गिरफ्तारी को साजिश बताया
- बड़े भाई नंदकिशोर अग्रवाल बोले- "पंकज कभी गलत काम नहीं कर सकते"
धनबाद (Threesocieties.com Desk): हरियाणा के बहुचर्चित 661 करोड़ रुपये के IDFC First Bank और AU Small Finance Bank से जुड़े कथित बैंक घोटाले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है। CBI ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर गिरफ्तारी की पुष्टि की है। इस कार्रवाई के बाद हरियाणा के प्रशासनिक गलियारों से लेकर झारखंड के धनबाद तक हलचल तेज हो गई है।
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मंगलवार सुबह CBI ने आरोपी आईएएस अधिकारी को पंचकूला की विशेष अदालत में पेश किया, जहां अदालत ने उन्हें दो दिनों की CBI रिमांड पर भेज दिया। जांच एजेंसी अब उनसे कथित बैंक घोटाले में उनकी भूमिका, वित्तीय लेन-देन और अन्य संदिग्ध कड़ियों को लेकर पूछताछ करेगी। पंकज अग्रवाल वर्तमान में हरियाणा सरकार के आर्किटेक्चर विभाग में प्रधान सचिव के पद पर कार्यरत हैं। हालांकि, CBI ने अब तक उनकी गिरफ्तारी के स्थान और गिरफ्तारी से जुड़ी अन्य विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
धनबाद के महुदा में परिवार, भाई ने जताया भरोसा
गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद धनबाद के महुदा बाजार स्थित मारवाड़ी कॉलोनी में रहने वाले उनके परिवार की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। पंकज अग्रवाल के बड़े भाई नंदकिशोर अग्रवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें इस कार्रवाई की जानकारी समाचार माध्यमों के जरिए मिली। उन्होंने कहा कि उनका परिवार पंकज अग्रवाल की ईमानदारी और कार्यशैली को करीब से जानता है और उन्हें पूरा विश्वास है कि उनके छोटे भाई को किसी साजिश या व्यक्तिगत दुश्मनी के तहत इस मामले में फंसाया जा रहा है।
नंदकिशोर अग्रवाल ने कहा, "पंकज ने अपने पूरे प्रशासनिक जीवन में कभी कोई गलत काम नहीं किया। वह हमेशा ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहे हैं। हमें न्यायपालिका और जांच एजेंसियों पर भरोसा है कि सच सामने आएगा।"
पांच भाइयों में सबसे छोटे हैं पंकज अग्रवाल
परिवार के अनुसार पंकज अग्रवाल कुल पांच भाइयों में सबसे छोटे हैं। उनके बड़े भाई नंदकिशोर अग्रवाल और एक अन्य भाई धनबाद में रहकर पेट्रोल पंप का व्यवसाय संचालित करते हैं, जबकि परिवार के अन्य सदस्य सूरत और जयपुर में कारोबार से जुड़े हुए हैं।प्रशासनिक जिम्मेदारियों और व्यस्त कार्यक्रमों के कारण पिछले कुछ वर्षों में पंकज अग्रवाल का धनबाद आना-जाना काफी कम हो गया था। परिवार का कहना है कि पिछले दो-चार वर्षों में उनसे बातचीत भी सीमित हो गई थी, लेकिन इस कठिन समय में पूरा परिवार उनके साथ खड़ा है।
क्या है 661 करोड़ रुपये का बैंक घोटाला?
CBI के अनुसार यह मामला IDFC First Bank और AU Small Finance Bank से जुड़े करीब 661 करोड़ रुपये के कथित वित्तीय घोटाले से जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसी बैंकिंग लेन-देन, ऋण वितरण और कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है।प्रारंभिक जांच में बैंक अधिकारियों, कारोबारियों और प्रभावशाली व्यक्तियों की संभावित मिलीभगत की आशंका जताई गई है। इसी कड़ी में अब वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल से पूछताछ की जा रही है। CBI को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान पूछताछ से इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य नामों और वित्तीय लेन-देन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।
जांच पर टिकी सबकी नजर
इस हाई-प्रोफाइल मामले ने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी की गिरफ्तारी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर CBI की जांच और अदालत की आगामी कार्यवाही पर टिकी हुई है।यदि जांच में आरोप साबित होते हैं तो यह हाल के वर्षों के सबसे बड़े बैंकिंग घोटालों में से एक माना जाएगा। वहीं, यदि आरोप गलत साबित होते हैं तो यह मामला प्रशासनिक सेवा में कार्यरत अधिकारियों के खिलाफ जांच और जवाबदेही को लेकर भी नई बहस छेड़ सकता है।






