धनबाद:सेल की चासनाला व जीतपुर कोलियरी में कंट्रेक्ट वर्क सिंडिकेट के जिम्मे, अफसरों का मिल रहा है साथ !

सेल के चासनाला एवं जीतपुर कोल माइंस में कंट्रेक्ट वर्क सिंडिकेट के कब्जे में हैं। कंपनी की नियमों की अनदेखी कर अफसरों की मिलीभत से सिंडिकेट कंट्रेक्टर वर्क हासिल कर रहा है। लगभग दो दशक से सिंडिकेट के अलावा अन्य कोई कंपनियों को चासनाला अंडरग्राउंड में कंट्रेक्ट वर्क नहीं मिला है।

धनबाद:सेल की चासनाला व जीतपुर कोलियरी में कंट्रेक्ट वर्क सिंडिकेट के जिम्मे, अफसरों का मिल रहा है साथ !

धनबाद। सेल के चासनाला एवं जीतपुर कोल माइंस में कंट्रेक्ट वर्क सिंडिकेट के कब्जे में हैं। कंपनी की नियमों की अनदेखी कर अफसरों की मिलीभत से सिंडिकेट कंट्रेक्टर वर्क हासिल कर रहा है। लगभग दो दशक से सिंडिकेट के अलावा अन्य कोई कंपनियों को चासनाला अंडरग्राउंड में कंट्रेक्ट वर्क नहीं मिला है।

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बताया जाता है कि सेल के चंद भ्रष्ट अफसरों की मिलीभगत से सिंडिकेट के अधीन की कंपनियों द्वारा की जा रही लूट का मामला लोकसभा में भी उठा था। बिहार के एक एमपी ने मामले को उठाया था। सूचना अधिकार के तहत भी मामले की जानकारी मांगी गयी थी। हालांकि मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। मामला दब गया। सिंडिकेट द्वारा कंपनी को अब तक अरबों रुपये का वारा न्यारा किया गया है। मामले की सीबीआई व विजीलेंस जांच कराये जाने से मामला की डिटेल उजागर हो सकती है।

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आरोप है सेल की चासनाला कोलियरी में सिंडिकेट द्वारा लूट-खसोट की कंपलेन सीबीआइ तक पहुंचाने जाने की तैयारी हो रही है। वर्तमान में सीबीआई चीफ इसी एरिया के हैं। कतिपय यूनियन प्रतिनिधियों के द्वारा सेल में सिंडिकेट राज से संबंधित कागजात भी सीबीआइ को भेजने की तैयारी है। सिडिकेट द्वारा हाल ही में एक काम गलत तरीके से हासिल किये जाने का आरोप लग रहा है। कैसे सिंडिकेट में शामिल पांच कंपनियों का एड्रेस चासनाला दर्शाया है। चासनाला में कार्यरत एक स्टाफ द्वारा कैसे खुद को बीमार बता अपने पुत्र को नियोजन दिला अब ठेका कंपनी संचालित किया जा रहा है। संबंधित व्यक्ति को सिंडिकेट का हिस्सा बताया जा रहा है। जांच होने पर मामले में बड़ा घोटाला उजागर हो सकता है।