धनबाद: हार्डकोक इंडस्ट्रीज को कोयला नहीं मिलने से गहराया संकट, कोयले की कमी से बंद हो जायेंगे उद्योग :जीटा

झारखंड इंडस्ट्रीज एंड ट्रेड एसोसिएशन (जीटा) ने पावर प्लांट को छोड़कर कोयलांचल की सभी कोयला आधारित उद्योगों को कोयले की सप्लाई बंद करने के कोल कंपनियों के निर्णय पर आपत्ति जतायी है। जीटा के प्रसिडेंट अमितेश सहाय ने कहा है कि कोयला आधारित उद्योग संकट में है। बीसीसीएल कोयला नहीं दे रहा है। लिंकेज व एफएसए (फ्यूल सप्लाइ एग्रीमेंट) पहले ही बंद कर दिया गया। ट्रेंच ऑक्शन से इंडस्ट्रीज को थोड़ा-बहुत कोयला मिलता था, वह भी दो सप्ताह पहले बंद कर दिया गया। 

धनबाद: हार्डकोक इंडस्ट्रीज को कोयला नहीं मिलने से गहराया संकट, कोयले की कमी से बंद हो जायेंगे उद्योग :जीटा
  • हार्डकोक इंडस्ट्रीज को भी दें कोयला, माइनिंग डिपार्टमेंट भयादोहन बंद करे
  • इंडस्ट्री बंद हुई तो एक लाख लोग सड़क पर आ जायेंगे
  • 10-15 दिनों का कोयला का स्टॉक
  • बंद हो चुकी हैं 15 हार्डकोक इंडस्ट्रीज

धनबाद। झारखंड इंडस्ट्रीज एंड ट्रेड एसोसिएशन (जीटा) ने पावर प्लांट को छोड़कर कोयलांचल की सभी कोयला आधारित उद्योगों को कोयले की सप्लाई बंद करने के कोल कंपनियों के निर्णय पर आपत्ति जतायी है। जीटा के प्रसिडेंट अमितेश सहाय ने कहा है कि कोयला आधारित उद्योग संकट में है। बीसीसीएल कोयला नहीं दे रहा है। लिंकेज व एफएसए (फ्यूल सप्लाइ एग्रीमेंट) पहले ही बंद कर दिया गया। ट्रेंच ऑक्शन से इंडस्ट्रीज को थोड़ा-बहुत कोयला मिलता था, वह भी दो सप्ताह पहले बंद कर दिया गया। 

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अमितेश बुधवार को जीटा के पदाधिकारियों के साथ होटल वसुंधरा में आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस में यह जानकारी दी।अमितेश ने कहा कि हार्डकोक इंडस्ट्रीज के पास मुश्किल से 10-15 दिनों का कोयला का स्टॉक है। कोयला के अभाव में 15 हार्डकोक इंडस्ट्रीज बंद हो चुकी हैं। बीसीसीएल से कोयला नहीं मिला, तो सभी हार्डकोक इंडस्ट्रीज में ताला लग जायेगा। अगर इंडस्ट्रीज बंद हो गयी, तो उद्यमी के साथ-साथ एक लाख परिवार सड़क पर आ जायेंगे।
अमितेश सहाय ने कहा अजीब विडंबना है पहले कोयला आधारित उद्योगों को लिंकेज कोयला दिया जा रहा था उसे बंद करके एफएसए से कोयला दिया जाने लगा। बाद में उस माध्यम को भी बंद करके ऑक्शन के जरिये कोयले की सप्लाई शुरू की गई। अब वर्तमान में ऑक्शन सिस्टम को भी बंद कर दिया गया। ऐसे में आखिर उद्योग कैसे चलेगा। कोल इंडिया का स्प्ष्ट गाइडलाइन है कि जिस भी सेक्टर को कोयला चाहिए उसे कोल कंपनियां कोल इंडिया से अनुरोध करके कोयले की आपूर्ति करायेगा। बीसीसीएल मैनेजमेंट इसपर गम्भीर नही है कही न कही बीसीसीएल मैनेजमेंट में कोई कमी है चुकी पूर्व में हार्डकोक उद्यमियों के साथ महीने में एक बार बैठक करके राय विचार लिया जाता था। अब बैठक तो दूर की बात हो गई उद्योगों को कोयला ही नही दिया जा रहा है इस परिस्थिति में एक-एक करके सारे उद्योग बंद हो जायेंगे। 
माइनिंग डिपार्टमेंट वर्क कल्चर सुधारे
उन्होंने कहा कि पावर प्लांट को कोयला देने से कोई परहेज नहीं है लेकिन ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि पावर प्लांट के साथ छोटे-छोटे उद्योग भी चले। झारखंड इंडस्ट्रीज एंड ट्रेड एसोसिएशन के महासचिव राजीव शर्मा व पूर्व अध्यक्ष केदार नाथ मित्तल ने कहा कि माइनिंग डिपार्टमेंट इंडस्ट्रीज का भयादोहन बंद करे। डिपार्टमेंट अपनी वर्क कल्चर में सुधार नहीं करता है, तो इसकी कंपलेन सरकार से की जायेगी। जब हार्डकोक इंडस्ट्रीज माइनिंग नहीं करती है, तो लाइसेंस का प्रावधान नहीं होना चाहिए। माइनिंग चालान (फॉर्म डी) के नाम पर माइनिंग विभाग उद्यमियों को परेशान कर रहा है। माइनिंग लाइसेंस को लेकर इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स ने कुछ साल पहले हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाइकोर्ट ने निर्देश दिया था कि हार्डकोक इंडस्ट्रीज माइनिंग नहीं करती है, लिहाजा उन पर लाइसेंस का प्रावधान लागू नहीं होगा। गवर्नमेंट ने संशोधन करते हुए कोयला चोरी रोकने व रॉयल्टी के लिए ट्रेडर्स व मैन्युफैक्चरर दोनों पर माइनिंग चालान का प्रावधान लागू कर दिया है। जीटा की ओर से गवर्नमेंट से आग्रह है कि हर जिले के लिए अलग-अलग माइनिंग लाइसेंस व माइनिंग चालान (फॉर्म डी) के प्रावधान को खत्म करे, ताकि उद्यमियों को राहत मिल सके।
प्राइम कोकिंग व सेमी कोकिंग कोल सप्लाई पहल करे बीसीसीएल : मित्तल
जीटा के संरक्षक सह पूर्व अध्यक्ष केदारनाथ मित्तल ने कहा धनबाद में एक सौ से ज्यादा हार्डकोक उद्योग चल रहे हैं। वर्तमान में कोल इंडिया ने पत्र जारी करते हुए कहा है कि पावर प्लांट में कोयले की क्राइसिस को देखते हुए अन्य कोयला आधारित उद्योगों को कोयला आपूर्ति बंद कर दी गई है। ऐसे हालात में हार्डकोक उद्योग को बंद करना ही एक मात्र विकल्प रह जायेगा। इस निर्णय पर सरकार प्रबंधन को गम्भीरता पूर्वक विचार करते हुए बीच का रास्ता निकालने की जरूरत है। हार्डकोक उद्योग से लाखों लोगों को रोजगार मिल रहा है। अगर यह उद्योग बंद होगा तो एक बड़ा तबका बेरोजगार हो जायेगा। हार्डकोक उद्योग पूरी तरह से बीसीसीएल पर निर्भर है। बीसीसीएल प्राइम कोकिंग, सेमी कोकिंग कोयला की सप्लाई करके समस्या का काफी हद तक समाधान कर सकती है।