बीसीसीएल कर्मियों की पिटाई, सांसद ढुलू महतो ने की FIR और आउटसोर्सिंग कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की मांग

C के NTST कोलियरी में आउटसोर्सिंग कंपनी की गुंडागर्दी, बीसीसीएल कर्मियों से मारपीट में कई घायल। सांसद ढुलू महतो ने FIR, गिरफ्तारी और कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की मांग की।

बीसीसीएल कर्मियों की पिटाई, सांसद ढुलू महतो ने की FIR और आउटसोर्सिंग कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की मांग
आउटसोर्सिंग कंपनी पर भड़के एमपी।

धनबाद (Threesocieties.com Desk)। बीसीसीएल के लोदना क्षेत्र अंतर्गत NTST कोलियरी में संचालित एटी देवप्रभा आउटसोर्सिंग कंपनी पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि कंपनी से जुड़े लोगों ने गुरुवार बीसीसीएल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ बेरहमी से मारपीट की, जिसमें कई कर्मी गंभीर रूप से घायल हो गये। सभी घायलों का इलाज फिलहाल सेंट्रल हॉस्पिटल, धनबाद में चल रहा है।

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घटना की सूचना मिलते ही धनबाद सांसद ढुलू महतो शुक्रवार सेंट्रल हॉस्पिटल पहुंचे और घायल अधिकारियों व कर्मचारियों से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना। सांसद ने पीड़ित कर्मियों से पूरी घटना की जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

मीडिया से बोले सांसद ढुलू महतो

हॉस्पिटल से बाहर निकलकर मीडिया से बातचीत में सांसद ढुलू महतो ने इस घटना को राज्य सरकार और बीसीसीएल प्रबंधन की बड़ी नाकामी बताया। उन्होंने कहा— “बीसीसीएल में आउटसोर्सिंग कंपनियों की मनमानी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। घटना में शामिल सभी गुंडों पर नामजद FIR दर्ज हो और संबंधित आउटसोर्सिंग कंपनी को तत्काल ब्लैकलिस्ट किया जाए।”

उन्होंने जिला प्रशासन से भी मांग की कि इस मामले में शामिल अपराधियों को चिन्हित कर तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। सांसद ने साफ शब्दों में कहा कि धनबाद में किसी को गुंडागर्दी करने की इजाजत नहीं दी जायेगी।

एमपी ने CMD और SSP से की सीधी बात

मौके पर ही सांसद ढुलू महतो ने बीसीसीएल के CMD और धनबाद SSP से फोन पर बातचीत कर घटना की गंभीरता से अवगत कराया और त्वरित व सख्त कार्रवाई की मांग की। सांसद ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

 लगातार सवालों के घेरे में आउटसोर्सिंग व्यवस्था

बीसीसीएल में आउटसोर्सिंग कंपनियों की कार्यशैली पहले भी सवालों के घेरे में रही है। मजदूरों और कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार, सुरक्षा मानकों की अनदेखी और दबंगई के आरोप लगातार सामने आते रहे हैं। NTST कोलियरी की यह घटना एक बार फिर आउटसोर्सिंग व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।