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झारखंड:चाईबासा पुलिस ने 16 साल से फरार अनमोल दस्ता के एक्टिव नक्सली राजेंद्र को अरेस्ट किया

जमशेदपुर:चाईबासा पुलिस शांतिपूर्ण विधानसभा चुनाव संपन्न कराने के लिए नक्सलियों के खिलाफ लगातार ऑपरेशन चला रही है. एसपी इंद्रजीत महथा को मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने 16 वर्षों से फरार अनमोल दा दस्ते के एक्टिव नक्सली राजेन्द्र मुंडा उर्फ राजेन्द्र नाग उर्फ वासिल अंथोनी नाग को अरेस्ट किया है. चाईबासा एसपी इंद्रजीत महथा ने बताया कि नक्सली राजेंद्र मुंडा कई कई उग्रवादी कांडों में संलिप्त था . वह 16 वर्षों से फरार चल रहा था. वह नाम बदलकर नक्सलियों के लिए अभियान चला रहा था. गुप्त सूचना बुधवार की शाम प्राप्त हुई कि नक्सली राजेन्द्र मुंडा पुलिस से बचने के लिए अपने पैतृक गांव कादोडीह, (किरीबुरू पुलिस स्टेशन) को छोड़कर टेबो पुलिस स्टेशन एरिया के डारोम गांव में रह रहा है. फिर से दस्ता में जाने की फिराक में है.

बकौल एसपी सूचना के आलोक में एसडीपीओ किरीबुरू के नेतृत्व में ओसी किरीबुरू, ओसी टेबो को शामिल पुलिस टीम नक्सली को अरेस्ट करने डारोम गांव पहुंची. पुलिस घर के आस- पास घेराबंदी करते हुए सतर्कता पूर्वक राजेंद्र को अरेस्ट कर ली. उसे पूछताछ के लिए उसे किरीबुरू पुलिस स्टेशन लाया गया। पूछताछ के क्रम में उसने बताया कि वर्ष 2002 में अनमोल दा के संपर्क में आकर कूरियर ब्वॉय के रूप में काम करना प्रारंभ किया. वह राशन पानी कपड़ा वर्दी इत्यादि अनमोल दा दस्ता को पहुंचाया करता था. पुलिस पूछताछ में राजेंद्र ने बताया कि वर्ष 2003 अप्रैल में अनमोल दा व दस्ता के अन्य साथियों के साथ मेघाहातुबुरू ऑफिस में धावा बोलकर एजीएम व उसके तीन सहयोगियों को लेवी के किडनैप कर जेल ले गया था. सात करोड़ रुपये 15 दिनों के अंदर देने की मांग की गयी. साथ ही लेवी के रुप में30 परसेंट पर इयर देने को कहा गया. इसके बाद कुछ देर में सभी को छोड़ दिया गया. राजेंद्र ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2006 में अनमोल दा व दस्ता के साथ वह किरूबिरु कलैता मिर्चीगढ़ा में आईईडी लगाया गया था. सीआरपीएफ की गाड़ी को विस्फोट कर उड़ा दिया गया. विस्फोट में सीआरपीएफ के 12 जवानों की मौत हो गयी थी.

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