- पुलिस की सोशल मीडिया पर कड़ी नजर
- पुलिस की लोगों से अपील, अफवाहों पर ध्यान न दें
- नॉथ ईस्ट दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में पुलिस तैनात
- हिंसा में अबतक 48 लोगों की गई जान
नई दिल्ली। दिल्ली में रविवार की रात दंगे की अफवाह फैलाने के मामले में दो FIR दर्ज किये गये हैं। डीसीपी (साउथ) की ओर से सोमवार को यह दी गई। कहा गया कि इस मामले में 24 लोगों को अरेस्ट किया गया है। मध्य जिले से दो लोग और पश्चिमी जिले से 21 लोगों को अरेस्ट किया गया है। एक व्यक्ति को रोहिणी से गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा 18 लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। दिल्ली की आप गर्वमेंट ने हिंसा में जान गंवाने इंटेलिजेंस ब्यूरो के कांस्टेबल अंकित शर्मा को एक करोड़ रुपये और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का एलान किया है।सीएम अरविंद केजरीवाल ने यह घोषणा किया है।
रोहिणी जिले के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त(एसीपी) शंखधर मिश्रा ने बताया कि ऑटो ड्राइवर विकास को अरेस्ट किया गया है। विकास ने रात में मोबाइल से जिला पुलिस कंट्रोल रुम को कॉल कर दी थी कि इलाके में दंगा फैलने की सूचना दी थी। पुलिस ने विकास को अमन विहार इलाके में मौके पर पुलिस ने विकास कोसे पकड़ लिया। धूसरे मामले में दो लड़कों- पुनीत और शिव नंदन को कस्टडी में लिया गया। शिव नंदन ने भी कंट्रोल रूम को रविवार रात सूचना दी थी कि उसके इलाके में गोलीबारी हो रही है। जबकि पुनीत ने सूचना दी थी कि, बच्चे दंगाईयों के बीच फंस गये हैं।मुताबिक, ‘मौके पर पहुंची पुलिस को पता चला कि दोनो ने सिर्फ अफवाह फैलाई थी। दोनों की सूचना गलत निकली। इन लोगों ने मोटर साइकिल के साइलेंसर से निकलने वाली आवाज को पुलिस कंट्रोल रुम को गोलियां चलने की आवाज बता दी थी। दिल्ली पुलिस की जांच में पता चला है कि, रविवार की रात दिल्ली में दंगे फैलने की अफवाह फैलाने के लिए बाकायदा साजिश के तहत बाहरी लोगों की मदद ली गई। दिल्ली के बाहर जिन लोगों ने योजना रची, वे लोग भी पुलिस के निशाने पर आ गये हैं।
इधर एक सप्ताह बाद नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के हिंसाग्रस्त इलाकों में स्थिति सामान्य हो रही है। सीबीएसआइ बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्ष भी हिंसा प्रभावित इलाकों में हो रही है। प्रभावित इलाके में अभी भी पुलिस तैनात हैं। हिंसा में जान गंवाने वालों की संख्या 48 पहुंच गई है।दिल्ली में अब धीरे-धीरे हालात सामान्य हो रहे हैं। पिछले चार दिन से कोई नई हिंसा नहीं हुई है। रविवार देर शाम हिंसा की अफवाह फैली थी।
युवक कांग्रेस का प्रदर्शन
युवक कांग्रेस ने नॉर्थ इस्ट दिल्ली में पिछले सप्ताह हुई हिंसा मामले में होम मिनिस्टर अमित शाह के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने को लेकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने दिल्ली हिंसा मामले में अब तक दिल्ली पुलिस ने 334 एफआईआर दर्ज की है। लगभग 1000 लोगों को हिरासत में लिया गया है। 44 आर्म्स एक्ट के केस दर्ज किये गये हैं ।हिंसा प्रभावित इलाकों में भी सोमवार को छात्र-छात्राएं बोर्ड परीक्षाएं देने पहुंचे, तो स्कूल के बाहर सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने परीक्षार्थियों को गुलाब का फूल देकर स्वागत किया। हिंसा के चलते इन इलाकों में कुछ परीक्षाओं को रद कर दिया है, जो बाद में होंगी। ज्यादातर इलाकों में शांति है, हिंसाग्रस्त इलाकों में पुलिस फ्लैग मार्च कर रही है। कुछ असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ने की कोशिश में लगे हैं। अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है, इस बाबत पुलिस सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रख रही है।गौतम गंभीर ने किया ट्वीट, शांति बनाएं लोगईस्ट दिल्ली के BJP एमपी गौतम गंभीर ने दिल्ली के लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान ने दें और शांति बनायें रखे।
अनीस के परिवार को 10 लाख रुपये देगी ओडिशा गर्वमेंट
25 फरवरी को दिल्ली स्थित खजूरीखास में हुई हिंसा में उपद्रवियों के एक समूह ने बीएसएफ में तैनात अनीस के घर को जला दिया था। कुछ ही दिन बाद बीएसएफ जवान मो. अनीस की शादी है, जो फिलहाल टाल दी गई है। ओडिशा सीएम नवीन पटनायक ने सीएम राहत कोष से बीएसएफ कांस्टेबल अनीस को 10 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। अनीस ओडिशा में नक्सल प्रभावित जिला मलकानगिरी में बीएसएफ की नौवीं बटालियन में कार्यरत हैं।
हिंसा के दौरान सक्रिय सोशल मीडिया के 40 संदिग्ध अकाउंट बंद
पुलिस जांच में पता चला है कि नॉर्थ इस्ट जिले में हुई 24-25 फरवरी की हिंसा में सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट भी जिम्मेदार रहे। जांच में खुलासा हुआ कि हिंसा के दौरान स्थानीय सहित देश के बाहर से भी कई अकाउंट से सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डाले जा रहे थे। इनमें वीडियो, फोटो और ऑडियो क्लिप शामिल है। पुलिस ने ऐसे में 40 संदिग्ध अकाउंट बंद करवा दिये हैं।