भागलपुर को बड़ी राहत: 5 जून को विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज का ट्रायल, 7 जून से फिर दौड़ेंगे वाहन

भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर बन रहे बेली ब्रिज का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। 5 जून को ट्रायल और 7 जून से वाहनों के परिचालन की संभावना है। IIT विशेषज्ञ सुरक्षा जांच करेंगे।

भागलपुर को बड़ी राहत: 5 जून को विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज का ट्रायल, 7 जून से फिर दौड़ेंगे वाहन
विक्रमशिला सेतु पर 35 मीटर का नया बेली ब्रिज।
  •  IIT पटना, खड़गपुर और गुवाहाटी के विशेषज्ञ करेंगे सुरक्षा जांच
  • चौथा बेली ब्रिज 35 मीटर लंबा, निर्माण अंतिम चरण में
  •  हजारों यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों की परेशानी से मिलेगी राहत

भागलपुर (Threesocieties.com Desk): गंगा पार करने वाले हजारों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। लंबे समय से बाधित आवागमन को फिर से पटरी पर लाने के लिए विक्रमशिला सेतु पर तैयार किए जा रहे बेली ब्रिज का निर्माण अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यदि सब कुछ तय योजना के मुताबिक रहा तो 5 जून को पुल का तकनीकी ट्रायल होगा और 7 जून से आम लोगों के लिए वाहनों का परिचालन शुरू किया जा सकता है।

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वर्तमान में पुल निर्माण निगम, सीमा सड़क संगठन (BRO) और तकनीकी एजेंसियों की टीम युद्धस्तर पर काम कर रही है। भागलपुर छोर पर अंतिम संरचनात्मक कार्य, लाइनिंग, रोड मार्किंग, बैरिकेडिंग, पार्किंग व्यवस्था और जंक्शन भराई जैसे कार्य तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी।

IIT विशेषज्ञ करेंगे अंतिम सुरक्षा जांच

पुल की सुरक्षा जांच के लिए देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों की टीम भागलपुर पहुंचेगी। IIT पटना, IIT खड़गपुर और IIT गुवाहाटी के विशेषज्ञ पुल की संरचनात्मक मजबूती, भार वहन क्षमता, वाहनों की आवाजाही के दौरान दबाव और पिलरों की स्थिरता का परीक्षण करेंगे। विशेषज्ञों की टीम विभिन्न श्रेणियों के वाहनों को पुल पर चलाकर यह जांच करेगी कि संरचना यातायात के लिए पूरी तरह सुरक्षित है या नहीं। सुरक्षा क्लीयरेंस मिलने के बाद ही पुल को आम वाहनों के लिए खोला जाएगा।

35 मीटर लंबा चौथा बेली ब्रिज बन रहा

विक्रमशिला सेतु पर पहले ही तीन बेली ब्रिज तैयार किए जा चुके हैं। इनमें 24 मीटर, 34 मीटर और 12 मीटर लंबे ब्रिज शामिल हैं। अब भागलपुर की ओर 35 मीटर लंबे चौथे बेली ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है, जिसे अब तक का सबसे लंबा अस्थायी स्ट्रक्चर माना जा रहा है। निर्माण एजेंसी लगातार स्ट्रक्चर के नट-बोल्ट, लोहे के हिस्सों और तकनीकी मजबूती की जांच भी कर रही है ताकि परिचालन शुरू होने के बाद किसी तरह की तकनीकी समस्या सामने न आए।

हजारों लोगों को मिलेगी राहत

विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से के कारण भागलपुर और आसपास के जिलों के लोगों को लंबे समय से वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा था। इससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी हो रही थी। पुल के शुरू होने के बाद न केवल लोगों की यात्रा आसान होगी बल्कि व्यापार, माल परिवहन और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी बड़ा सहारा मिलेगा।

DM बोले- तय समयसीमा में शुरू होगा आवागमन

जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा कि निर्धारित समयसीमा के भीतर पुल पर आवागमन शुरू करने के लिए हर स्तर पर तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकांश काम अंतिम चरण में हैं और प्रशासन लगातार प्रगति की निगरानी कर रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि सभी तकनीकी और सुरक्षा मानकों को पूरा करने के बाद लोगों को जल्द सुरक्षित और सुचारु यातायात सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

क्या बदलेगा पुल शुरू होने के बाद?

भागलपुर और आसपास के जिलों की कनेक्टिविटी सुधरेगी
लोगों का समय और ईंधन बचेगा
व्यापार और माल परिवहन को रफ्तार मिलेगी
वैकल्पिक मार्गों पर दबाव कम होगा
हजारों दैनिक यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी

अब सबकी नजर 5 जून के ट्रायल पर टिकी है, क्योंकि यही परीक्षण तय करेगा कि वर्षों से लोगों की परेशानी का समाधान कब पूरी तरह जमीन पर उतरता है।