Web Series Khaki ' Khaki The Bihar Chapter': बिहार कैंडर IPS अमित लोढ़ा के खिलाफ FIR

बिहार में स्पेशल विजीलेंस यूनिट (SVU) में सीनीयर IPS अमित लोढ़ा के खिलाफ FIR दर्ज की गयी है। अमित लोठा पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी सेवक के पद पर रहते हुए भ्रष्टाचार एवं निजी स्वार्थ लाभ में वित्तीय अनियमितता की। नेटफिलिक्स तथा फ्राइडे स्टोरी टेलर के साथ सरकारी सेवक होते हुए भी बिजनस कार्य किए। इससे पहले एसवीयू ने गया के तत्कालीन एसएसपी आदित्य कुमार के खिलाफ FIR दर्ज करते हुए बुधवार को उनके तीन ठिकानों पर रेड मारा था।

Web Series Khaki '  Khaki The Bihar Chapter': बिहार कैंडर IPS अमित लोढ़ा के खिलाफ FIR

पटना। बिहार में स्पेशल विजीलेंस यूनिट (SVU) में सीनीयर IPS अमित लोढ़ा के खिलाफ FIR दर्ज की गयी है। अमित लोठा पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी सेवक के पद पर रहते हुए भ्रष्टाचार एवं निजी स्वार्थ लाभ में वित्तीय अनियमितता की। नेटफिलिक्स तथा फ्राइडे स्टोरी टेलर के साथ सरकारी सेवक होते हुए भी बिजनस कार्य किए। इससे पहले एसवीयू ने गया के तत्कालीन एसएसपी आदित्य कुमार के खिलाफ FIR दर्ज करते हुए बुधवार को उनके तीन ठिकानों पर रेड मारा था।

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आजकल नेटफिलिक्स पर वेब सीरीज खाकी देखी जा रही है। इसमें अमित लोढ़ा एसपी के रूप में नजर आ रहे हैं।अमित लोढ़ा के भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता की जांच एजेंसियों द्वारा की गई। जांच रिपोर्ट की समीक्षा पुलिस हेडक्वार्टर एवं वरीय प्राधिकार द्वारा विधिवत की गई। इसके बाद विजीलेंस डिपार्टमेंट के दिशा-निर्देश के आलोक में अमित लोढ़ा के खिलाफ पीसी एक्ट और आईपीसी की विभिन्न सेक्शन में FIR दर्ज की गई है। इस मामले की जांच की जिम्मेदारी डीएसपी लेवल के ऑफिसर को सौंपी गई है।

IPS आदित्य और लोढ़ा के बीच है पुराना विवाद
गया के तत्कालीन एसएसपी आदित्य कुमार और मगध रेंज के तत्कालीन आईजी अमित लोढ़ा के बीच पुराना विवाद है। इनके विवाद की वजह से ही सरकार ने दोनों अफसरों को वहां से हटाकर पुलिस हेडक्वार्टर डिपुट कर दिया था। इसके बाद दोनों अफसरों के खिलाफ जांच हुई। इसमें शराब केस में आदित्य कुमार पर केस दर्ज किया गया। आदित्य पर डीजीपी को फर्जी कॉल कराने के भी आरोप हैं। अब अमित लोढ़ा पर वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार में मामला दर्ज कर जांच शुरू की जा रही है
क्रिमिनल से लड़ते अमित लोढ़ा ने बनाई सुपर कॉप की छवि
देश के लोकप्रिय पुलिस अफसरों में शामिल बिहार के आइपीएस अमित लोढ़ा ‘सुपर कॉप’ के रूप में भी जाने जाते हैं। उनकी यह छवि बिहार में क्रिमिनलों से लड़ते हुए बनी। लगभग 25 साल पहले का बिहार संगीन आपराधिक वारदातों के लिए बदनाम था। यहां से डाक्टर-इंजीनियर से लेकर बिजनसमैन तक, हर वर्ग के लोग पलायन कर रहे थे। ऐसे में राजस्थायन से आये दुबली-पतली काया के नौजवान 1997 बैच के आइपीएस अमित लोढ़ा यहां के क्रिमिनलों का एक-एक कर सफाया कर देंगे, ऐसी किसी ने कल्पोना तक नहीं की थी।
हिम्मत के साथ क्रिमिनलों से लिया लोहा
अमित लोढ़ा कहते हैं कि उन्होंाने बिहार के कुछ दोस्तों से राज्य के बारे में सुन रखा था, लेकिन हालात इतने खराब होंगे, ऐसा नहीं सोचा था। लोढ़ा कहते हैं कि उन्होंलने अपनी कर्मभूमि बिहार के लिए कुछ करने की सोची। बिहार में पोस्टिंेग भी क्राइम के गढ़ माने जाने वाले नालंदा, बेगूसराय, शेखपुरा, मुजफ्फरपुर और गया आदि जिलों में होती रही। लोढ़ा ने साल 2006 में शेखपुरा के गब्बर सिंह उपनाम से कुख्यायत अशोक महतो और उसके साथी पिंटू महतो को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। ऐसी हिम्मत तब के बड़े-बड़े पुलिस अफसर नहीं कर सके थे।
क्राइम कंट्रोल जीता जनता का भरोसा
एक निजी मीडिया से बातचीत में बिहार के एक्स डीजीपी एसके भारद्वाज कहते हैं कि बिहार में तब पुलिस के लिए कठिन हालात थे और अपराधी बेलगाम थे। लेकिन अमित लोढ़ा ने बेमिसाल काम किया। वे एक ईमानदार अफसर तो हैं हीं, साथ ही जनता के अफसर भी हैं। क्राइम कंट्रोल कर जनता का भरोसा जीतना उनकी बड़ी उपलब्धि रही।

डिप्रेशन में सुसाइड तक का आया ख्याल
अमित लोढ़ा आजकल सफल अफसर हैं, लेकिन उन्होंकने निराशा का ऐसा दौर भी झेला था, जब उनके मन में सुसाइड तक का ख्यारल आया था। अमित लोढ़ा आइआइटी दिल्लील से इंजीनियरिंग ग्रेजुएट हैं। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अमित लोढ़ा ने कहा था कि आइआइटी दिल्ली में जाकर पढ़ाई उनके जीवन का एक भयानक अनुभव था। आइआइटी में उनके ग्रेड खराब होने लगे, उन्होंने खुद को कमतर महसूस किया तथा डिप्रेशन का शिकार हो गए और सुसाइड करने तक की सोची। एक ऐसा भी समय आया, जब उन्होंने खुद को दुनिया सबसे अभागा आदमी समझा था।
पहले प्रयास में ही बने IPS
आइआइटी से पास होने के बाद अमित लोढ़ा ने यूपीएससी सिविल सेवा की तैयारी शुरू की। पहले प्रयास में ही आइपीएस बन गये। इसके साथ उनका खोया आत्मविश्वास लौटा। अमित के आइपीएस बनने के पीछे उनके नाना, जो एक आईएएस अफसर थे, की प्रेरणा अहम रही।
'बिहार डायरीज' पर बनी वेब सीरीज
अमित ने अपने 25 साल के पुलिस करियर को दो किताबों में निचोड़ कर रख दिया है। इनमें से ही एक किताब 'बिहार डायरीज' पर बालीवुड के डायरेक्टर नीरज पांडेय ने वेब सीरीज बनाने का फैसला किया। नेटफ्लिक्स पर रिलीज 'खाकी- द बिहार चैप्टर' यही वेब सीरीज है। इसमें अमित लोढ़ा की भूमिका में करण टैकर हैं। किताब को स्क्रीन प्ले की शक्ल देने वाले उमाशंकर सिंह बिहार के सहरसा के रहने वाले हैं।