कभी शागिर्द रहे सुधीर दुबे बन गया गैंगस्टर अखिलेश सिंह की जान का दुश्मन, पुलिस स्टेशन में DIG को देखकर रोने लगा,कहा- अब क्राइम से तौबा

जमशेदपुर पुलिस ने कुख्यात गैंगस्टर सुधीर दुबे को पंजाब के सिंगरूर जिले अरेस्ट करने के बाद ट्रांजिट रिमांड पर लायी है। पुलिस पूछताछ में  सुधीर ने बताया कि वह क्राइम की दुनिया को छोड़कर बिजनेस शुरू करने के लिए पंजाब में रह रहा था। कोल्हान डीआइजी राजीव रंजन सिंह ने सुधीर से कदमा पुलिस स्टेशन में पूछताछ की। भय के कारण वह डीआइजी को देखते ही रोने लगा।

कभी शागिर्द रहे सुधीर दुबे  बन गया गैंगस्टर अखिलेश सिंह की जान का दुश्मन, पुलिस स्टेशन में DIG को देखकर रोने लगा,कहा- अब क्राइम से तौबा

जमशेदपुर। जमशेदपुर पुलिस ने कुख्यात गैंगस्टर सुधीर दुबे को पंजाब के सिंगरूर जिले अरेस्ट करने के बाद ट्रांजिट रिमांड पर लायी है। पुलिस पूछताछ में  सुधीर ने बताया कि वह क्राइम की दुनिया को छोड़कर बिजनेस शुरू करने के लिए पंजाब में रह रहा था। कोल्हान डीआइजी राजीव रंजन सिंह ने सुधीर से कदमा पुलिस स्टेशन में पूछताछ की। भय के कारण वह डीआइजी को देखते ही रोने लगा।

गैंगस्टर ने डीआईजी से कहा कि अब वह क्राइम नहीं करेगा। कभी उसका नाम भी नहीं आयेगा।वह लकवाग्रस्त हो गया है।रिहाई के बाद जमशेदपुर भी नहीं आयेगा। सुधीर दुबे ने बताया कि गैंगस्टर अखिलेश सिंह ने उसे बक्सर से जमशेदपुर बुलाकर क्राइम कराया। काम हो जाने के बाद कभी पूछा तक नहीं। वह लकवाग्रस्त हो गया है। बेल भी उसे अपने पैसे से करानी पड़ी। कहा कि वह क्रशर और बालू का धंधा करने लगा तो उसमें भी अखिलेश सिंह ने हिस्सेदारी मांगी। रुपये के लिए विवाद किया गया। 
सुधीर का कहना है किअखिलेश सिंह से विवाद कन्हैया सिंह और हरीश सिंह के कारण हुआ। दोनों ने अखिलेश सिंह से नजदीकी बढ़ाने को उससे उसका विवाद करा दिया। तब उसने भी अपना गैंग तैयार कर लिया। उसने कहा कि भुइयांडीह गैंगवार में उसके अधिकांश हथियार जब्त किया जा चुके हैं। अब उसके पास आर्म्स नहीं है। गैंग में अखिलेश सिंह के कई विरोधी उसके साथ है। उसने फोन से फोन से रंगदारी वसूलने की भी जानकारी दी।
जमशेदपुर में बर्चस्व को लेकर गैंगवार
डीआइजी को बताया कि सोशल मीडिया में अखिलेश सिंह और उसके गैंगके गुर्गे एक-दूसरे के खिलाफ कमेंटस लिखते थे। गाली-गलौज होती थी। एक-दूसरे को देख लेने की धमकी दी जाती थी। सीतारामडेरा के नीतिबाग कालोनी में 29 अप्रैल 2020 को ऐसा ही कुछ हुआ था। अखिलेश सिंह की ओर से कन्हैया सिंह, हरीश सिंह और उसकी ओर से राजेश उर्फ कल्लू राय के बीच वर्चस्व को लेकर गैंगवार की घटना हुई।
सुधीर की गिरफ्तारी के बारे में सिटी एसपी ने दी जानकारी

एसपी सुभाष चंद्र जाट ने बिष्टूपुर पुलिस स्टेशन में मल्टीपरपज हॉल ने प्रेस कांफ्रेस कहा कि पूछताछ के क्रम में सुधीर ने स्वीकार किया कि उसके पंजाब में कई बिजनेसमैन से संबंध हैं। उसने बताया कि वह क्राइम की दुनिया को छोड़ना चाहता है। अगर अब उसके नाम से कोई रंगदारी मांग रहा है तो यह झूठ है। वह पुलिस से बचने के लिए पंजाब चला गया था और कहां बिजनेस कर रहा था।
नीतिबाग कॉलोनी गैंगवार मामले में था वोंटेड
सिटी एसपी ने बताया कि वर्ष 2020 की 29 अप्रैल को सीतारामडेरा पुलस स्टेशन एरिया के नीति बाग कॉलोनी में अखिलेश सिंह गैंग और सुधीर दुबे गैंग  के बीच गैंगवार हुआ था। इसमें अब तक कुल 34 क्रिमिनलों की अरेस्टिंग की जा चुकी हैं। सुधीर के अलावा अखिलेश गिरोह का हरीश सिंह फरार चल रहा था। पिछले कई दिनों से सुधीर की लोकेशन ट्रेस की जा रही थी। पंजाब में लोकेशन मिलने पर वह पकड़ा गया। मौके पर सुधीर के पास कोई आर्म्स बरामद नहीं हुआ। सिटी एसपी ने बताया कि हरीश सिंह की गिरफ्तारी के लिए रेड की जा रही है।
अखिलेश को जान से मारने के इरादे वाली बात गलत
एसपी ने बताया गया कि नीतिबाग कॉलोनी गैंगवार मामले में फेसबुक पर विवाद के बाद सुधीर ने ही अखिलेश गिरोह के कन्हैया सिंह और उसके साथियों को समझौते के लिए बुलाकर गोली मारने की योजना बनाई थी। हालांकि, सुधीर खुद मौके पर मौजूद नहीं था। वह शहर से फरार चल रहा था, पर पूरी घटना की प्लानिंग के पीछे वही था। हालांकि, अखिलेश सिंह को गोली मारने की प्लांनिग वाली बात से सुधीर ने साफ इनकार किया है।

20 मामलों का आरोपी है सुधीर
सिटी एसपी ने कहा कि सुधीर पर हत्या, रंगदारी और आर्म्स एक्ट के 20 मामले साकची, कदमा, सीतारामडेरा, गोलमुरी, परसूडीह और सोनारी आदि थानों में दर्ज हैं। वर्ष 2016 में सोनारी में हुए अमित सिंह हत्याकांड में आजीवन कारावास का सजायाफ्ता है। वह कोर्ट से बेल पर बाहर निकला था।

नीतीबाग गैंगवार में सात लोग हुए थे घायल
गैंगस्टर अखिलेश सिंह के कभी करीबी रहे सुधीर दुबे गैंग के बीच गैंगवार की घटना हुई थी. ताबड़तोड़ गोलियां अपराधियों ने चलाई थी। इसमें अखिलेश सिंह के करीबी कन्हैया सिंह समेत सात लोग घायल हुए थे।मामले में एक साल की लंबी फरारी के बाद सुधीर दुबे पकड़ा गया है। कभी गैंगस्टर अखिलेश सिंह का करीबी रहनेवाला सुधीर दुबे उससे अचानक में क्यों अलग हो गया, इतनी अदावत बढ़ गई कि दोनों अब एक-दूसरे को देखना नहीं चाहते जिसका परिणाम 29 अप्रैल 2020 को जमशेदपुर के भुइंयाडीह नीतिबाग कालोनी में गैंगवार बयां कर चुका है।अखिलेश सिंह गैंग पर सुधीर दुबे का गैंग भारी पड़ा था। अखिलेश के सात गुर्गे घटना घायल हो गए थे जिसके बाद से दुश्मनी और बढ़ गई।अखिलेश सिंह के लिए सुधीर दुबे चुनौती बनता चला गया।

अब सुधीर दुबे पुलिस की गिरफ्त में है। उससे यह पुलिस अखिलेश सिंह की मर्डर के लिए नागालैंड से खरीदे गये आर्म्स का पता नहीं लगा सकी है। पलामू के गैंगस्टर सुजीत सिन्हा ने सीआइडी रिमांड पर पूछताछ में बताया था कि गैंगस्टर अखिलेश सिंह की हत्या के लिए उसके ही गुर्गे रहे सुधीर दुबे ने योजना बनाई है। यह जानकारी उसे तब हुई थी जब सुधीर जेल में बंद था। योजना को अंजाम तक पहुंचाने के लिए सुधीर दुबे ने एक एके -47 और चार पिस्तौल (दो बरेटा एवं 200 जेड कंपनी) नागालैंड से साढ़े तीन-तीन लाख रुपये में मंगाये हैं। 
गरुग्राम से पकड़ा गया था अखिलेश
अखिलेश सिंह 11 अक्टूबर 2017 को गुरूग्राम से जमशेदपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वर्तमान में दुमका जेल में बंद है। लंबे समय के बाद सुधीर दुबे पुलिस की गिरफ्त में है। अखिलेश सिंह बिहार के बक्सर जिले के नगवा धनंजयपुर का निवासी है। वहीं सुधीर भी बक्सर के कृष्णा ब्रम्हापुर के ढकाइच का रहने वाला है।

अखिलेश सिंह की तरह ही सुधीर दुबे ने शहर में नया गैंग खड़ा कर दिया। उसने कदमा के राजीव राम, सिदगोड़ा एग्रिको के राहुल सिंह, बागबेड़ा के पंकज दुबे, परमजीत गैंग के सभी साथियों को अपने में मिला लिया। अखिलेश की तरह रंगदारी वसूली के जो धंधा है उसमें वह भी हिस्सेदार हो। इसी राह पर सुधीर दुबे ने गिरोह संचालित करना शुरू किया। नये रंगरूट, चोरी-छिनतई, वाहन चोरी और मारपीट में जेल जाने वाले को सुधीर दुबे ने अपने गैंग में शामिल किया।