‘ऑपरेशन कोतीनीर’ रहा सफल, में 15 लाख का इनामी सहदेव महतो ढेर, पत्नी नताशा समेत 4 माओवादी मारे गये

झारखंड के हजारीबाग में ‘ऑपरेशन कोतीनीर’ के तहत सुरक्षाबलों ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए 15 लाख के इनामी माओवादी सहदेव महतो समेत 4 नक्सलियों को मार गिराया। चाईबासा जेल ब्रेक के बाद से फरार सहदेव लंबे समय से सक्रिय था।

‘ऑपरेशन कोतीनीर’ रहा सफल, में 15 लाख का इनामी सहदेव महतो ढेर, पत्नी नताशा समेत 4 माओवादी मारे गये
‘ऑपरेशन कोतीनीर की जानकारी देते पुलिस अफसर।

रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड में नक्सल मोर्चे पर सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। हजारीबाग जिले के केरेडारी थाना क्षेत्र में चलाए गए विशेष अभियान ‘ऑपरेशन कोतीनीर’ के तहत 15 लाख के इनामी रीजनल कमांडर सहदेव महतो समेत चार कुख्यात माओवादियों को मार गिराया गया। मारा गया सहदेव महतो चाईबासा जेल ब्रेक के बाद से फरार था और लगातार नक्सली गतिविधियों में सक्रिय था।

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इस मुठभेड़ में उसकी पत्नी और सब-जोनल कमेटी सदस्य नताशा भी मारी गई। सुरक्षाबलों ने इसे हाल के वर्षों की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बताया है।

‘ऑपरेशन कोतीनीर’ पूरी तरह सफल

शुक्रवार को केरेडारी थाना क्षेत्र के बुंडू पंचायत स्थित नगडुआ के खपिया जंगल में कोती झरना के पास सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। इस अभियान में चार माओवादी मारे गए, जिनकी पहचान इस प्रकार हुई है:

मारे गये चारों माओवादियों की हुई पहचान
सहदेव महतो : रीजनल कमेटी सदस्य। यह 15 लाख का इनामी है और ग्राम कुठन, थाना केरेडारी, जिला हजारीबाग, झारखंड का निवासी है। इसके विरुद्ध कुल 41 मामले दर्ज हैं।

रंजीत गंझू : जोनल कमेटी सदस्य। यह दस लाख का इनामी है और ग्राम सतीटाड़, थाना लावालौंग, जिला चतरा, झारखंड का निवासी है। इसके विरुद्ध कुल नौ मामले दर्ज हैं।

नताशा : यह माओवादियों का सब जोनल कमेटी सदस्य है और मूल रूप से ग्राम थाईपरागढ़, जिला-गढ़चिरौली, महाराष्ट्र की निवासी है। इसके विरुद्ध कुल 17 मामले दर्ज हैं।

बुधन करमाली : यह माओवादियों का एरिया कमांडर है। इसपर राज्य सरकार ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। यह मूल रूप से ग्राम गोदवार, थाना टंडवा, जिला चतरा, झारखण्ड का निवासी है। इसके विरुद्ध कुल दस मामले दर्ज हैं, जिनमें 06 झारखंड व चार बिहार में दर्ज हैं।

अधिकारियों का दावा है कि इस कार्रवाई के बाद पारसनाथ, लुगूझुमरा, हजारीबाग और चतरा के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और एक बड़े दस्ते का सफाया हो गया है।

 ऐसे चला पूरा ऑपरेशन

खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस और केंद्रीय बलों ने संयुक्त रणनीति बनाई। जानकारी मिली थी कि भाकपा (माओवादी) का सशस्त्र दस्ता खपिया जंगल में किसी बड़ी वारदात की तैयारी में है। इसके बाद संयुक्त टीम गठित की गई, जिसमें शामिल थे:

209 कोबरा बटालियन
झारखंड जगुआर
जिला पुलिस बल

जैसे ही सुरक्षाबल मौके पर पहुंचे, दोपहर करीब 1 बजे माओवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में चारों माओवादी मारे गए। इसके बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें शवों के साथ हथियार और अन्य सामान बरामद किए गए।

भारी मात्रा में हथियार बरामद

मुठभेड़ स्थल से सुरक्षाबलों ने अत्याधुनिक हथियार बरामद किए, जिनमें शामिल हैं:

दो AK-47 राइफल
एक Colt AR-15 राइफल
एक INSAS राइफल
दैनिक उपयोग की सामग्री

बरामद हथियारों से साफ संकेत मिलता है कि माओवादी किसी बड़े हमले की फिराक में थे।

 चाईबासा जेल ब्रेक के बाद सक्रिय था सहदेव

रीजनल कमांडर सहदेव महतो चाईबासा जेल ब्रेक के बाद से फरार चल रहा था और झारखंड के कई जिलों में सक्रिय था। उसके खिलाफ हत्या, लूट, विस्फोट और अन्य गंभीर मामलों के कुल 41 केस दर्ज थे।

सुरक्षाबलों की अपील

रांची में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि बचे हुए माओवादी मुख्यधारा में लौटें और राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं।