धनबाद नगर निगम का अल्टीमेटम: 60 दिन में करा लें पुराने मकानों का नक्शा नियमित, वरना होगी कार्रवाई!

धनबाद नगर निगम ने पुराने बिना नक्शे वाले आवासीय और व्यवसायिक भवनों के नियमितीकरण के लिए 60 दिनों की समयसीमा तय की है। निर्धारित अवधि में आवेदन नहीं करने पर कार्रवाई हो सकती है और बीपीएएमएस पोर्टल बंद कर दिया जाएगा। जानिए नियम, शुल्क और शर्तें।

धनबाद नगर निगम का अल्टीमेटम: 60 दिन में करा लें पुराने मकानों का नक्शा नियमित, वरना होगी कार्रवाई!
धनबाद में बिना नक्शे वाले मकानों पर सख्ती।
  • धनबाद में पुराने मकानों का नक्शा कराएं नियमित

धनबाद (Threesocieties.com Desk): यदि आपके घर या व्यवसायिक भवन का नक्शा अब तक पास नहीं हुआ है, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। धनबाद नगर निगम (DMC) ने पुराने बिना नक्शा स्वीकृति वाले भवनों के नियमितीकरण के लिए 60 दिनों की समयसीमा तय कर दी है। निर्धारित अवधि के भीतर आवेदन नहीं करने वाले भवन स्वामी भविष्य में जांच, निरीक्षण और कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।

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नगर निगम की ओर से शनिवार को जारी अधिसूचना में साफ कहा गया है कि सरकार ने पूर्व में बिना सक्षम प्राधिकार से नक्शा स्वीकृति कराए बनाए गए आवासीय और व्यवसायिक भवनों को नियमित करने का विशेष प्रावधान किया है। इसके तहत भवन मालिकों को ऑनलाइन आवेदन कर अपने भवन को वैध कराने का अवसर दिया गया है।

60 दिन बाद बंद हो जाएगा रेगुलाइजेशन विकल्प

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, निर्धारित 60 दिनों की अवधि समाप्त होने के बाद बीपीएएमएस (BPAMS) पोर्टल पर रेगुलाइजेशन का विकल्प बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। यही वजह है कि भवन स्वामियों को जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है।

किन भवनों को मिलेगा लाभ?

नगर निगम द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार—

300 स्क्वायर मीटर तक की जमीन पर निर्मित भवन
जी प्लस टू (G+2) तक के आवासीय एवं व्यवसायिक भवन
अधिकतम 10 मीटर ऊंचाई तक के भवन

इन भवनों के मालिक अधिकृत लाइसेंस प्राप्त तकनीकी व्यक्ति (LTP) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

इन भवनों का नहीं होगा नियमितीकरण

सरकार ने स्पष्ट किया है कि कुछ श्रेणियों के भवन इस योजना के दायरे से बाहर रहेंगे। इनमें शामिल हैं—

CNT एक्ट का उल्लंघन कर बनाए गए मकान
सरकारी जमीन पर बने भवन
सड़क, पार्क, नदी, तालाब या सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण कर बनाए गए मकान
अवैध कब्जे वाली भूमि पर निर्मित भवन

ऐसे मामलों में नियमितीकरण का लाभ नहीं मिलेगा।

तीन आसान किस्तों में जमा करना होगा शुल्क

बिना नक्शे बने भवनों के नियमितीकरण के लिए सरकार ने शुल्क भी निर्धारित किया है। आवेदन करते समय कुल शुल्क का 50 प्रतिशत ऑनलाइन जमा करना होगा, जबकि शेष राशि तीन आसान किस्तों में जमा की जा सकेगी। शुल्क की न्यूनतम राशि इस प्रकार तय की गई है—

आवासीय भवन : न्यूनतम ₹10,000
व्यवसायिक भवन : न्यूनतम ₹20,000

नगर निगम का कहना है कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और ऑनलाइन बनाया गया है, ताकि भवन स्वामियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

कार्रवाई से बचने का आखिरी मौका

नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि यह योजना उन लोगों के लिए अंतिम अवसर की तरह है, जिन्होंने वर्षों पहले भवन तो बना लिया लेकिन नक्शा स्वीकृत नहीं कराया। भविष्य में यदि किसी जांच या सत्यापन के दौरान भवन अवैध पाया जाता है, तो संबंधित मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

इसलिए भवन स्वामियों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते आवश्यक दस्तावेज तैयार कर आवेदन प्रक्रिया पूरी करें, ताकि उनका भवन विधिसम्मत रूप से नियमित हो सके।